افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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#65034HadeethEnc[ह़सन]

जब अल्लाह ने जन्नत एवं जहन्नम को पैदा किया, तो जिबरील अलैहिस्सलाम

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु से वर्णित है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : जब अल्लाह ने जन्नत एवं जहन्नम को पैदा किया, तो जिबरील अलैहिस्सलाम को जन्नत की ओर भेजा और फ़रमाया : जन्नत को और जन्नत के अंदर जन्नत वासियों के लिए मैंने जो कुछ तैयार किया है,…

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#65035HadeethEnc[स़ह़ीह़]

क़यामत के दिन मौत को एक चितकबरे मेंढे

अबू सईद ख़ुदरी रज़ियल्लाहु अन्हु से वर्णित है, उन्होंने कहा कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया है : "क़यामत के दिन मौत को एक चितकबरे मेंढे के रूप में लाया जाएगा। फिर एक आवाज़ देने वाला आवाज़ देगा : ऐ जन्नत वासियो! चुनांचे वे ऊपर नज़र उठाकर देखेंगे। आव…

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#65036HadeethEnc[स़ह़ीह़]

तुम्हारी आग जहन्नम की आग के सत्तर भागों में से एक भाग है

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अन्हु से वर्णित है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "तुम्हारी आग जहन्नम की आग के सत्तर भागों में से एक भाग है।" किसी ने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! यही तो काफ़ी थी। आपने कहा : "जहन्नम की आग को तुम्हारी आग पर उनहत्तर भाग अधिक किय…

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#65037HadeethEnc[स़ह़ीह़]

हमें अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने, जो कि सच्चे थे और जिनकी सच्चाई सर्वमान्य थी, बताया है : तुममें से हर व्यक्ति की सृष्टि-सामग्री उसकी माँ के पेट में चालीस दिनों वीर्य के रूप में एकत्र की जाती है

अब्दुल्लाह बिन मसऊद रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है : "हमें अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने, जो कि सच्चे थे और जिनकी सच्चाई सर्वमान्य थी, बताया है : तुममें से हर व्यक्ति की सृष्टि-सामग्री उसकी माँ के पेट में चालीस दिनों वीर्य के रूप में एकत्र की जाती है। फिर इतन…

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#65038HadeethEnc[स़ह़ीह़]

अल्लाह ने सृष्टियों की तक़दीरें आकाशों एवं धरती की रचना से पचास हज़ार वर्ष पहले लिख दी थीं

अब्दुल्लाह बिन अम्र रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है, वह कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को कहते हुए सुना है : "अल्लाह ने सृष्टियों की तक़दीरें आकाशों एवं धरती की रचना से पचास हज़ार वर्ष पहले लिख दी थीं। फरमाया : उस समय अल्लाह का अर्श पानी पर था।…

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#65039HadeethEnc[स़ह़ीह़]

हर चीज़ तक़दीर के अनुसार सामने आती है, यहाँ तक कि अक्षमता तथा सक्षमता भी या सक्षमता तथा अक्षमता भी।

ताऊस का वर्णन है, उन्होंने कहा : मैंने अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के कुछ साथियों को पाया, वे कहते थे कि हर चीज़ तक़दीर के अनुसार सामने आती है। ताऊस कहते हैं कि मैंने अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ियल्लाहु अनहुमा को कहते हुए सुना है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि…

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#65040HadeethEnc[स़ह़ीह़]

जब अल्लाह किसी बंदे के बारे में निर्णय करता है कि वह किस ज़मीन में मृत्यु पाएगा, तो वहाँ उसकी ज़रूरत रख देता है।

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#65044HadeethEnc[स़ह़ीह़]

और मैं साद बिन अबी बक्र नामी क़बीले से ताल्लुक़ रखता हूँ।

अनस बिन मालिक रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, उन्होंने कहा : एक बार हम मस्जिद में नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के साथ बैठे हुए थे कि इतने में ऊँट पर सवार होकर एक व्यक्ति आया और अपने ऊँट को मस्जिद में बिठाकर बाँध दिया, फिर पूछने लगा कि तुममें से मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व…

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#65045HadeethEnc[स़ह़ीह़ लि-ग़ैरिही (अन्य सनदों अथवा रिवायतों से मिलकर स़ह़ीह़)]

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने किसी चीज़ का ज़िक्र किया और फ़रमाया : "यह उस समय होगा, जब ज्ञान चला जाएगा

ज़ियाद बिन लबीद रज़ियल्लाहु अनहु से वर्णित है, उन्होंने कहा : अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने किसी चीज़ का ज़िक्र किया और फ़रमाया : "यह उस समय होगा, जब ज्ञान चला जाएगा।" मैंने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! ज्ञान कैसे चला जाएगा, जबकि हम क़ुरआन पढ़ रहे हैं, अपने बच्चो…

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#65046HadeethEnc[स़ह़ीह़]

अह्ल-ए-किताब की न तो पुष्टि करो और न उनको झुठलाओ। बस इतना कहो : {हम अल्लाह पर ईमान लाए और उसपर जो हमारी ओर उतारा गया।}

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, उन्होंने कहा: अह्ल-ए-किताब तौरात इबरानी भाषा में पढ़ते और मुसलमानों के लिए अरबी भाषा में उसकी व्याख्या करते थे। इस संदर्भ में अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "अह्ल-ए-किताब की न तो पुष्टि करो और न उनको झुठलाओ।…

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#65047HadeethEnc[स़ह़ीह़]

ज्ञान इसलिए न अर्जित करो कि उलेमा से बहस कर सको और अज्ञान लोगों से झगड़ सको

जाबिर बिन अब्दुल्लाह रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "ज्ञान इसलिए न अर्जित करो कि उलेमा से बहस कर सको और अज्ञान लोगों से झगड़ सको। इसके द्वारा सभाओं में श्रेष्ठ स्थानों पर क़ब्ज़ा न करो। जिसने ऐसा किया, उसका ठिकना जह…

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