मैं कैसे चैन से रह सकता हूँ, जबकि सूर फूँकने पर नियुक्त फ़रिश्ते ने सूर को मुँह से लगा रखा है और (सूर फूँकने की तैयारी के तौर पर) अपनी पेशानी को झुका रखा है और आदेश की प्रतीक्षा में कान लगा रखा है कि आदेश मिलते ही सूर फूँक दे
अबू सईद ख़ुदरी (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: मैं कैसे चैन से रह सकता हूँ, जबकि सूर फूँकने पर नियुक्त फ़रिश्ते ने सूर को मुँह से लगा रखा है और (सूर फूँकने की तैयारी के तौर पर) अपनी पेशानी को झुका रखा है और आदेश की प्…

