افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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Prophetic Hadeeth Encyclopedia

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#10954HadeethEnc[सह़ीह़]

हुनैन में हमने अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के संग ग़ज़वा (युद्ध) किया, जब शत्रु से हमारी मुठभेड़ हुई तो मैं एक टीले पर चढ़ गया, शत्रुओं में से एक आदमी मेरे सामने आया, तो मैंने उसको तीर मारा किंतु वह मुझ से छुप गया, फिर मुझे पता नहीं उस का क्या हुआ।

सलमा बिन अकवा- रज़ियल्लाहु अन्हु- से वर्णित है, वह कहते हैं कि हुनैन में हमने अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के संग ग़ज़वा (युद्ध) किया, जब शत्रु से हमारी मुठभेड़ हुई तो मैं एक घाटी पर चढ़ गया, शत्रुओं में से एक आदमी मेरे सामने आया, तो मैंने उसको तीर मारा किं…

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#10955HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने अपना हाथ मेरे मुख पर फेरा तथा मेरे लिए दुआ की, तो वह एक सौ बीस साल तक जीवित रहे और उन के सिर में केवल कुछ ही बाल सफेद थे।

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#10956HadeethEnc[ह़सन]

मुझे कभी आँख आई (नेत्र-शोथ हुई) और न ही कभी सिर में दर्द हुआ जब से अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मेरे चेहरे को पोंछा था, और मेरी आँखों में थुका था (और ऐसा) ख़ैबर के दिन (हुआ था) जब आप ने मुझे झंडा दिया था।

अली बिन अबू तालिब- रज़ियल्लाहु अन्हु- से वर्णित है वह कहते हैंः मुझे कभी आँख आई (नेत्र-शोथ हुई) और न ही कभी सिर में दर्द हुआ जब से अल्लाह के रसूल - सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मेरे चेहरे को पोंछा था, और मेरी आँखों में थुका था (और ऐसा) ख़ैबर के दिन (हुआ था) जब आप ने मुझ…

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#10957HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ अबा ह़िज़यम, तुम्हें कौन सी बात यहाँ खींच लाई है?

ह़न्ज़ला बिन ह़िज़यम से वर्णित है कि उनके दादा ह़नीफा ने ह़िज़यम से कहाः मेरे बेटों को जमा करो, मैं उन्हें वसीयत करना चाहता हूँ, उन्होंने उन लोगों को जमा किया, तो (ह़नीफा) ने कहाः सर्वप्रथम मैं जिस चीज की वसीयत करता हूँ वह यह है कि मेरी देखरेख में पलने वाले इस अनाथ के ल…

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#10958HadeethEnc[सह़ीह़]

मैं क़तादा बिन मिलह़ान के पास उनकी मृत्यु के समय था उसी समय उनके घर के काफी दूर से एक व्यक्ति गुजरा, तो मैंने उस व्यक्ति के गुजरने को क़तादा के चेहरे में देखा,जब मैंने उनको देखा तो ऐसा प्रतीत हुआ जैसे उन के मुख पर तेल मल दिया गया हो।

अबुल अला बिन उमैर- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि मैं क़तादा बिन मिलह़ान के पास उनकी मृत्यु के समय था उसी समय उनके घर के काफी दूर से एक व्यक्ति गुजरा, तो मैंने उस व्यक्ति के गुजरने को क़तादा के चेहरे में देखा, जब मैंने उनको देखा तो ऐसा प्रतीत हुआ जैसे उनके मुख पर तेल मल…

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#10959HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की आत्मा उस समय निकाली गई जब आप का सिर मेरी गोद व सीने के बीच में था, जब आप की रूह निकली उस समय निकलने वाली सुगंध से उत्तम सुगंध की अनुभूति मेैंने कभी नहीं पाया।

आयशा- रज़ियल्लाहु अन्हा- से वर्णित है वह कहती हैं किः अल्लाह के रसूल - सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की आत्मा…

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#10960HadeethEnc[सह़ीह़]

यज़ीद बिन असवद ने नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के संग सुबह (फज्र) की नमाज़ पढ़ी, फिर लोग शीघ्रता से आगे बढ़े तथा आप के हाथ को पकड़ कर अपने मुख पर फेरने लगे, वह कहते हैंः मैंने भी आप के हाथ को पकड़ कर अपने मुख पर फेरा, तो मैंने आप के हाथ को बर्फ से ठंडा तथा मुश्क से अधिक सुगंधित पाया।

