افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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Prophetic Hadeeth Encyclopedia

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#8301HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ अल्लाह के रसूल! क्या हम क़यामत के दिन अपने रब को देख सकेंगे? आपने कहा : “जब आसमान साफ हो तो क्या सूरज और चाँद को देखने में तुम्हें कोई कठिनाई होती है?”

अबू सईद खुदरी (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, वह कहते हैं कि हमने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! क्या हम क़यामत के दिन अपने रब को देख सकेंगे? आपने कहा : “जब आसमान साफ हो तो क्या सूरज और चाँद को देखने में तुम्हें कोई कठिनाई होती है?” हमने कहा : नहीं। आपने फ़रमाया : “उस दिन तु…

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#8303HadeethEnc[सह़ीह़]

चिकित्सक तो अल्लाह ही है। तुम केवल एक नर्म दिल व्यक्ति हो। उसका उपचारक वही है, जिसने उसे पैदा किया है।

अबू रमसा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि उन्होंने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से कहा : यह जो आपकी पीठ में है, उसे आप मुझे दिखाएँ, क्योंकि मैं एक चिकित्सक हूँ। यह सुन आपने फ़रमाया : “चिकित्सक तो अल्लाह ही है। तुम केवल एक नर्म दिल व्यक्ति हो। उसका उपचारक वही है, जि…

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#8304HadeethEnc[सह़ीह़]

मूसा (अलैहिस्सलाम) और ख़ज़िर की घटना

सईद बिन जुबैर (रहिमहुल्लाह) कहते हैं कि मैंने अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) से कहा : नौफ़ बकाली कहता है कि यह मूसा (ख़ज़िर की कहानी में जिनका वर्णन है) बनी इसराईल वाले मूसा नहीं हैं, बल्कि एक और मूसा हैं! इसपर उन्होंने कहा : अल्लाह के शत्रु ने झूठ कहा है।…

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#8305HadeethEnc[ह़सन]

शैतान ने कहा : ऐ रब! तेरी इज़्ज़त की क़सम! जब तक तेरे बंदों के शरीर में प्राण रहेंगे, तब तक मैं उन्हें गुमराह करने का प्रयत्न करता रहूँगा। रब ने कहा : मेरी इज़्ज़त और जलाल की क़सम! जब तक वे क्षमा माँगते रहेंगे, तब तक मैं उन्हें क्षमा करता रहूँगा।

अबू सईद ख़ुदरी (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : “शैतान ने कहा : ऐ रब! तेरी इज़्ज़त की क़सम! जब तक तेरे बंदों के शरीर में प्राण रहेंगे, तब तक मैं उन्हें गुमराह करने का प्रयत्न करता रहूँगा। रब ने कहा : मेरी इज़्ज़त और जलाल की…

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#8307HadeethEnc[स़ह़ीह़]

क्या तुम मुझे विश्वासपात्र नहीं समझते, जबकि मैं उसका विश्वासपात्र हूँ, जो आकाश के ऊपर है तथा मेरे पास सुबह-शाम ऊपर की सूचना आती है?

तथा अबू सईद खुदरी -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं : अली बिन अबू तालिब -रज़ियल्लाहु अनहु- ने नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास यमन से सोने का एक अपरिशोधित टुकड़ा भेजा, जो चर्मशोधन की प्रक्रिया से गुज़रे हुए एक चमड़े में लिपटा हुआ था। वर्णनकर्ता का बयान है…

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#8308HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह से भय करो और अपनी पत्नी को अपने पास रोके रखो।

अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, वह कहते हैं कि ज़ैद बिन हारिसा (रज़ियल्लाहु अन्हु) शिकायत लेकर आए, तो नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : “अल्लाह से भय करो और अपनी पत्नी को अपने पास रोके रखो।” अनस (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि यदि अल्लाह के रसू…

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#8310HadeethEnc[सह़ीह़]

मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को देखा कि इस आयत को पढ़ते समय अपनी दो उँगलियों को (कान और आँख पर) रख रहे थे।

अबू यूनुस सलीम बिन जुबैर मौला अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि मैंने अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) को देखा कि उन्होंने यह आयत : {निस्संदेह अल्लाह तुम्हें इस बात का आदेश देता है कि तुम अमानतों को उनके हक़दारों तक पहुँचा दो और जब लोगों के बीच निर्णय करो, तो न्य…

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#8311HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ अल्लाह, ऐ जिबराईल, मीकाईल तथा इसराफ़ील के रब! आकाश तथा धरती को बनाने वाले और हाज़िर और ग़ायब की ख़बर रखने वाले! तू ही अपने बंदों के मतभेदों का निर्णय करने वाला है, मुझे अपनी अनुमति से जिसके प्रति मतभेद हो गया है, उसमें सत्य की राह दिखा। निश्चय तू जिसे चाहता है उसे सही रास्ता दिखाता है।

अबू सलमा बिन अब्दुर रहमान बिन औफ़ कहते हैं कि मैंने उम्मुल मोमिनीन आइशा (रज़ियल्लाहु अन्हा) से पूछा कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब रात में तहज्जुद की नमाज़ के लिए खड़े होते, तो क्या कहकर नमाज़ प्रारंभ करते? आइशा (रज़ियल्लाहु अन्हा) ने कहा : आप (सल्लल्लाहु अलैहि व…

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#8312HadeethEnc[सह़ीह़]

जहन्नम निरंतर कहता रहेगा कि क्या इससे अधिक है? यहाँ तक कि सर्वशक्तिमान अल्लाह उसमें अपना पैर रख देगा, तो कहेगा : तेरी इज़्जत की क़सम! बस काफ़ी है, बस काफ़ी है! फिर जहन्नम ख़ुद में सिमट जाएगा।

अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : “जहन्नम निरंतर कहता रहेगा कि क्या इससे अधिक है? यहाँ तक कि सर्वशक्तिमान अल्लाह उसमें अपना पैर रख देगा, तो कहेगा : तेरी इज़्जत की क़सम! बस काफ़ी है, बस काफ़ी है! फिर जहन्नम ख़ुद…

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#8313HadeethEnc[सह़ीह़]

जहन्नम और जन्नत के बीच बहस व तकरार हो गई। जहन्नम ने कहा : मुझे तुम्हारे ऊपर यह श्रेष्ठता प्राप्त है कि मेरे अंदर अभिमानियों और ज़ालिमों का निवास होगा। इसपर जन्नत ने कहा : मेरा क्या है, मेरे अंदर तो केवल कमज़ोर, निम्न स्तर के और बुद्धिहीन लोग ही दाख़िल होंगे।

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : “जहन्नम और जन्नत के बीच बहस व तकरार हो गई। जहन्नम ने कहा : मुझे तुम्हारे ऊपर यह श्रेष्ठता प्राप्त है कि मेरे अंदर अभिमानियों और ज़ालिमों का निवास होगा। इसपर जन्नत ने कहा : मेरा क्…

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