افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
Islamic Reads · HadeethEnc

Prophetic Hadeeth Encyclopedia

Search and read verified Prophetic hadeeth translations, explanations, benefits, categories and source attribution.

Content source:HadeethEnc.com·Version 1.59.0
2,314hadeeths
Advanced search

Search the Hadeeth Encyclopedia

Smart instant results tolerate minor spelling mistakes, with every filter in one place.

12hadeeths
Clear filters
Categories

हैज़, निफ़ास एवं इसतिहाज़ा

12 hadeeths in this category
#3029HadeethEnc[स़ह़ीह़]

यह एक रग का रक्त है। केवल उतने ही दिन नमाज़ छोड़ो, जितने दिन इससे पहले माहवारी आया करती थी। फिर स्नान कर लो और नमाज़ पढ़ो।

मोमिनों की माता आइशा रज़ियल्लाहु अनहा का वर्णन है कि फ़ातिमा बिंत अबू हुबैश रज़ियल्लाहु अनहा ने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से फ़तवा पूछा। उन्होंने कहा : मैं अति रजस्राव की शिकार हूँ तथा कभी पाक नहीं हो पाती। ऐसे में क्या मैं नमाज़ छोड़ दूँ? आपने कहा : "नहीं…

Read hadeeth 4Views 0Cards 0Shares
Share
#3046HadeethEnc[सह़ीह़]

उम्मे हबीबा (रज़ियल्लाहु अंहा) सात साल तक इस्तिहाज़ा (वह रक्त जो स्त्री को माहवारी के अतिरिक्त बीमारी के कारण आता है) का शिकार रहीं। अतः, रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से उसके बारे में पूछा, तो आपने उन्हें आदेश दिया कि स्नान कर लें।

आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) से रिवायत है, वह कहती हैंः उम्मे हबीबा (रज़ियल्लाहु अंहा) सात साल तक इस्तिहाज़ा (वह रक्त जो स्त्री को माहवारी के अतिरिक्त बीमारी के कारण आता है।) की शिकार रहीं। अतः, रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से उसके बारे में पूछा, तो आपने उन्हें आदेश…

Read hadeeth 3Views 0Cards 0Shares
Share
#3449HadeethEnc[सह़ीह़]

क्या बात है कि माहवारी वाली स्त्री छूटे हुए रोज़े बाद में रख लेती है, लेकिन छूटी हुई नमाज़ें बाद में नहीं पढ़ती? उन्होंने कहाः क्या तू हरूरिया है? मैंने कहाः नहीं, मैं हरूरिया तो नहीं हूँ, लेकिन पूछ्ना चाहती हूँ। तब उन्होंने कहाः हमें इस स्थिति से गुज़रना पड़ता, तो हमें छूटे हुए रोज़ों को बाद रख लेने का आदेश दिया जाता, लेकिन छूटी हुई नमाज़ों को बाद में पढ़ने का आदेश नहीं दिया जाता था।

मुआज़ा कहती हैं कि मैंने आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) से पूछाः क्या बात है कि माहवारी वाली स्त्री छूटे हुए रोज़े बाद में रख लेती है, लेकिन छूटी हुई नमाज़ें बाद में नहीं पढ़ती? उन्होंने कहाः क्या तू हरूरिया है? मैंने कहाः नहीं, मैं हरूरिया तो नहीं हूँ, लेकिन पूछ्ना चाहती हूँ।…

Read hadeeth 3Views 0Cards 0Shares
Share
#3478HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) मेरी गोद में टेक लगाकर क़ुरआन पढ़ा करते थे, जबकि मैं मासिक धर्म के समय में होती थी।

आइशा- रज़ियल्लाहु अन्हा- का वर्णन है, वह कहती हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) मेरी गोद मे…

Read hadeeth 3Views 0Cards 0Shares
Share
#8372HadeethEnc[सह़ीह़]

वह उसे खुर्चेगी, फिर पानी से रगड़कर साफ़ करेगी, फिर धोएगी और उसी में नमाज़ पढ़ेगी।

असमा बिंत अबू बक्र -रज़ियल्लाहु अनहा- कहती हैं कि एक स्त्री नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आई और बोली कि बताएँ कि यदि हममें से किसी स्त्री के कपड़े में माहवारी का ख़ून लग जाए, तो वह क्या करे? आपने फ़रमाया : “वह उसे खुर्चेगी, फिर पानी से रगड़कर साफ़ करेगी, फिर धोए…

Read hadeeth 3Views 0Cards 0Shares
Share
#10008HadeethEnc[ह़सन]

(नमाज़) की क़जा नहीं करेगी। अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की बीवियाँ निफ़ास की दशा में चालीस रात तक बैठी रहतीं, लेकिन अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) उन्हें निफ़ास के समय की छूटी हुई नमाज़ें पढ़ने का आदेश नहीं देते थे