यज़ीद बिन असवद- रज़ियल्लाहु अन्हु- से वर्णित है कि उन्होंने नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के संग सुबह (फज्र) की नमाज़ पढ़ी, फिर लोग शीघ्रता से आगे बढ़े तथा आप के हाथ को पकड़ कर अपने मुख पर फेरने लगे, वह कहते हैंः मैंने भी आप के हाथ को पकड़ कर अपने मुख पर फेरा, तो मैंने…

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#10961HadeethEnc[सह़ीह़]

नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- हमारे पास आए तथा दोपहर के समय हमारे यहाँ ही सो गए और आप के शरीर से पसीना निकलने लगा तो मेरी माता शीशी लेकर आईं तथा उस पसीने को शीशी मे जमा करने लगीं।

अनस बिन मालिक- रज़ियल्लाहु अन्हु- से वर्णित है वह कहते हैं कि नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- हमारे पास आए तथा दोपहर के समय हमारे यहाँ ही सो गए और आप के शरीर से पसीना निकलने लगा तो मेरी माता शीशी लेकर आईं तथा उस पसीने को शीशी मे जमा करने लगीं, नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्…

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#10962HadeethEnc[सह़ीह़]

जब उन्होंने नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को स्नान कराया तो उस चीज की खोज शुरू की जो आम तौर से मृत व्यक्ति के शरीर से निकलती है (अर्थात पैशाब पैखाना इत्यादि) पर उन्होंने कुछ भी नहीं पाया तो बोलेः आप पर मेरे बाप कुर्बान जाएं, आप जीवित थे तब भी पाक थे और मृत्युप्राप्त हुए तब भी पाक हैं।

अली बिन अबू तालिब -रज़ियल्लाहु अन्हु- से वर्णित है, वह कहते हैं कि जब उन्होंने नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को स्नान कराया तो उस चीज की खोज शुरू जो आम तौर से मृत व्यक्ति के शरीर से निकलती है (अर्थात पैशाब पैखाना इत्यादि) और उन्होंने कुछ भी नहीं पाया तो बोलेः आप पर मेर…

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#10963HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ! मेरा भान्जा बीमार है, तो आपने मेरे सिर पर हाथ फेरा और मेरे लिए बरकत की दुआ फरमायी । फिर आपने वुज़ू फरमाया और मैंने आपके वुज़ू का बचा हुआ पानी पी लिया । फिर मैं आपकी पीठ के पीछे खड़ा हुआ और नबूवत की मोहर को देखा जो आपके दोनों कंधों के बीच फ़ाख्ता के अंडे की तरह थी।

जाद से रिवायत है वह कहते हैं कि मैंने साइब बिन यज़ीद रज़ियल्लाहु अन्हु को कहते हुए सुना है, उन्होंने फ़रमाया कि मेरी ख़ाला मुझे नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास ले गयीं और कहा कि ऐ अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ! मेरा भान्जा बीमार है, तो आपने मेरे सर पर हाथ…

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#10964HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मुझ से कहा कि मेरे समीप आओ तो मैं आप के समीप गया।

अबू ज़ैद अन्सारी- रज़ियल्लाहु अन्हु- से रिवायत है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मुझ से कहा कि मेरे समीप आओ तो मैं आप के समीप गया, आप ने कहा अपने हाथ मेरे कुर्ते के अंदर डाल कर मेरी पीठ पर फेरो, वह कहते हैंः मैंने अपना हाथ आप- सल्लल्लाहु अल…

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#10965HadeethEnc[सह़ीह़]

क्या अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने आप के लिए क्षमा की प्रार्थना की, फ़रमायाः हाँ,और मैं तुम्हारे लिए भी। फिर यह आयत पढ़ीः وَاسْتَغْفِرْ لِذَنْبِكَ وَلِلْمُؤْمِنِينَ وَالْمُؤْمِنَاتِ ( अपने लिए तथा मोमिन मर्दों और मोमिन महीलाऔं के पापों के लिये क्षमा की प्रार्थना करो)।

अब्दुल्लाह बिन सरजिस से वर्णित है वह कहते हैं कि मैंने नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को देखा है तथा आप के साथ रोटी व मांस का सेवन किया है अथवा कहा कि स़रीद (मालीदा)। वह कहते हैं, मैंने उन से पूछाः क्या अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने आप के लिए क्षमा की प्र…

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