افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह

12 hadeeths in this category
#58083HadeethEnc[सह़ीह़]

ग़ैलान बिन सलमा सक़फ़ी मुसलमान हो गए और उनके पास जाहिलियत काल में दस स्त्रियाँ थीं, जो उनके साथ मुसलमान हो गईं, तो नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने उन्हें आदेश दिया कि उनमें से चार को चुन लें (तथा बाकी को तलाक दे दें)।

अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्लाहु अंहुमा) का वर्णन है कि ग़ैलान बिन सलमा सक़फ़ी मुसलमान हो गए और उनके पास जाहिलियत काल में दस स्त्रियाँ थीं, जो उनके साथ मुसलमान हो गईं, तो नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने उन्हें आदेश दिया कि उनमें से चार को चुन लें (तथा बाकी को तलाक दे द…

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#58084HadeethEnc[सह़ीह़]

नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अपनी बेटी ज़ैनब (रज़ियल्लाहु अंहा) को अबुल आस बिन रबी (रज़ियल्लाहु अंहु) के घर छह साल बाद पहले निकाह के आधार पर ही भेज दिया था और नए सिरे से निकाह नहीं कराया था।

अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अंहुमा) का वर्णन है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अपनी बेटी ज़…

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#58093HadeethEnc[ह़सन]

मैंने पूछा : ऐ अल्लाह के रसूल! हम में से किसे एक के ऊपर उसकी पत्नी के किया अधिकार हैं? आपने उत्तर दिया : "जब तुम खाओ तो उसे खिलाओ, जब तुम पहनो या फ़रमाया जब तुम कमाओ तो उसे पहनाओ, चेहरे पर न मारो, बुरा-भला न कहो और उसे बिस्तर से अलग करके घर के सिवा कहीं और न रखो।

मुआविया क़ुशैरी रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं : मैंने पूछा : ऐ अल्लाह के रसूल! हम में से किसे एक के ऊपर उसकी पत्नी के किया अधिकार हैं? आपने उत्तर दिया : "जब तुम खाओ तो उसे खिलाओ, जब तुम पहनो या फ़रमाया जब तुम कमाओ तो उसे पहनाओ, चेहरे पर न मारो, बुरा-भला न कह…

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#58097HadeethEnc[सह़ीह़]

यहूदी कहा करते थे किः जब कोई व्यक्ति अपनी पत्नी से पीछे की ओर से (किंतु योनि में ही) संभोग करेगा, तो बच्चा भेंगा पैदा होगा। इसपर यह आयत उतरीः {نساؤكم حرث لكم فأتوا حرثكم أنى شئتم} {तुम्हारी स्त्रियाँ तुम्हारी खेतियाँ हैं। तुम्हें अनुमति है कि अपनी खेतियों में जिधर से चाहो, जाओ।} [सूरा अल-बक़राः 223]

जाबिर (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैं कि यहूदी कहते थेः जब कोई व्यक्ति अपनी पत्नी से पीछे की ओर से (किंतु योनि में ही) संभोग करेगा, तो बच्चा भेंगा पैदा होगा। इसपर यह आयत उतरीः {نساؤكم حرث لكم فأتوا حرثكم أنى شئتم} {तुम्हारी स्त्रियाँ तुम्हारी खेतियाँ हैं। तुम्हें अनुमति है…

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#58098HadeethEnc[सह़ीह़]

जब कोई व्यक्ति अपनी पत्नी को अपने बिस्तर पर बुलाए और उसके इनकार करने पर वह नाराज़ होकर रात गुज़ारे, तो फ़रिश्ते सुबह तक उसपर लानत करते रहते हैं।

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#58100HadeethEnc[सह़ीह़]

मैंने बच्चे को दूध पिलाने के दिनों में, पत्नी से संभोग करने से, मना करने का इरादा कर लिया था, लेकिन रूम तथा फ़ारस वालों को देखा कि वे ऐसा करते हैं और इससे उनके बच्चों को कुछ नुक़सान नहीं होता।

उक्काशा (रज़ियल्लाहु अंहु) की बहन जुज़ामा बिंत वहब (रज़ियल्लाहु अंहा) कहती हैं कि मैं कुछ लोगों के साथ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आई। उस समय आप कह रहे थेः "मैंने बच्चे को दूध पिलाने के दिनों में पत्नी से संभोग करने से मना करने का इरादा कर लिया था,…

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#58101HadeethEnc[सह़ीह़]

यहूदी कहते हैं कि अज़्ल जीवित दफ़न करने की एक छोटी शक्ल है। आपने कहाः "यहूदी झूठ बोलते हैं। यदि अल्लाह पैदा करना चाहे, तो तुम उसे रोक नहीं सकते।"

अबू सईद ख़ुदरी (रज़ियल्लाहु अंहु) का वर्णन है कि एक व्यक्ति ने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल, मेरे पास एक दासी है। मैं उससे संभोग करते समय अज़्ल (संभोग के समय वीर्य स्खलन से पहले लिंग को योनि से निकाल लेना) करता हूँ। मैं नहीं चाहता कि वह गर्भवती हो। दरअसल मैं भी वही चाहता हूँ,…

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#58102HadeethEnc[सह़ीह़]

नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) (कभी-कभी) सारी स्त्रियों के पास जाने के पश्चात एक ही दफा अंत में ग़ुस्ल (स्नान) करते थे।

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#58103HadeethEnc[सह़ीह़]

आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) से पूछा गया कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की पत्नियों) का महर कितना होता था? उन्होंने कहाः आपकी पत्नियों के लिए आपका महर बारह ऊक़िया और एक नश्श (आधा ऊक़िया) था।

अबू सलमा बिन अब्दुर रहमान कहते हैंः मैंने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की पत्नी आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) से पूछा कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की पत्नियों) का महर कितना होता था? उन्होंने कहाः आपकी पत्नियों के लिए आपका महर बारह ऊक़िया और एक नश्श था। उन्हों…

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