افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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#4936HadeethEnc[स़ह़ीह़]

बनी इसराईल का मार्गदर्शन नबीगण किया करते थे। जब एक नबी मृत्यु को प्राप्त हो जाता, तो उसके स्थान पर दूसरा नबी आ जाता। मगर मेरे बाद कोई नबी नहीं होगा। अलबत्ता, मेरे बाद बहुत सारे उत्तराधिकारी होंगे।

अबू हाज़िम से रिवायत है, वह कहते हैं : मुझे पाँच साल तक अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- के साथ बैठने का मौक़ा मिला। मैंने उनसे सुना है कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "बनी इसराईल का मार्गदर्शन नबीगण किया करते थे। जब एक नबी मृत्यु को प्राप्त हो…

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#4938HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ अल्लाह! जो व्यक्ति मेरी उम्मत के किसी मामले का ज़िम्मवार बने और उन्हें कठिनाई में डाले, तू भी उसे कठिनाई में डाल तथा जो व्यक्ति मेरी उम्मत के किसी मामले का ज़िम्मेदार बने और उनके साथ नर्मी करे, तू भी उसके साथ नर्मी कर।

आइशा- रज़ियल्लाहु अन्हा- कहती हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को कहते हुए सुनाः "ऐ अल्लाह! जो व्यक्ति मेरी उम्मत के किसी मामले का ज़िम्मदार बने और उन्हें कठिनाई में डाले, तू भी उसे कठिनाई में डाल तथा जो व्यक्ति मेरी उम्मत के किसी मामले का ज़िम्मेद…

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#4940HadeethEnc[सह़ीह़]

मैं अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ जा रहा था और आपके शरीर पर एक मोटे किनारे वाली नजरानी चादर थी। इसी बीच, आपको एक देहाती मिला और बड़े ज़ोर से चादर पकड़कर खींचा।

अनस- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि मैं अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ जा रहा था और आपके शरीर पर एक मोटे किनारे वाली नजरानी चादर थी। इसी बीच, आपको एक देहाती मिला और बड़े ज़ोर से चादर पकड़कर खींचा। मैंने देखा तो आपके कंधे पर ज़ोर से खींचने के कारण चादर…

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#4943HadeethEnc[सह़ीह़]

क्या मैं तुम्हें उस आदमी के बारे में न बताऊँ, जिसे जहन्नम पर हराम कर दिया जाएगा या कहा कि जिसपर जहन्नम हराम कर दी जाएगी? जहन्नम को हर आसानी करने वाले, नर्मी करने वाले और सरल-स्वभाव व्यक्ति पर हराम कर दिया जाएगा।

अब्दुल्लाह बिन मसऊद- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः क्या मैं तुम्हें उस आदमी के बारे में न बताऊँ, जिसे जहन्नम पर हराम कर दिया जाएगा या कहा कि जिसपर जहन्नम हराम कर दी जाएगी? जहन्नम को हर आसानी करने वाले, नर्मी करने…

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#4944HadeethEnc[स़ह़ीह़]

जब रमज़ान के अंतिम दस दिन आते, तो अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- रातों को जागते, अपने घर के लोगों को जगाते, ख़ूब इबादतें करते और कमर कस लेते।

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#4945HadeethEnc[सह़ीह़]

वह जहन्नम में है। अतः, लोग उसे देखने गए, तो पाया कि उसने ग़नीमत के मााल का एक काली धारियों वाला कपड़ा चुरा रखा था।

अब्दुल्लाह बिन अम्र (रज़ियल्लाहु अंहुमा) कहते हैं कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने किरकिरा नामी एक व्यक्ति को सामान की देख-भाल के लिए रखा था। जब वह मर गया, तो अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया कि वह जहन्नम में है। अतः, लोग उसे देखने गए, तो पाया कि…

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#4946HadeethEnc[सह़ीह़]

निश्चय अल्लाह ने मुझे एक शरीफ़ बंदा बनाया है। मुझे अभिमानी और विद्वेषी नहीं बनाया है।

अब्दुल्लाह बिन बुस्र (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैं कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास एक प्याला था, जिसे 'ग़र्रा' कहा जाता था। उसे चार आदमी मिलकर उठाते थे। जब चाश्त का समय होता और सहाबा चाश्त की नमाज़ पढ़ लेते, तो उस प्याले को (उसमें सरीद तैयार करके) उठाकर लाया जाता…

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#4947HadeethEnc[स़ह़ीह़]

मेरी उम्मत के सारे लोग जन्नत में प्रवेश करेंगे, सिवाय उसके, जो इनकार करेगा

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "मेरी उम्मत के सारे लोग जन्नत में प्रवेश करेंगे, सिवाय उसके, जो इनकार करेगा।" कहा गया कि ऐ अल्लाह के रसूल! भला इनकार कौन करेगा? तो फ़रमाया : "जो मेरे आदेशों का पालन करेगा, वह…

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#4948HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के ज़माने में हम लोग चलते-फिरते खा लेते थे और खड़े होकर पी लेते थे।

अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्लाहु अंहुमा) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के ज़माने…

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#4949HadeethEnc[सह़ीह़]

भला मुझे चैन कैसे मिल सकता है, जबकि सूर में फूँक मारने पर नियुक्त फ़रिश्ते ने सूर को अपने मुँह से लगा रखा है और अनुमति की प्रतीक्षा में है। जैसे ही फूँक मारने की अनुमति प्राप्त होगी, वह फूँक मार देंगे।

अबू सईद ख़ुदरी (रज़ियल्लाहु अंहु) से वर्णित है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "भला मुझे चैन कैसे मिल सकता है, जबकि सूर में फूँक मारने पर नियुक्त फ़रिश्ते ने सूर को अपने मुँह से लगा रखा है और अनुमति की प्रतीक्षा में है। जैसे ही फूँक मारने की अनुमति प्राप्त…

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#4950HadeethEnc[स़ह़ीह़]

क़यामत के दिन किसी बंदे के पांव उस समय तक नहीं हिलेंगे, जब तक उसकी आयु के बारे में न पूछ लिया जाए कि उसे किस काम में लगाया और उसके ज्ञान के बारे में न पूछ लिया जाए कि उससे क्या किया तथा उसके धन के बारे में न पूछ लिया जाए कि उसे कहाँ से कमाया और कहाँ खर्च किया और उसके शरीर के बारे में न पूछ लिया जाए कि उसे कहाँ खपाया?

अबू बरज़ा असलमी रज़ियल्लाहु अनहु से वर्णित है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "क़यामत के दिन किसी बंदे के पांव उस समय तक नहीं हिलेंगे, जब तक उसकी आयु के बारे में न पूछ लिया जाए कि उसे किस काम में लगाया और उसके ज्ञान के बारे में न पूछ…

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