افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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अपराध

12 hadeeths in this category
#2937HadeethEnc[सह़ीह़]

उमर बिन खत्ताब- रज़ियल्लाहु अन्हु- ने लोगों से, किसी अत्याचार के नतीजे में गर्भपात के बारे में परामर्श किया

उमर बिन खत्ताब- रज़ियल्लाहु अन्ह- ने लोगों से, किसी अत्याचार के नतीजे में गर्भपात के बारे में परामर्श किया, तो मुग़ीरा बिन शोबा ने कहाः मैंने नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को इस मामले में, दियत के तौर पर एक दास अथवा दासी देने का निर्णय करते देखा है। उनकी बात सुनकर उमर-…

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#2940HadeethEnc[सह़ीह़]

हुज़ैल की दो महीलाऐं आपस में लड़ पड़ीं , तो एक ने दुसरी को पत्थर से मारा , जिस कारण वह मर गई और उसके पेट में बच्चा भी मर गया।

अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि हुज़ैल क़बीले की दो स्त्रियाँ आपस में लड़ पड़ीं और उनमें से एक ने दूसरे को पत्थर मारकर, उसकी तथा उसके गर्भ में पलने वाले बच्चे की हत्या कर दी। फिर वे नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास निर्णय के लिए पहुँचे, तो अल्लाह के रसूल…

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#2943HadeethEnc[सह़ीह़]

एक बच्ची का सर दो पत्थरों के बीच रखकर कुचला हुआ पाया गयाः

अनस बिन मालिक- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि एक बच्ची का सिर दो पत्थरों के बीच रखकर कुचला हुआ पाया गया, तो उससे कहा गया कि किसने तेरे साथ ऐसा किया है? क्या अमुक ने किया है? क्या अमुक ने किया है? यहाँ तक कि जब एक यहूदी का नाम आया, तो उसने सिर से इशारा किया कि हाँ। अतः,…

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#2950HadeethEnc[सह़ीह़]

कोई अपने भाई को ऐसे दांत से काटता है, जैसे साँड़ काटता है। तेरे लिए कोई दियत नहीं है।

इमरान बिन हुसैन- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- कहते हैं कि एक आदमी ने दाँत से एक आदमी का हाथ काट लिया। उसने अपना हाथ काटने वाले के मुँह से खींचा, तो उसके सामने के दाँत गिर गए। ऐसे में, दोनों नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास निर्णय के लिए आए। आपने फ़रमायाः "कोई अपने भाई को ऐ…

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#2989HadeethEnc[सह़ीह़]

यदि कोई व्यक्ति तुम्हारी अनुमति के बिना तुम्हें झाँके और तुम कंकड़ मारकर उसकी आँख फोड़ दो, तो तुम्हें कोई गुनाह न होगा

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#58194HadeethEnc[सह़ीह़]

कोई मुसलमान, जो इस बात की गवाही देता हो कि अल्लाह के सिवा कोई सच्चा माबूद (उपास्य) नहीं और मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- अल्लाह के रसूल हैं, उसका ख़ून केवल उसी समय हलाल होगा जब वह इन तीन लोगों में से कोई एक हो

आइशा -रज़ियल्लाहु अन्हा- से रिवायत है, वह कहती हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “कोई मुसलमान, जो इस बात की गवाही देता हो कि अल्लाह के सिवा कोई सच्चा माबूद (उपास्य) नहीं और मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- अल्लाह के रसूल हैं, उसका ख़ून केवल…

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#58198HadeethEnc[सह़ीह़]

मोमिनों का रक्त समान है तथा वह अपने शत्रुओं के विरुद्ध एक हाथ के समान हैं। उनके दिए गए सुरक्षा-वचन का पालन सबको करना पड़ेगा। सुन लो, किसी मोमिन को किसी काफ़िर के बदले में क़त्ल नहीं किया जाएगा और न किसी संधि के तहत रह रहे व्यक्ति को संधि काल के भीतर क़त्ल किया जाएगा। जिसने कोई अपराध किया उसका गुनाह उसी के ऊपर है। जिसने कोई अपराध किया या किसी अपराधी को पनाह दी, उसके ऊपर अल्लाह की, फ़रिश्तों की तथा तमाम लोगों की लानत है।

क़ैस बिन अब्बाद से वर्णित है, वह कहते हैं कि मैं तथा अश्तर, अली -रज़ियल्लाहु अन्हु- के पास गए तथा हमने कहा : क्या अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने आपको कोई ऐसी बात बताई है, जो आम लोगों को न बताई हो? उन्होंने फ़रमाया : नहीं, सिवाय उसके जो मेरी इस पुस्तिका में…

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#58199HadeethEnc[सह़ीह़]

कुछ ग़रीब लोगों के एक गुलाम ने कुछ अमीर लोगों के एक गुलाम का कान काट दिया। अतः, उसके घर वाले नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आए और कहने लगे कि ऐ अल्लाह के रसूल! हम निर्धन लोग हैं। चुनांचे आपने कोई जुर्माना नहीं लगाया।

इमरान बिन हुसैन -रज़ियल्लाहु अन्हु- से वर्णित है कि कुछ ग़रीब लोगों के एक गुलाम ने कुछ अमीर लोगों के एक गुलाम का कान काट दिया। अतः, उसके घर वाले नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आए और कहने लगे कि ऐ अल्लाह के रसूल! हम निर्धन लोग हैं। चुनांचे आपने कोई जुर्माना नहीं ल…

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#58200HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने आदेश दिया था कि जिसे कोई ज़ख़्म लगा हो, वह अपना ज़ख़्म ठीक होने से पहले क़िसास न ले। क़िसास तभी ले, जब उसका ज़ख़्म ठीक हो जाए।

अम्र बिन शुऐब से वर्णित है, वह अपने पिता से, तथा वह अपने दादा से रिवायत करते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने एक व्यक्ति के बारे में फैसला सुनाया, जिसके पाँव में किसी ने सींग से मारा था। निर्णय के दौरान उसने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व…

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#58201HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के बंदों में से कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो यदि अल्लाह पर क़सम खा लें, तो अल्लाह उसे पूरा कर देता है।

अनस (रज़ियल्लाह अन्हु) से वर्णित है कि उनकी फ़ूफ़ी रुबय्ये ने एक लड़की के सामने का एक दांत तोड़ दिया। उनके घर वालों ने उससे माफी माँगनी चाही, लेकिन लड़की के घर वालों ने माफ़ करने से इनकार कर दिया। फिर उन लोगों ने तावान देना चाहा, लेकिन उन्होंने इससे भी मना कर दिया। वे अ…

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#58202HadeethEnc[सह़ीह़]

जो क़त्ल किया गया हो, परन्तु उसके क़ातिल का पता न हो, या दो समुदाय के मध्य धनुष-बाण चले हों अथवा पत्थर बाजी हुई हो, या कोड़े चले हों और किसी का वध हो जाए, परन्तु वध करने वाले का पता न चले, तो उसकी दियत भूलवश वध करने की दियत होगी। लेकिन जिसने जान-बूझकर किसी का वध किया, तो उसे स्वयं दियत देनी पड़ेगी। याद रहे कि जो क़ातिल को दियत देने से रोकने रका कारण बना, उसपर अल्लाह की, फ़रिश्तों की तथा तमाम लोगों की लानत है।

अब्दुल्लाह बिन अब्बास -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से वर्णित है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “जो क़त्ल किया गया हो, परन्तु उसके क़ातिल का पता न हो, या दो समुदाय के मध्य धनुष-बाण चले हों अथवा पत्थर बाजी हुई हो, या कोड़े चले हों और किसी…

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