افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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फ़ज़ीलतें तथा आदाब

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#66232HadeethEnc[ह़सन]

आनंद को समाप्त करने वाली चीज़ का ज़िक्र अधिक से अधिक करो।" यानी मौत का।

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़र…

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#66233HadeethEnc[ह़सन]

बेशक मुझे सदाचार को पूर्ण रूप देने के लिए भेजा गया है।

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़र…

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#66234HadeethEnc[स़ह़ीह़]

सात प्रकार के लोग ऐसे हैं, जिनको अल्लाह उस दिन अपने अर्श के नीचे छाया देगा, जिस दिन उसकी छाया के अतिरिक्त कोई छाया नहीं होगी

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "सात प्रकार के लोग ऐसे हैं, जिनको अल्लाह उस दिन अपने अर्श के नीचे छाया देगा, जिस दिन उसकी छाया के अतिरिक्त कोई छाया नहीं होगी : न्यायकारी शासनकर्ता, अल्लाह की इबादत में…

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#66251HadeethEnc[ह़सन लि-ग़ैरिही (अन्य सनदों अथवा रिवायतों के साथ मिलकर ह़सन)]

उस व्यक्ति के पास (संपूर्ण) ईमान नहीं, जिसके पास अमानतदारी न हो और उस व्यक्ति के पास (संपूर्ण) दीन नहीं, जो वचन का पालन न करता हो।

अनस बिन मालिक -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने हमें जब भी संबोधित किया, तो यह बात ज़रूर फ़रमाई : "उस व्यक्ति के पास (संपूर्ण) ईमान नहीं, जिसके पास अमानतदारी न हो और उस व्यक्ति के पास (संपूर्ण) दीन नहीं, जो वचन का…

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#66252HadeethEnc[स़ह़ीह़]

क्या मैं तुम्हें उस चीज़ के बारे में न बताऊँ, जो श्रेणी में रोज़ा, नमाज़ और सदक़ा से भी उत्तम है?

अबू दरदा रज़ियल्लाहु अन्हु का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया है : "क्या मैं तुम्हें उस चीज़ के बारे में न बताऊँ, जो श्रेणी में रोज़ा, नमाज़ और सदक़ा से भी उत्तम है?" सहाबा ने कहा : अवश्य। तो आपने फ़रमाया : "आपसी मामलों का सुध…

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#66254HadeethEnc[स़ह़ीह़]

क्या मैं तुम्हें यह न बताऊँ कि तुममें से अच्छा कौन है और बुरा कौन?

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अन्हु का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम कुछ बैठे हुए लोगों के पास खड़े हुए, तो फ़रमाया : "क्या मैं तुम्हें यह न बताऊँ कि तुममें से अच्छा कौन है और बुरा कौन?" यह सुनकर लोग चुप रहे, तो आपने यह बात तीन बार कही। फिर एक व्यक्ति ने…

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#66271HadeethEnc[स़ह़ीह़]

जिस व्यक्ति ने अपने भाई से 'ऐ काफ़िर' कहा, उसके द्वारा प्रयोग किए गए इस शब्द का हक़दार उन दोनों में से एक बन गया। अगर उसकी बात सही है, तो ठीक है। अगर सही नहीं है, तो उसकी कही हुई बात उसी की ओर लौट आएगी।

अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अनहुमा- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "जिस व्यक्ति ने अपने भाई से 'ऐ काफ़िर' कहा, उसके द्वारा प्रयोग किए गए इस शब्द का हक़दार उन दोनों में से एक बन गया। अगर उसकी बात सही है, तो ठीक ह…

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#66284HadeethEnc[स़ह़ीह़]

सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह ने कहा है : "आदम की संतान मुझे कष्ट देती है। वह ज़माने को गाली देती है। जबकि मैं ही ज़माने (का मालिक) हूँ। मामला मेरे हाथ में है, मैं ही रात और दिन को पलटता हूँ।

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह ने कहा है : "आदम की संतान मुझे कष्ट देती है। वह ज़माने को गाली देती है। जबकि मैं ही ज़माने (का मालिक) हूँ। मामला मेरे हाथ मे…

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#66294HadeethEnc[स़ह़ीह़]

तुम ऐसे लोगों के घरों में रोते हुए प्रवेश करो, जिन्होंने अपने ऊपर अत्याचार किए हैं। कहीं ऐसा न हो कि तुम्हें भी उसी प्रकार के अज़ाब का सामना करना पड़ जाए, जिस प्रकार के अज़ाब का सामना उन्हें करना पड़ा है।

अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अनहुमा- का वर्णन है, वह कहते हैं : हम लोग अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के साथ हिज्र से गुज़रे, तो अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने हम लोगों से फ़रमाया : "तुम ऐसे लोगों के घरों में रोते हुए प्रवेश करो, जिन्होंने अपने…

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#66382HadeethEnc[स़ह़ीह़]

फ़ितने दिलों पर चटाई की तीलियों की तरह एक के बाद एक आते रहते हैं

हुज़ैफ़ा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं : हम लोग उमर -रज़ियल्लाहु अनहु- के पास मौजूद थे कि इसी दौरान उन्होंने पूछा : आपमें से किसने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को फ़ितनों का ज़िक्र करते हुए सुना है? कई लोगों ने कहा : हमने आपको ऐसा कहते हुए सुन…

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#66511HadeethEnc[स़ह़ीह़]

“सारे कार्यों के प्रतिफल का आधार नीयतों पर है और प्रत्येक व्यक्ति को उसकी नीयत के अनुरूप ही परिणाम मिलेगा।

अमीरुल मोमिनीन अबू हफ़्स उमर बिन ख़त्ताब रज़ियल्लाहु अनहु कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को कहते हुए सुना है : “सारे कार्यों के प्रतिफल का आधार नीयतों पर है और प्रत्येक व्यक्ति को उसकी नीयत के अनुरूप ही परिणाम मिलेगा। अतः, जिसने अल्लाह और उसके…

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