मैं नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ नमाज़ पढ़ा करता था, तो आपकी नमाज़ भी संतुलित हुआ करती थी और आपका ख़ुतबा भी।
अबू अब्दुल्लाह बिन जाबिर बिन समुरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि मैं नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के…
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अबू अब्दुल्लाह बिन जाबिर बिन समुरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि मैं नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के…
जाबिर (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि हम लोग खंदक़ के दिन गड्ढा खोद रहे थे कि एक मज़बूत चट्टान निकल आई। सारे लोग नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आए और कहने लगे कि खंदक़ में एक चट्टान सामने आ गई है। आपने फ़रमाया : "मैं उतरता हूँ।" फिर आप खड़े हुए। उस समय आपके पेट स…
अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "तुम सब रक्षक हो और तुम सब से तुम्हारे मातहतों के बारे में पूछा जाएगा। लोगों का शासक रक्षक है और उससे उसके अधीनस्थों के बारे में पूछा जाएगा। एक व्यक्ति अपने परिवार…
इयास बिन अब्दुल्लाह बिन अबू जुबाब (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : "अल्लाह की दासियों को मत मारो।" यह सुन उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आए और कहने लगे : स्त्रियाँ अपने पतियो…
मुआज़ बिन जबल (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : "जो स्त्री अपने पति को दुनिया में कष्ट देती है, तो जन्नत में उसकी पत्नी उससे कहती है कि अल्लाह तेरा नाश करे, उसे कष्ट मत दे, क्योंकि वह तेरे पास एक मेहमान है, शीघ्र ही वह तुम्ह…
असमा बिंत अबू बक्र सिद्दीक़ (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) कहती हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने मुझसे फ़रमाया : "बाँधे मत रखो, नहीं तो तुमसे भी बाँधकर रखा जाएगा।" तथा एक रिवायत में है : "ख़र्च करो और गिन-गिनकर न रखो, वरना अल्लाह भी तुझपर गिनकर रखेगा तथा तिजोर…
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "क़यामत के दिन ह…
फ़ज़ाला बिन उबैद (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब लोगों को नमाज़ पढ़ाते, तो कुछ लोग (जो दरअसल सुफ़्फ़ा वाले थे) भूख के कारण गिर पड़ते, यहाँ तक कि देहात वाले कहने लगते : ये पागल लोग हैं। ऐसे में जब आप नमाज़ पढ़ लेते, तो उनक…
अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) ने अपनी पत्नी को मासिक धर्म की हालत में तलाक़ दे दी, तो उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के सामने इसकी चर्चा की। इसपर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को क्रोध में आ गए और फ़रमाया : "व…
अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अन्हु) फरमाते हैं कि एक बार नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) मस्जिद में दाख़िल हुए, तो देखा कि दो स्तंभ के बीच एक रस्सी लटक रही है। आपने फरमाया : "यह रस्सी कैसी है?" लोगों ने कहा कि यह रस्सी ज़ैनब (रज़ियल्लाहु अन्हा) के द्वारा लटकाई हुई है। जब व…
अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) कहते हैं कि हम लोग हज्जतुल वदा के बारे में बात कर रहे थे और नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) हमारे बीच मौजूद थे, लेकिन हमें पता नहीं था कि हज्जतुल वदा क्या है, यहाँ तक कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अल्लाह की प्रशं…
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