ऐ अल्लाह के रसूल! क्या बात है कि लोगों ने उमरा करने के बाद एहराम खोल दिया है और आपने उमरा के बाद एहराम नहीं खोला? तो आपने फ़रमायाः मैंने अपने बाल जमा लिए थे और क़ुर्बानी के जानवरों को निशान लगा दिए थे। अतः, जब तक कुर्बानी न कर लूँ, एहराम नहीं खोल सकता।
अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की पत्नी हफ़सा- रज़ियल्लाह अन्हा- का वर्णन है कि उन्होंने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल! क्या बात है कि लोगों ने उमरा करने के बाद एहराम खोल दिया है और आपने उमरा के बाद भी एहराम नहीं खोला? तो आपने फ़रमायाः मैंने अपने बाल जमा लिए थे और क़ु…

