افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
Islamic Reads · HadeethEnc

Prophetic Hadeeth Encyclopedia

Search and read verified Prophetic hadeeth translations, explanations, benefits, categories and source attribution. Page 29.

Content source:HadeethEnc.com·Version 1.58.0
2,313hadeeths
Advanced search

Search the Hadeeth Encyclopedia

Smart instant results tolerate minor spelling mistakes, with every filter in one place.

468hadeeths
Clear filters
Categories

अक़ीदा

12 hadeeths in this category
#11164HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह ने सत्य को उमर की ज़ुबान और दिल में रख दिया है।

अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अंहुमा- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "अल्लाह ने सत्य को उमर की ज़ुबान और दिल में रख दिया है।" अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अन्हुमा -कहते हैंः जब भी लोगों के सामने कोई मामला आता और लोग उसके बारे म…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#11168HadeethEnc[सह़ीह़]

फ़ातिमा मेरा अंग है, जिसने उसे नाराज़ किया, उसने मुझे नाराज़ किया।

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#11170HadeethEnc[सह़ीह़]

इसे देखो, मुझसे मच्छर को मारने के बारे में पूछ रहा है, जबकि इन्हीं लोगों ने नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के नवासे का वध किया है। हालाँकि ख़ुद मैंने नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को कहते सुना हैः "हसन और हुसैन दोनों दुनिया में मेरे पुष्प हैं।"

इब्न अबू नुअम कहते हैं कि मैं अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- के पास उपस्थित था। एक व्यक्ति ने उनसे मच्छर को मारने के बारे में पूछ लिया, तो अब्दुल्लाह -रज़ियल्लाहु अंहु- ने उससे कहाः तुम कहाँ के रहने वाले हो? उसने कहाः इराक़ का। फ़रमायाः इसे देखो, मुझसे मच्छर क…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#11171HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ अल्लाह, मैं इससे मुहब्बत करता हूँ, तू भी इससे मुहब्बत कर और हर उस व्यक्ति से मुहब्बत कर, जो इससे मुहब्बत करे।

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अंहु- कहते हैं कि मैं मदीने के किसी बाज़ार में अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के साथ था। आप वापस हुए, तो मैं भी वापस हो गया। आप (फ़ातिमा रज़ियल्लाहु अंहु का घर पहुँचे और) बोलेः "बच्चा कहाँ है? -आपने यह बात तीन बार कही- हसन बिन अली को ब…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#11172HadeethEnc[सह़ीह़]

एक दिन नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- हसन -रज़ियल्लाहु अन्हु- को लेकर बाहर आए, उन्हें साथ लेकर मिंबर के ऊपर गए और फ़रमायाः "मेरा यह बेटा सरदार है। हो सकता है कि अल्लाह इसके द्वारा दो मुस्लिम गिरोहों के बीच सुलह करा दे।"

अबू बकरा -रज़ियल्लाहु अंहु- कहते हैं कि एक दिन नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- हसन -रज़ियल्लाहु अन्हु- को ल…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#11173HadeethEnc[सह़ीह़]

जिसने हसन और हुसैन से मुहब्बत की, उसने मुझसे मुहब्बत की और जिसने उन दोनों से दुश्मनी की, उसने मुझसे दुश्मनी की।

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#11174HadeethEnc[ह़सन]

तुम्हारे अंदर सबसे अच्छा व्यक्ति वह है, जो मेरे बाद मेरे परिवार के लिए सबसे अच्छा हो।" वह कहते हैंः अब्दुर्रहमान बिन औफ़ ने चार लाख में एक एक बाग़ बेचा और पूरा पैसा नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की पत्नियों में बाँट दिया।

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "तुम्हारे अंदर सबसे अच्छा व्यक्ति वह है, जो मेरे बाद मेरे परिवार के लिए सबसे अच्छा हो।" वह कहते हैंः अब्दुर्रहमान बिन औफ़ ने चार लाख में एक बाग़ बेचा और पूरा पैसा नबी -सल…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#11178HadeethEnc[सह़ीह़]

"ऐ आइश! यह जिबरील हैं, जो तुम्हें सलाम कहते हैं।" तो मैंने यूँ जवाब दियाः "व अलैहिस्सलाम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु। आप वह देखते हैं, जो मैं नहीं देखती।"

आइशा -रज़ियल्लाहु अन्हा- से रिवायत है कि एक दिन नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने उनसे फरमाया: "ऐ आइश! यह जिबरील हैं, जो तुम्हें सलाम कहते हैं।" तो मैंने यूँ जवाब दियाः "व अलैहिस्सलाम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु। आप वह देखते हैं, जो मैं नहीं देखती।" उन्होंने यह -देखने की-…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#11179HadeethEnc[सह़ीह़]

पुरुषों में से बहुत-से लोग संपूर्ण हुए, लेकिन स्त्रियों में से संपूर्ण केवल फ़िरऔन की पत्नी आसिया और मरयम बिंत इमरान हुईं। हाँ, सारी स्त्रियों में आइशा का वही स्थान है, जो सारे खानों में सरीद का है।

अबू मूसा -रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "पुरुषों में से बहुत-से लोग संपूर्ण हुए, लेकिन स्त्रियों में से संपूर्ण केवल फ़िरऔन की पत्नी आसिया और मरयम बिंत इमरान हुईं। हाँ, सारी स्त्रियों में आइशा का वही स्थान है, जो सा…

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share
#11189HadeethEnc[सह़ीह़]

जब इबराहीम -रज़ियल्लाहु अन्हु- की मृत्यु हुई, तो अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फरमायाः "जन्नत में उसके लिए एक दूध पिलाने वाली निर्धारित कर दी गई है।"

Read hadeeth 0Views 0Cards 0Shares
Share

Shopping Basket

Loading...