افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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अल्लाह के नाम और उनसे संबंधित अहकाम

12 hadeeths in this category
#5989HadeethEnc[स़ह़ीह़]

जिसने नक्षत्र के ज्ञान का कुछ अंश प्राप्त किया, उसने जादू का कुछ अंश प्राप्त किया। वह आगे नक्षत्र के बारे में जितना ज्ञान प्राप्त करता जाएगा, जादू के बारे में उतना ही ज्ञान बढ़ाता जाएगा।

अब्दुल्लाह बिन अब्बास रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है, उन्होंने कहा : अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "जिसने नक्षत्र के ज्ञान का कुछ अंश प्राप्त किया, उसने जादू का कुछ अंश प्राप्त किया। वह आगे नक्षत्र के बारे में जितना ज्ञान प्राप्त करता जाएगा, जादू…

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#6144HadeethEnc[सह़ीह़]

जिस आदमी ने (अपने पिता को जानते हुए) यह दावा किया कि उसका पिता कोई और है, वह काफ़िर हो गया तथा जिसने किसी ऐसी चीज़ का दावा किया जो उसकी नहीं है, वह हममें से नहीं है तथा वह अपना ठिकाना जहन्नम में बना ले और जिसने किसी व्यक्ति को काफ़िर कहकर पुकारा या अल्लाह का दुश्मन कहा, हालाँकि वह वैसा नहीं है तो उसकी यह बात उसी की ओर लौट आएगी।

अबू ज़र्र (रज़ियल्लाहु अनहु) अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से रिवायत करते हैं कि जिस आदमी ने (अपने पिता को जानते हुए) यह दावा किया कि उसका पिता कोई और है, वह काफ़िर हो गया तथा जिसने किसी ऐसी चीज़ का दावा किया जो उसकी नहीं है, वह हममें से नहीं है तथा वह अपना ठ…

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#6468HadeethEnc[स़ह़ीह़]

ईमान की सत्तर से कुछ अधिक अथवा साठ से कुछ अधिक शाखाएँ हैं। जिनमें सर्वश्रेष्ठ शाखा 'ला इलाहा इल्लल्लाह' कहना है। जबकि सबसे छोटी शाखा रास्ते से कष्टदायक वस्तु को हटाना है

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "ईमान की सत्तर से कुछ अधिक अथवा साठ से कुछ अधिक शाखाएँ हैं। जिनमें सर्वश्रेष्ठ शाखा 'ला इलाहा इल्लल्लाह' कहना है। जबकि सबसे छोटी शाखा रास्ते से कष्टदायक वस्तु को…

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#6980HadeethEnc[सह़ीह़]

हम लोग जब अपने बादशाहों के पास जाते हैं, तो ऐसी बातें करते हैं, जो बातें वहाँ से निकलने के बाद नहीं करते। उन्होंने उत्तर दिया : हम इसे अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के युग में निफ़ाक़ -पाखंड तथा ढ़ोंग- समझते थे।

मुहम्मद बिन ज़ैद कहते हैं कि कुछ लोगों ने उनके दादा अब्दुल्लाह बिन उमर -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- से कहा : हम लोग जब अपने बादशाहों के पास जाते हैं, तो ऐसी बातें करते हैं, जो बातें वहाँ से निकलने के बाद नहीं करते। उन्होंने उत्तर दिया : हम इसे अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलै…

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#8291HadeethEnc[सह़ीह़]

(क़यामत के दिन) हमारा रब अपनी पिंडली खोलेगा, तो सभी मोमिन मर्द और औरतें सजदे में गिर पड़ेंगे। लेकिन, हर वह व्यक्ति ख़ड़ा रह जाएगा, जो दुनिया में दिखावे और शोहरत के लिए सजदा करता था। वह सजदा करने जाएगा, तो उसकी पीठ एक ही हड्डी की तरह सख्त बन जाएगी।

अबू सईद ख़ुदरी (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : “(क़यामत के दिन) हमारा रब अपनी पिंडली खोलेगा, तो सभी मोमिन मर्द और औरतें सजदे में गिर पड़ेंगे। लेकिन, हर वह व्यक्ति ख़ड़ा रह जाएगा, जो दुनिया में दिखावे और शोहरत के लिए सजदा क…

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#8883HadeethEnc[स़ह़ीह़]

कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति पर फ़ासिक़ होने का लांछन न लगाए। काफ़िर होने का लांछन भी न लगाए। क्योंकि अगर वह ऐसा न हुआ, तो यह लांछन उसी की ओर लौट आएगा।

अबू ज़र रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि उन्होंने अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को कहते हुए सु…

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#8884HadeethEnc[सह़ीह़]

जो किसी दूसरे की पत्नी अथवा दासी को धोका दे अथवा बिगाड़े, वह हममें से नहीं है

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अनहु) से मरफ़ूअन रिवायत है: जो किसी दूसरे की पत्नी या दासी को धोका दे या बिगाड़े,…

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#8918HadeethEnc[स़ह़ीह़]

यह सच्ची बात वह होती है, जिसे जिन्न उचक लेता है और उसे अपने इंसान दोस्त के कान में ऐसी आवाज़ में डाल देता है, जो मुर्गी के कुड़कुड़ाने जैसी होती है, फिर यह लोग उसके साथ अपनी तरफ से सौ से अधिक झूठ मिला देते हैं।

आइशा रज़ियल्लाहु अनहा का वर्णन है, वह कहती हैं : कुछ लोगों ने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से काहिनों (ओझों) के बारे में पूछा तो आपने फ़रमाया : "इन लोगों की बातों में कोई सच्चाई नहीं होती।" लोगों ने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! यह लोग कभी-कभी ऐसी बात बताते हैं, जो…

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#8964HadeethEnc[स़ह़ीह़]

जिसने अमानत की क़सम खाई, वह हममें से नहीं है।

बुरैदा रज़ियल्लाहु अनहु से रिवायत है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाय…

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#10101HadeethEnc[स़ह़ीह़]

मुसलमान वह है, जिसकी ज़बान और हाथ से मुसलमान सुरक्षित रहें और मुहाजिर वह है, जो अल्लाह की मना की हुई चीज़ें छोड़ दे।

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#10855HadeethEnc[ह़सन]

मुझे तुमपर जिन चीज़ों का डर है, उनमें से एक वह आदमी है, जो क़ुरआन पढ़ेगा, यहाँ तक कि जब क़ुरआन की चमक उसके ऊपर दिखने लगेगी और वह इसलाम का सहारा बन जाएगा, तो वह स्वयं को बदलकर वह बना लेगा, जो अल्लाह चाहे। चुनांचे वह इसलाम से निकल जाएगा और उसे अपने पीछे डाल देगा एवं अपने पड़ोसी पर तलवार लेकर चढ़ दौड़ेगा तथा उसपर शिर्क का लांछन लगाएगा।

ह़ुज़ैफा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः “मुझे तुमपर जिन चीज़ों का डर है, उनमें से एक वह आदमी है, जो क़ुरआन पढ़ेगा, यहाँ तक कि जब क़ुरआन की चमक उसके ऊपर दिखने लगेगी और वह इसलाम का सहारा बन जाएगा, तो वह स्वयं को ब…

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