افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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जिहाद

12 hadeeths in this category
#64620HadeethEnc[सह़ीह़]

मैंने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को देखा कि सफ़र के आरंभ में दुश्मन पर धावा बोलने वालों को,उनके भाग के अतिरिक्त (ख़ुम्स निकालने के बाद ग़नीमत के धन का) एक चौथाई भाग दिया और सफ़र से लौटते समय धावा बोलने वालों को उनके भाग के अतिरिक्त एक तिहाई दिया।

हबीब बिन मसलमा फ़ेहरी कहते हैंः मैंने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को देखा कि सफ़र के आरंभ में दुश्मन पर धावा बोलने वालों को,उनके भाग के अतिरिक्त (ख़ुम्स निकालने के बाद ग़नीमत के धन का) एक चौथाई भाग दिया और सफ़र से लौटते समय धावा बोलने वालों को उनके भाग के अतिरिक्त एक…

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#64621HadeethEnc[सह़ीह़]

हम अपनी लड़ाइयों में शहद और अंगूर प्राप्त करते, तो उसे खा लेते और तक़सीम के लिए अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास भेजते नहीं थे।

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#64622HadeethEnc[इसकी सनद सह़ीह़ है।]

हमने ख़ैबर के दिन खाने की वस्तुएँ प्राप्त कीं, तो (एक-एक) आदमी आता और अपनी ज़रूरत भर लेकर वापस हो जाता।

अब्दुल्लाह बिन अबू औफ़ा से रिवायत है कि उनसे पूछा गया कि क्या आप लोग अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के ज़माने में (खाने की वस्तुओं का) पाँचवाँ भाग निकालते थे? तो उन्होंने कहाः हमने ख़ैबर के दिन खाने की वस्तुएँ प्राप्त कीं, तो (एक-एक) आदमी आता और अपनी ज़रूरत भ…

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#64623HadeethEnc[ह़सन]

जो अल्लाह तथा आख़िरत के दिन पर ईमान रखता हो, वह मुसलमानों के फ़य (मुश्रिकों से बिना युद्ध किए प्राप्त होने वाला धन) के जानवर पर इस तरह सवार न हो कि जब उसे कमज़ोर कर दे, तो उसे फ़य में लौटा दे और जो अल्लाह तथा आख़िरत के दिन पर ईमान रखता हो, वह मुसलमानों के फ़य के किसी कपड़े को इस तरह न पहने कि जब उसे पुराना कर दे, तो वापस कर दे।

रुवैफ़े बिन साबित अंसारी का वर्णन है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "जो अल्लाह तथा आख़िरत के दिन पर ईमान रखता हो, वह मुसलमानों के फ़य (मुश्रिकों से बिना युद्ध के प्राप्त होने वाला धन) के जानवर पर इस तरह सवार न हो कि जब उसे कमज़ोर कर दे, तो उसे फ़य लौटा दे…

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#64624HadeethEnc[ह़सन]

मुसलमान अन्य लोगों के मुक़ाबले में एक हाथ की तरह हैं। उनका रक्त और उनका धन बराबर है। उनके निम्नतम व्यक्ति की दी हुई सुरक्षा भी इस लायक़ होती है कि सारे मुसलमान उसका सम्मान करें और मुसलमान (ग़नीमत का धन) अपने सबसे दूर में रहने वाले व्यक्ति को भी लौटाते हैं।"

अम्र बिन शुऐब अपने पिता से और वह अपने दादा से रिवायत करते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "मुसलमान अन्य लोगों के मुक़ाबले में एक हाथ की तरह हैं। उनका रक्त और उनका धन बराबर है। उनके निम्नतम व्यक्ति की दी हुई सुरक्षा भी इस लायक़ होती है कि सार…

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#64625HadeethEnc[सह़ीह़]

