जो स्त्री अल्लाह और आख़िरत के दिन पर ईमान रखती है, उसके लिए उचित नहीं है कि किसी मृत व्यक्ति पर तीन दिन से अधिक सोग मनाए, सिवाए पति के; उसपर चार माह दस दिन सोग मना सकती है।
ज़ैनब बिंत अबू सलमा (रज़ियल्लाहु अनहा) कहती हैं कि उम्मे हबीबा (रज़ियल्लाहु अनहा) के एक क़रीबी रिश्तेदार की मृत्यु हो गई तो उन्होंने पीले रंग की ख़ुशबू मँगवाकर अपने दोनों हाथों पर लगा लिया और कहाः मैं ऐसा इसलिए कर रही हूँ, क्योंकि मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि…

