ऐ आइशा! उठो और वित्र पढ़ो।
आइशा- रज़ियल्लाहु अन्हा- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) रात को तहज्जुद की नमाज़ पढ़ते और वह आपके आगे सोई हुई होतीं। जब वित्र बाकी रह जाती तो उन्हें जगाते और वह वित्र पढ़तीं। तथा एक रिवायत में हैः जब वित्र बाकी रहती तो कहतेः ऐ आइशा! उठो और वित्र…