कसीर बिन ज़ियाद कहते हैं कि मुझे अज़्दिया अर्थात मुस्सा ने बताया कि मैंने तर्क किया और उम्मे सलमा (रज़ियल्लाहु अनहा) के पास गई और उनसे मैंने कहा: ऐ उम्मुल मोमिनीन! समुरा बिन जुनदुब महिलाओं को माहवारी ख़ून की दशा की नमाज़ की कज़ा का आदेश देते हैं, तो आपने कहा: (नमाज़ की)…

Read hadeeth 2Views 0Cards 0Shares
Share
#10012HadeethEnc[सह़ीह़]

वह अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से रिवायत करते हैं कि आपने उस व्यक्ति के बारे में, जो अपनी पत्नी से माहवारी के दिनों में संभोग करे, फ़रमाया: वह एक दीनार या आधा दीनार सदक़ा करे

Read hadeeth 3Views 0Cards 0Shares
Share
#10013HadeethEnc[सह़ीह़]

यहूदियों का मामला यह था कि जब उनके बीच किसी स्त्री को माहवारी आती, तो न उसके साथ खाते- पीते और न घरों में साथ रहते थे

अनस (रज़ियल्लाहु अनहु) से रिवायत है, वह कहते हैं: यहूदियों का मामला यह था कि जब उनके बीच किसी स्त्री को माहवारी आती, तो न उसके साथ खाते- पीते और न घरों में साथ रहते थे। अतः, अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथियों ने आपसे इसके संबंध में पूछा, तो अल्लाह तआला…

Read hadeeth 2Views 0Cards 0Shares
Share
#10014HadeethEnc[स़ह़ीह़]

हम (मासिक धर्म से) पाक होने के बाद मटमैले और पीले रंग के पानी को कुछ शुमार नहीं करती थीं।

उम्म-ए-अतिय्या रज़ियल्लाहु अनहा, जिन्होंने अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के हाथ पर बैअत की थी,…

Read hadeeth 3Views 0Cards 0Shares
Share
#10015HadeethEnc[स़ह़ीह़]

तुम उतने दिन नमाज़ से रुकी रहो, जितने दिन तुम्हारा मासिक धर्म तुम्हें नमाज़ से रोकता था, फिर स्नान कर लिया करो।

मुसलमानों की माता आइशा रज़ियल्लाहु अनहा का वर्णन है, वह कहती हैं : "अब्दुर्रहमान बिन औफ़ की पत्नि उम्म-ए-हबीबा बिन्त जह्श रज़ियल्लाहु अनहा ने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से (मासिक धर्म के बाद भी) रक्त जारी रहने की शिकायत की, तो आपने फ़रमाया : "तुम उतने दिन न…

Read hadeeth 3Views 0Cards 0Shares
Share
#10016HadeethEnc[ह़सन]

ऐ अल्लाह के रसूल! मैं एक ऐसी स्त्री हूँ, जिसे लंबे समय तक अत्यधिक मात्रा में मासिक धर्म का रक्त आता है। अतः, इस संबंध में आपकी क्या राय है? इसने मुझे नमाज़ तथा रोज़े से रोक रखा है। आपने फ़रमाया: मैं तुम्हें रुई प्रयोग करने की सलाह देता हूँ, इससे रक्त जाता रहेगा। उन्होंने कहा: रक्त इससे कहीं अधिक आता है

हमना बिन्त जह्श (रज़ियल्लाहु अनहा) कहती हैं: मुझे लंबे समय तक तथा अत्यधिक मात्रा में मासिक धर्म का रक्त आता था। अतः, मैं अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास फ़तवा पूछने और आपको इससे अवगत करने के लिए पहुँची। आप मुझे मेरी बहन ज़ैनब बिन्त जह्श (रज़ियल्लाहु अनह…

Read hadeeth 3Views 0Cards 0Shares
Share
#10017HadeethEnc[सह़ीह़]

सुब्हानल्लाह! यह शैतान की ओर से है। वह एक टब में बैठ जाए और जब पानी के ऊपर पीलापन देखे, तो ज़ुहर तथा अस्र के लिए एक स्नान करे और मग़रिब तथा इशा के लिए एक स्नान करे एवं फ़ज्र के लिए एक स्नान करे और इसके बीच की अवधि में वज़ू करती रहे

असमा बिन्त उमैस (रज़ियल्लाहु अनहा) से वर्णित है, वह कहती हैं कि मैंने कहा: ऐ अल्लाह के रसूल! फ़ातिमा बिन्त अबू हुबैश (इतने और इतने दिनों से) इस्तिहाज़ा (यौनिक रक्तस्राव जो मासिक धर्म के सिवा अन्य दिनों में नज़र आए) की शिकार हैं और (इस दरमियान) नमाज़ नहीं पढ़ सकी हैं। यह…

Read hadeeth 4Views 0Cards 0Shares
Share

Shopping Basket

Loading...