افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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शरई आदाब

12 hadeeths in this category
#8925HadeethEnc[सह़ीह़]

बर्तनों को ढाँप दो, मशक़ीज़ों के मुख बांध दो और दरवाज़े बंद कर दो तथा चिराग़ बुझा दो, क्योंकि शैतान मशकीज़ों के बंधन खोल नहीं सकता और न ही दरवाज़े खोल सकता है और न बर्तन का ढक्कन हटा सकता है

जाबिर (रज़ियल्लाहु अनहु) से मरफ़ूअन वर्णित है: बर्तनों को ढाँप दो, मशकीज़ों के मुख बांध दो, दरवाज़े बंद कर दो तथा चिराग़ बुझा दो, क्योंकि शैतान मशकीज़ों के बंधन खोल नहीं सकता और न ही दरवाज़े खोल सकता है और न बर्तन का ढक्कन हटा सकता है। यदि कोई कुछ भी न पाए, तो बर्तन पर…

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#8934HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ लोगो! जिसे किसी बात का ज्ञान हो वह उस बात को कहे और जिसे ज्ञान न हो वह कहे: अल्लाह ही अधिक जानता है, क्योंकि जिसे नहीं जानता उसके बारे में यह कहना कि अल्लाह अधिक जानता है, यह भी ज्ञान है

मसरूक़ कहते हैं कि हम लोग अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ियल्लाहु अनहु) के पास गए, तो उन्होंने फ़रमाया: ऐ लोगो! जिसे किसी बात का ज्ञान हो वह उस बात को कहे और जिसे ज्ञान न हो वह कहे: अल्लाह ही अधिक जानता है, क्योंकि जिसे नहीं जानता उसके बारे में यह कहना कि अल्लाह अधिक जानता है,…

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#8961HadeethEnc[सह़ीह़]

बुख़ार को गाली मत दो, क्योंकि वह आदम की संतान के पापों को उसी प्रकार ख़त्म कर देता है, जैसे लोहार की धौंकनी लोहे के ज़ंग को ख़त्म कर देती है

जाबिर (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम), उम्मे साइब अथवा उम्मे मुसैयिब (रज़ियल्लाहु अनहा) के पास गए और फ़रमाया: ऐ उम्मे साइब अथवा उम्मे मुसैयिब! क्या बात है, काँप रही हो? उन्होंने कहा: बुख़ार है, अल्लाह उसमें बरकत न दे। आपने फ़रमाय…

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#8962HadeethEnc[सह़ीह़]

मुनाफ़िक़ को सैयद (आक़ा, सरदार) मत कहो, क्योंकि यदि वह सैयद है, तो तुमने अपने रब को नाराज़ किया

बुरैदा (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: मुनाफ़िक़ को…

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#10101HadeethEnc[स़ह़ीह़]

मुसलमान वह है, जिसकी ज़बान और हाथ से मुसलमान सुरक्षित रहें और मुहाजिर वह है, जो अल्लाह की मना की हुई चीज़ें छोड़ दे।

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#10103HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने (खाने के बाद) उँगलियों तथा प्लेट को चाट लेने का आदेश दिया है तथा फ़रमाया है: तुम नहीं जानते कि भोजन के किस अंश में बरकत है।

जाबिर बिन अब्दुल्लाह (रज़ियल्लाहु अनहुमा) का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने (खाने के बाद) उँगलियों तथा प्लेट को चाट लेने का आदेश दिया है तथा फ़रमाया है: तुम नहीं जानते कि भोजन के किस अंश में बरकत है। एक रिवायत में है: जब तुममें से किसी का निवाल…

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#10110HadeethEnc[इसकी सनद सह़ीह़ है।]

तुम्हारे यहाँ रोज़ेदार इफ़तार किया करें, तुम्हारा खाना नेक लोग खाएँ और फ़रिश्ते तुम्हारे लिए दुआ करें

अनस (रज़ियल्लाहु अनहु) का वर्णन है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) साद बिन उबादा (रज़ियल्लाहु अनहु) के यहाँ पहुँचे, तो उन्होंने रोटी और तेल पेश किया। आपने उसे खाया और यह दुआ फ़रमाई : "أفْطَرَ عِنْدَكُمُ الصَّائِمُونَ؛ وَأكَلَ طَعَامَكُمُ الأَبرَارُ، وَصَلَّت…

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#10118HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह ज्ञान को लोगों से छीनकर नहीं उठाएगा, बल्कि वह ज्ञान को बंदों से उलेमा को मौत देकर उठाएगा

अब्दुल्लाह बिन अम्र बिन आस (रज़ियल्लाहु अनहुमा) से रिवायत है, वह कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को फ़रमाते हुए सुना है: अल्लाह ज्ञान को लोगों से छीनकर नहीं उठाएगा, बल्कि वह ज्ञान को बंदों से उलेमा को मौत देकर उठाएगा। यहाँ तक कि जब कोई आलिम (…

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#10848HadeethEnc[सह़ीह़]

तुमने स्वप्नफल कुछ सही बताया है और कुछ ग़लत।

अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) से रिवायत है, वह बयान करते थे कि एक व्यक्ति अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आया और बोला : मैंने रात को स्वप्न में एक बादल देखा, जिससे घी एवं मधु टपक रहा था। मैंने देखा कि लोग उसमें से लप भर-भर कर ले रहे थे। को…

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