افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह

12 hadeeths in this category
#3600HadeethEnc[सह़ीह़]

अगर तुमने उसे अपने मामा लोगों को दे दिया होता, तो अधिक सवाब मिलता

मुसलमानों की माता मैमूना बिंत हारिस- रज़ियल्लाहु अन्हा- का वर्णन है कि उन्होंने अल्लाह के नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को बताए बिना अपनी एक दासी को मुक्त कर दिया। फिर जब उनकी बारी का दिन आया, जब आप उनके पास आते थे, तो कहा कि ऐ अल्लाह के रसूल, क्या आपको पता है कि मैंने…

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#3628HadeethEnc[सह़ीह़]

उसे दे दो, क्योंकि तुम्हारे अंदर सबसे उत्तम व्यक्ति वह है, जो सबसे अच्छे तरीके से उधार चुकाने वाला हो

अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि एक व्यक्ति अल्लाह के नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास अपने क़र्ज़ का तकाजा करने के लिए आया और आपके साथ अशिष्ट व्यवहार कर डाला। उसका व्यवहार देख सहाबा ने उसे मारने का इरादा कर लिया। परन्तु, अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलै…

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#3652HadeethEnc[स़ह़ीह़]

मैंने आइशा रज़ियल्लाहु अनहा से पूछा कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- जब घर आते, तो सबसे पहले कौन-सा काम करते थे? उन्होंने उत्तर दिया : आप सबसे पहले मिसवाक किया करते थे।

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#3653HadeethEnc[सह़ीह़]

तो सुनो, उसका धन वह है, जो उसने आगे भेज दिया और उसके वारिस का धन वह है, जो उसने पीछे छोड़ दिया

अब्दुल्लाह बिन मसऊद- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "तुममें से किसे अपने धन की तुलना में अपने वारिस का धन अधिक प्रिय है?" सहाबा ने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल, हममें से हर व्यक्ति को अपना धन अधिक प्रिय है। यह सुनकर आपने फ़…

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#3655HadeethEnc[सह़ीह़]

सुबह से पहले वित्र पढ़ने में जल्दी करो

अब्दुल्लाह बिन उमर- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से रिवायत है कि अल्लाह के नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़र…

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#3697HadeethEnc[सह़ीह़]

तीन आदमी ऐसे हैं, जिनको दोगुना सवाब मिलेगा। एक वह अह्ले किताब जो अपने नबी पर ईमान लाया और फिर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर ईमान लाया, दूसरा वह ग़ुलाम जो अल्लाह का और अपने मालिकों का हक़ अदा करता रहा और तीसरा वह व्यक्ति, जिसके पास कोई दासी हो, फिर वह उसे शिष्टाचार सिखाए और अच्छी तरह सिखाए तथा शिक्षा दे और अच्छी से अच्छी शिक्षा दे और आज़ाद करके शादी कर ले, तो उसके लिए भी दोगुना सवाब है।

अबू मूसा अशअरी- रज़ियल्लाहु अन्हु- से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: "तीन आदमी ऐसे हैं, जिनको दोगुना सवाब मिलेगा। एक वह अह्ले किताब (यहूदी और ईसाई) जो अपने नबी पर ईमान लाया और फिर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर ईमान लाया। दूसरा…

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#3707HadeethEnc[सह़ीह़]

तुमसे पहले के लोगों में से एक व्यक्ति का हिसाब लिया गया, तो उसके पास कोई भी पुण्यकर्म नहीं मिला। मिला तो बस इतना कि वह एक धनी व्यक्ति था, लोगों के साथ मामला करता था और अपने सेवकों को आदेश देता था कि जो क़र्ज़ अदा करने में असमर्थ हो, उसे क्षमा कर दें। अतः, अल्लाह ने कहाः हम उसकी तुलना में इसे क्षमा कर देने के अधिक हक़दार हैं, जाओ, उसे माफ़ कर दो।

अबू मसऊद बदरी- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "तुमसे पहले की कौमों में से किसी कौम के एक व्यक्ति का हिसाब लिया गया, तो उसके पास कोई भी पुणित कर्म नहीं मिला। मिला तो बस इतना कि वह एक धनी व्यक्ति था, लोगों के साथ मामला…

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#3713HadeethEnc[सह़ीह़]

बनू सलमा! तुम अपने अस्ल घरों ही में रहो, तुम्हारे क़दमों के निशान लिखे जाएँगे। तुम अपने अस्ल घरों ही में रहो, तुम्हारे क़दमों के निशान लिखे जाएँगे।

जाबिर- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि बनू सलमा ने अपने रहने का स्थान बदलकर मस्जिदे नबवी के निकट आ जाने का इरादा कर लिया। इसकी सूचना अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को मिली, तो फ़रमायाः "मुझे यह सूचना मिली है कि तुम मस्जिद के निकट आ जाना चाहते हो।" उन्होंने कहा…

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#3714HadeethEnc[स़ह़ीह़]

अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के यहाँ एक व्यक्ति के बारे में बताया गया कि वह रात को सुबह होने तक सोया रहा। यह सुनकर आपने कहा : "वह एक ऐसा व्यक्ति है कि शैतान ने पेशाब कर दिया जिसके दोनों कानों में, या फ़रमाया: जिसके कान में।

अब्दुल्लाह बिन मसऊद रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं : अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के यहाँ एक व्यक्ति के बारे में बताया गया कि वह रात को सुबह होने तक सोया रहा। यह सुनकर आपने कहा : "वह एक ऐसा व्यक्ति है कि शैतान ने पेशाब कर दिया जिसके दोनों कानों मे…

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#3717HadeethEnc[ह़सन]

अल्लाह उस व्यक्ति पर दया करे, जो रात को उठे, नमाज़ पढ़े और अपनी पत्नी को जगाए। यदि वह इनकार करे, तो उसके चेहरे पर पानी छिड़के। अल्लाह उस स्त्री पर दया करे, जो रात को उठे, नमाज़ पढ़े और अपनी पति को जगाए। यदि वह इनकार करे, तो उसके चेहरे पर पानी छिड़के

अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "अल्लाह उस व्यक्ति पर दया करे, जो रात को उठे, नमाज़ पढ़े और अपनी पत्नी को जगाए। यदि वह इनकार करे, तो उसके चेहरे पर पानी छिड़के। अल्लाह उस स्त्री पर भी दया करे, जो रात को उठे…

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#3723HadeethEnc[ह़सन]

अल्लाह के रास्ते में युद्ध करो क्योंकि जिसने दो-एक क्षणों के लिए भी अल्लाह के रास्ते में युद्ध किया, उसके लिए जन्नत वाजिब हो गई

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथियों में से एक व्यक्ति एक घाटी से गुज़र रहा था। वहाँ एक छोटा-सा मीठे जल का स्रोत था, जो उसे पसंद आ गया। उसने मन ही मन में सोचा, यदि लोगों से अलग हो गया और इस घाटी में रुक गया तो अ…

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