Prophetic Hadeeth Encyclopedia
Search and read verified Prophetic hadeeth translations, explanations, benefits, categories and source attribution. Page 96.
Search the Hadeeth Encyclopedia
Smart instant results tolerate minor spelling mistakes, with every filter in one place.
कुत्ते की क़ीमत नापाक है, वेश्या की कमाई नापाक है और सिंगी लगाने वाले की कमाई नापाक है।
राफ़े बिन खदीज (रज़ियल्लाहु अंहुमा) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः कु…
क्या तुम समझते हो कि मैंने तुम्हारा ऊँट लेने के लिए उसका मूल्य कम लगाया है? तुम अपना ऊँट और अपने दिर्हम ले लो। सब तुम्हारा है।
जाबिर बिन अब्दुल्लाह (रज़ियल्लाहु अंहुमा) कहते हैं कि वह एक ऊँट पर सवार होकर चल रहे थे कि ऊँट थक गया और उन्होंने उसे छोड़ देने का मन बना लिया। परन्तु, इसी बीच अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) मुझसे आ मिले और मेरे लिए दुआ की तथा उस ऊँट को मारा। सो, वह ऐसे चलने लग…
मैंने राफ़े बिन खदीज से सोने-चाँदी (अर्थात नकदी) के बदले भूमि किराए पर लेने के बारे में पूछा तो फ़रमायाः इसमें कोई हर्ज नहीं है।
हंज़ला बिन क़ैस कहते हैं कि मैंने राफ़े बिन खदीज से सोने-चाँदी (अर्थात नकदी) के बदले भूमि ठेके पर लेने के बारे में पूछा तो फ़रमायाः इसमें कोई हर्ज नहीं है। अस्ल में, अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के ज़माने में लोग नहरों के किनारों में होने वाली और पानी के ना…
अल्लाह से, आज़माइश की कठिनाई, दुर्भाग्य का शिकार होने, तक़दीर के अप्रिय निर्णय और कठिनाई में देखकर शत्रुओं के खुश होने से अल्लाह की शरण माँगा करो।
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अंहु) अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से वर्णन करते हैं कि आपने फ़रमायाः अल्लाह से आज़माइश की कठिनाई, दुर्भाग्य का शिकार होने, तक़दीर के अप्रिय निर्णय और कठिनाई में देखकर शत्रुओं के खुश होने से अल्लाह की शरण माँगा करो। एक रिवायत में है क…
अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को अज़्ल (संभोग के समय वीर्य-स्खलन से पहले लिंग को बाहर निकाल लेना ताकि अंदर स्खलन न हो) के बारे में बताया गया तो फ़रमायाः तुममें से कोई ऐसा क्यों करता है? क्योंकि, जो भी जान पैदा होने वाली है, अल्लाह उसे पैदा करके रहेगा।
अबू सईद खुदरी (रज़ियल्लाहु अंहु) से वर्णित है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को अज़्ल (संभोग के समय वीर्य-स्खलन से पहले लिंग को बाहर निकाल लेना ताकि अंदर स्खलन न हो) के बारे में बताया गया तो फ़रमायाः तुममें से कोई ऐसा क्यों करता है? (आपने यह नहीं फ़रमाया क…
अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने पाँच वसक़ या उससे कम में अ़राया क्रय-विक्रय अर्थात सूखी खुजूरों के बदले में पेड़ पर लगे हुए ताज़ा खुजूरों को अनुमान लगाकर खरीदने की अनुमति दी है। (वसक़, तोलने में एक विशेष भार को इंगित करने वाला एक विशेष प्रकार का माप है, जो तकरीबन 130.56 किलोग्राम का होता है, इस प्रकार पाँच वसक़ का वज़न होगा, छः क्विंटल तिरपन (653) किलोग्राम लगभग)।
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अंहु) का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने पाँच वसक़ या उससे कम में अ़राया क्रय-विक्रय अर्थात सूखी खुजूरों के बदले में पेड़ पर लगी हुई ताज़ा खुजूरों को अनुमान लगाकर खरीदने की अनुमति दी है। (वसक़, तौलने में एक विशेष भार को इ…
ज़ैद बिन साबित कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अ़रिय्या करने वाले अर्थात सूखी खुजूर के बदले में ताज़ा खुजूर खरीदने वाले को अनुमान लगाकर सौदा करने की अनुमति दी है।
ज़ैद बिन साबित कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अ़रिय्या करने वाले अर्थात सूखी खुजूर के बदले में ताज़ा खुजूर खरीदने वाले को अनुमान लगाकर सौदा करने की अनुमति दी है। तथा मुस्लिम की रिवायत में हैः ताज़ा खुजूर खाने के लिए सूखी खुजूर के बदले अनुमान लग…
अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने उसमान बिन मज़ऊन के विवाहित जीवन से अलग होकर इबादत में लगे रहने के इरादे को नकार दिया था। यदि उन्हें अनुमति दे देते तो हम पूरे तौर पर विवाहित जीवन से अलग होकर इबादत में लग जाते।
साद बिन अबू वक्कास (रज़ियल्लाहु अंहु) का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने उसमान बिन मज़ऊन के विवाहित जीवन से अलग होकर इबादत में लगे रहने के इरादे को नकार दिया था। यदि उन्हें अनुमति दे देते तो हम पूरे तौर पर विवाहित जीवन से अलग होकर इबादत में लग ज…
तुम्हें क़ुरआन का जो कुछ याद है, उसके बदले में मैंने उससे तुम्हारा विवाह कर दिया।
सह्ल बिन साद अस-साअ़दी (रज़ियल्लाहु अंहुमा) का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास एक महिला आई और बोली: मैं ख़ुद को आपके हवाले करती हूँ। इसके बाद वह देर तक खड़ी रहीं। इतने में एक व्यक्ति ने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल! यदि आपको आवश्यकता न हो तो उससे म…
इद्दत के बारे में सुबैआ असलमी की हदीस।
सुबैआ असलमिय्या (रज़ियल्लाहु अंहा) का वर्णन है कि वह साद बिन ख़ौला के निकाह में थीं (जो कि बनू आमिर बिन लुवय क़बीले से संबंध रखते थे और बद्र युद्ध में शामिल हो चुके थे)। वह गर्भावस्था में थीं कि हज्जतुल वदा में उनके पति का निधन हो गया और उनकी मृत्यु को कुछ ज़्यादा समय न…

