افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह

12 hadeeths in this category
#5806HadeethEnc[सह़ीह़]

उसे छोड़ दो और उसके पेशाब पर एक डोल पानी बहा दो। क्योंकि तुम आसानी पैदा करने के लिए भेजे गए हो। तुम्हें सख़्ती करने के लिए नहीं भेजा गया है।

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, उन्होंने फ़रमाया कि एक देहाती मस्जिद में पेशाब करने लगा, तो लोग उसे डाँटने के उद्देश्य से उसकी ओर बढ़े। लेकिन, नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : "उसे छोड़ दो और उसके पेशाब पर एक डोल पानी बहा दो। क्योंकि तुम आसानी पै…

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#5810HadeethEnc[सह़ीह़]

"उसका कितना भाग कितना भाग बचा हुआ है?" लोगों ने उत्तर दिया : केवल उसका कंधा बचा हुआ है। आपने कहा : "कंधे के सिवा पूरा बचा हुआ है।"

आइशा (रज़ियल्लाहु अन्हा) कहती हैं कि लोगों ने एक बकरी ज़बह किया, तो नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने पूछा…

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#5813HadeethEnc[स़ह़ीह़]

एक दीनार जो तुमने अल्लाह के रास्ते में खर्च किया, एक दीनार जो तुमने किसी दास को मुक्त करने के लिए खर्च किया, एक दीनार जो तुमने किसी निर्धन को दान किया और एक दीनार जो तुमने बाल-बच्चों पर ख़र्च किया, उनमें सबसे अधिक नेकी वाला दीनार वह है, जिसे तुमने अपने परिवार पर खर्च किया।

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "एक दीनार जो तुमने अल्लाह के रास्ते में खर्च किया, एक दीनार जो तुमने किसी दास को मुक्त करने के लिए खर्च किया, एक दीनार जो तुमने किसी निर्धन को दान किया और…

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#5817HadeethEnc[सह़ीह़]

मैं नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ नमाज़ पढ़ा करता था, तो आपकी नमाज़ भी संतुलित हुआ करती थी और आपका ख़ुतबा भी।

अबू अब्दुल्लाह बिन जाबिर बिन समुरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि मैं नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के…

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#5819HadeethEnc[स़ह़ीह़]

तुम सब रक्षक हो और तुम सब से तुम्हारे मातहतों के बारे में पूछा जाएगा।

अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "तुम सब रक्षक हो और तुम सब से तुम्हारे मातहतों के बारे में पूछा जाएगा। लोगों का शासक रक्षक है और उससे उसके अधीनस्थों के बारे में पूछा जाएगा। एक व्यक्ति अपने परिवार…

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#5821HadeethEnc[सह़ीह़]

मुहम्मद की पत्नियों के पास बहुत-सी महिलाएँ आकर अपने पतियों की शिकायत कर गई हैं। दरअसल वे तुम्हारे अच्छे लोग नहीं हैं।

इयास बिन अब्दुल्लाह बिन अबू जुबाब (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : "अल्लाह की दासियों को मत मारो।" यह सुन उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आए और कहने लगे : स्त्रियाँ अपने पतियो…

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#5822HadeethEnc[सह़ीह़]

जो स्त्री अपने पति को दुनिया में कष्ट देती है, तो जन्नत में उसकी पत्नी उससे कहती है कि अल्लाह तेरा नाश करे, उसे कष्ट मत दे, क्योंकि वह तेरे पास एक मेहमान है, शीघ्र ही वह तुम्हें छोड़कर हमारे पास आने वाले हैं।

मुआज़ बिन जबल (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : "जो स्त्री अपने पति को दुनिया में कष्ट देती है, तो जन्नत में उसकी पत्नी उससे कहती है कि अल्लाह तेरा नाश करे, उसे कष्ट मत दे, क्योंकि वह तेरे पास एक मेहमान है, शीघ्र ही वह तुम्ह…

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#5823HadeethEnc[सह़ीह़]

ख़र्च करो और गिन-गिनकर न रखो, वरना अल्लाह भी तुझपर गिनकर रखेगा तथा तिजोरी बंद करके न रखो, वरना अल्लाह भी तेरे साथ यही करेगा।

असमा बिंत अबू बक्र सिद्दीक़ (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) कहती हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने मुझसे फ़रमाया : "बाँधे मत रखो, नहीं तो तुमसे भी बाँधकर रखा जाएगा।" तथा एक रिवायत में है : "ख़र्च करो और गिन-गिनकर न रखो, वरना अल्लाह भी तुझपर गिनकर रखेगा तथा तिजोर…

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#5827HadeethEnc[सह़ीह़]

अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) ने अपनी पत्नी को मासिक धर्म की हालत में तलाक़ दे दी, तो उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के सामने इसकी चर्चा की। इसपर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को क्रोध में आ गए

अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) ने अपनी पत्नी को मासिक धर्म की हालत में तलाक़ दे दी, तो उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के सामने इसकी चर्चा की। इसपर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को क्रोध में आ गए और फ़रमाया : "व…

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#5828HadeethEnc[सह़ीह़]

जब तक चुस्ती बाक़ी रहे, नमाज़ पढ़ो और चुस्ती खत्म हो जाए, तो सो जाओ।

अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अन्हु) फरमाते हैं कि एक बार नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) मस्जिद में दाख़िल हुए, तो देखा कि दो स्तंभ के बीच एक रस्सी लटक रही है। आपने फरमाया : "यह रस्सी कैसी है?" लोगों ने कहा कि यह रस्सी ज़ैनब (रज़ियल्लाहु अन्हा) के द्वारा लटकाई हुई है। जब व…

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