मैं यहूदियों और ईसाइयों को ज़रूर अरब द्वीप से निकाल दूँगा, यहाँ तक कि मुसलमानों के सिवा किसी को नहीं छोड़ूँगा।

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#64627HadeethEnc[ह़सन]

हम अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ ख़ैबर युद्ध में शरीक हुए, जहाँ हमें बकरियाँ मिलीं, तो अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने उसका कुछ भाग हमारे बीच बाँट दिया और शेष को माल-ए-ग़नीमत में जमा कर दिया।

अब्दुर रहमान बिन ग़न्म कहते हैंः हम शुरहबील बिन सिम्त के साथ क़िन्नसरीन नगर की सीमाओं में तैनात थे। जब उन्होंने उसपर विजय प्राप्त की, तो वहाँ बकरियाँ और गाएँ मिलीं, जिसका कुछ भाग हमारे बीच बाँट दिया और शेष को माल-ए-ग़नीमत में जमा कर दिया। फिर मैंने मुआज़ बिन जबल (रज़ियल…

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#64631HadeethEnc[सह़ीह़]

नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने ख़ालिद बिन वलीद को दूमतल जंदल के सरदार उकैदिर की ओर भेजा, जिसे गिरफ़तार करके आपके पास लाया गया, तो आपने उसके रक्त को सुरक्षित कर दिया और जिज़या लेकर उससे समझौता कर लिया।

अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अंहु) और उसमान बिन अबू सुलैमान (रज़ियल्लाहु अंहु) का वर्णन है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने ख़ालिद बिन वलीद को दूमतल जंदल के सरदार उकैदिर की ओर भेजा, जिसे गिरफ़तार करके आपके पास लाया गया, तो आपने उसके रक्त को सुरक्षित कर दिया और जिज़या…

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#64637HadeethEnc[स़ह़ीह़]

जो आदमी किसी 'मुआहद' (वह ग़ैरमुस्लिम, जिसके साथ मुसलमानों का शांति समझौता हो) को क़त्ल करेगा, वह जन्नत की ख़ुश्बू तक न पाएगा, जबकि जन्नत की ख़ुश्बू चालीस बरस की दूरी तक पहुँचती है।

अब्दुल्लाह बिन अम्र रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "जो आदमी किसी 'मुआहद' (वह ग़ैरमुस्लिम, जिसके साथ मुसलमानों का शांति समझौता हो) को क़त्ल करेगा, वह जन्नत की ख़ुश्बू तक न पाएगा, जबकि जन्नत की ख़ुश्बू चालीस बरस की दू…

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#64642HadeethEnc[सह़ीह़]

सुन लो, शक्ति से आशय तीरंदाज़ी है। सुन लो, शक्ति से आशय तीरंदाज़ी है। सुन लो, शक्ति से आशय तीरंदाज़ी है।

उक़बा बिन आमिर (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को मिंबर पर कहते हुए सुना हैः (तथा तुमसे जहाँ तक हो सके, उनके लिए शक्ति तैयार रखो।) [सूरा अल-अनफ़ालः 60] सुन लो, शक्ति से आशय तीरंदाज़ी है। सुन लो, शक्ति से आशय तीरंदाज़ी है। स…

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#65868HadeethEnc[स़ह़ीह़]

आख़िरी ज़माने में ऐसे लोग पैदा हो जाएँगे, जो कम उम्र और मानसिक रूप से अपरिपक्व होंगे। अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की अच्छी बात कहेंगे। इस्लाम से ऐसे निकल जाएँगे जैसे तीर शिकार से निकल जाता है।

अली -रज़ियल्लाहु अनहु- कहते हैं : जब मैं तुमसे अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के हवाले से बात करूँ, तो आकाश से गिर जाना मुझे इस बात से अधिक प्रिय है कि आपके हवाले से झूठ बोलूँ। और जब तुमसे अपने और तुम्हारे बीच बात करूँ, तो जान लो कि युद्ध धोखा है। मैंने अल्ला…

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