यदि इसके कत्ल में सनआ के सारे लोग संलिप्त होते, तो मैं सभी को (उसके बदले में) कत्ल कर देता।
अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से रिवायत है कि एक लड़के को धोखे से कत्ल कर दिया गया, तो उमर (रज़…
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अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से रिवायत है कि एक लड़के को धोखे से कत्ल कर दिया गया, तो उमर (रज़…
अम्र बिन शुऐब से वर्णित है, वह अपने पिता से वर्णन करते हैं, तथा वह अपने दादा से रिवायत करते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “जो किसी मोमिन को जान-बूझकर क़त्ल करेगा, उसे मृतक के घर वालों के हवाले किया जाएगा। वह चाहें तो उसे क़त्ल कर दें और च…
अब्दुल्लाह बिन अम्र -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से वर्णित है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मक्का विजय के दिन खुतबा (भाषण) दिया तथा फ़रमाया : “याद रहे, रक्त एवं धन से संबंधित जाहिलियत के समय की वह सारी बातें जो गौरवपूर्ण तरीक़े से बयान की जाती हैं और जिनके दा…
अब्दुल्लाह बिन अम्र -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से वर्णित है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “शिब्ह-ए-अमद (वह क़त्ल, जिसे जानबूझ-कर किए गए क़त्ल के समान माना गया है) की दियत क़त्ल-ए-अमद (जान-बूझकर किए गए क़त्ल) की तरह सख़्त है। लेकिन इसमें क़ातिल को क़त्ल नहीं…
अबू रिमस़ा -रज़ियल्लाहु अन्हु- से वर्णित है, वह कहते हैं कि मैं अपने पिता के साथ नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास गया। फिर अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मेरे पिता से फ़रमाया : “क्या यह तुम्हारा बेटा है?” उन्होंने कहा : हाँ, काबा के रब की क़सम। आपने फ…
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, वह कहते हैं कि मैंने अबुल क़ासिम (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को कहते हुए सुनाः "जिसने अपने दास अथवा दासी पर व्यभिचार का आरोप लगाया और वह उससे बरी है, उसे क़यामत के दिन कोड़े लगाए जाएँगे। हाँ, किंतु यदि बात वैसी ही हो, जैसी उसन…
अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "तुममें से कोई व्यक्ति अपने भाई की ओर हथियार से इशारा न करे। क्योंकि उसे नहीं पता कि शायद शैतान उसके हाथ में मौजूद हथियार को हरकत दे दे और फलस्वरूप वह जहन्नम के गढ़े मे…
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