तुम्हारा रास्तों में बैठने से क्या लेना- देना है? रास्तों में बैठने से बचो
अबू तलहा ज़ैद बिन सह्ल (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि हम घरों के सामने के बरामदों में बैठे हुए बातें कर रहे थे कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) आए और हमारे सामने खड़े होकर आपने फ़रमाया: तुम्हारा रास्तों में बैठने से क्या लेना- देना है? रास्तों में बैठने से ब…

