افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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फ़ज़ीलतें तथा आदाब

12 hadeeths in this category
#4943HadeethEnc[सह़ीह़]

क्या मैं तुम्हें उस आदमी के बारे में न बताऊँ, जिसे जहन्नम पर हराम कर दिया जाएगा या कहा कि जिसपर जहन्नम हराम कर दी जाएगी? जहन्नम को हर आसानी करने वाले, नर्मी करने वाले और सरल-स्वभाव व्यक्ति पर हराम कर दिया जाएगा।

अब्दुल्लाह बिन मसऊद- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः क्या मैं तुम्हें उस आदमी के बारे में न बताऊँ, जिसे जहन्नम पर हराम कर दिया जाएगा या कहा कि जिसपर जहन्नम हराम कर दी जाएगी? जहन्नम को हर आसानी करने वाले, नर्मी करने…

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#4948HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के ज़माने में हम लोग चलते-फिरते खा लेते थे और खड़े होकर पी लेते थे।

अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्लाहु अंहुमा) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के ज़माने…

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#4949HadeethEnc[सह़ीह़]

भला मुझे चैन कैसे मिल सकता है, जबकि सूर में फूँक मारने पर नियुक्त फ़रिश्ते ने सूर को अपने मुँह से लगा रखा है और अनुमति की प्रतीक्षा में है। जैसे ही फूँक मारने की अनुमति प्राप्त होगी, वह फूँक मार देंगे।

अबू सईद ख़ुदरी (रज़ियल्लाहु अंहु) से वर्णित है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "भला मुझे चैन कैसे मिल सकता है, जबकि सूर में फूँक मारने पर नियुक्त फ़रिश्ते ने सूर को अपने मुँह से लगा रखा है और अनुमति की प्रतीक्षा में है। जैसे ही फूँक मारने की अनुमति प्राप्त…

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#4952HadeethEnc[सह़ीह़]

"عليك السلام" न कहो, क्योंकि "عليك السلام" मरे हुए लोगों का सलाम है। बल्कि "السلام عليك" कहो।

अबू जुरै जाबिर बिन सुलैम (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैं कि मैंने एक व्यक्ति को देखा, लोग उसकी बातों को स्वीकार कर रहे थे। वह जो भी कहता, लोग उसे मानते जा रहे थे। मैंने कहाः यह कौन है? लोगों ने कहाः यह अल्लाह के रसूल हैं। अतः मैंने दो बार कहाः "عليك السلام يا رسول الله" (अर…

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#4963HadeethEnc[सह़ीह़]

यदि आदम की संतान को सोने की एक घाटी मिल जाए, तो वह चाहेगा कि उसे दो घाटियाँ मिल जाएँ। केवल मिट्टी ही उसके मुँह को भर सकती है तथा जो तौबा करेगा, अल्लाह उसकी तौबा क़बूल करेगा।

अब्दुल्लाह बिन अब्बास, अनस बिन मालिक और अबू मूसा अशअरी (रज़ियल्लाहु अंहुम) का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "यदि आदम की संतान को सोने की एक घाटी मिल जाए, तो वह चाहेगा कि उसे दो घाटियाँ मिल जाएँ। केवल मिट्टी ही उसके मुँह को भर सकती है…

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#4964HadeethEnc[स़ह़ीह़]

मुसलमान का तहबंद आधी पिंडली तक होना चाहिए और यदि आधी पिंडली एवं टखने के बीच हो, तो भी कोई हर्ज (अथवा गुनाह) नहीं है। हाँ, जो दोनों टखनों से नीचे होगा, वह जहन्नम में होगा, तथा जो अपना तहबंद अभिमान के तौर पर लटकाएगा, अल्लाह उसपर अपनी नज़र नहीं डालेगा।

अबू सईद ख़ुदरी -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "मुसलमान का तहबंद आधी पिंडली तक होना चाहिए और यदि आधी पिंडली एवं टखने के बीच हो, तो भी कोई हर्ज (अथवा गुनाह) नहीं है। हाँ, जो दोनों टखनों से नीचे होगा…

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#5024HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ अल्लाह तू ही मेरा बाज़ू और सहायक है। तेरे ही सहारे मैं स्थान बदलता हूँ, तेरी ही मदद से शत्रु पर आक्रमण करता हूँ और तेरी सहायता से युद्ध करता हूँ।

अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब युद्ध शुरू करते, तो यह दुआ फ़रमातेः "ऐ अल्लाह तू ही मेरा बाज़ू और सहायक है। तेरे ही सहारे मैं स्थान बदलता हूँ, तेरी ही मदद से शत्रु पर आक्रमण करता हूँ और तेरी सहायता से युद्ध करता…

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#5035HadeethEnc[सह़ीह़]

दो दुआएँ लौटाई नहीं जातीं या कम ही लौटाई जाती हैं; अज़ान के समय की दुआ और युद्ध के समय की दुआ, जब लोग एक-दूसरे से गुथ जाएँ।

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#5100HadeethEnc[स़ह़ीह़]

जो मुसलमान कोई दुआ करता है, जिसमें गुनाह एवं संबंध विच्छेद न हो, उसे अल्लाह तीन में से कोई एक चीज़ ज़रूर देता है। उसकी दुआ इसी दुनिया में क़बूल कर लेता है, या उसे उसकी आख़िरत के लिए जमा रख लेता है या उससे उसके समान बुराई दूर कर देता है।" सहाबा ने कहा : तब तो हम खूब दुआएँ किया करेंगे। आपने कहा : "अल्लाह अधिक देने वाला है।

अबू सईद ख़ुदरी -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "जो मुसलमान कोई दुआ करता है, जिसमें गुनाह एवं संबंध विच्छेद न हो, उसे अल्लाह तीन में से कोई एक चीज़ ज़रूर देता है। उसकी दुआ इसी दुनिया में क़बूल कर लेता है, या उसे…

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#5141HadeethEnc[स़ह़ीह़]

अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- परेशानी के समय यह दुआ पढ़ा करते थे : (अल्लाह के सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं है, जो महान एवं सहिष्णु है। अल्लाह के सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं है, जो महान सिंहासन का रब है। अल्लाह के सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं है, जो आकाशों, धरती एवं सम्मानित सिंहासन का रब है।)

अब्दुल्लाह बिन अब्बास -रज़ियल्लाहु अनहुमा- से रिवायत है कि : अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- परेशानी के समय यह दुआ पढ़ा करते थे : (अल्लाह के सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं है, जो महान एवं सहिष्णु है। अल्लाह के सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं है, जो महान सिंहासन का रब है। अ…

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