افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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इमाम तथा उसके पीछे नमाज़ पढ़ने वाले के अहकाम

12 hadeeths in this category
#6973HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को सूचना मिली कि अम्र बिन औफ़ के बेटों के बीच लड़ाई हो गई है। अतः, अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- कुछ लोगों के साथ उनके बीच सुलह कराने पहुँचे।

सह्ल बिन साद साइदी -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को सूचना मिली कि अम्र बिन औफ़ के बेटों के बीच लड़ाई हो गई है। अतः, अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- कुछ लोगों के साथ उनके बीच सुलह कराने पहुँचे। अल्लाह के रसूल -सल…

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#10652HadeethEnc[सह़ीह़]

तसबीह (सुबहान अल्लाह कहना) पुरुषों के लिए है और ताली बजाना स्त्रियों कि लिए।

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः “तसबीह (सुबहान…

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#11289HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐसा न करो, जब तुम में से कोई अपने घर में (फ़र्ज़) नमाज़ पढ़ चुका हो, फिर वह इमाम को नमाज़ पढ़ाते हुए पाए , तो उसे चाहिए कि इमाम के साथ नमाज़ पढ़ ले, यह नमाज़ उसके लिए नफ़्ल हो जाएगी।

जाबिर बिन यज़ीद बिन असवद से वर्णित है, वह अपने पिता से वर्णन करते हैं कि उन्होंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के साथ नमाज़ पढ़ी, और वह अभी नवयूवक थे, जब आपने नमाज़ पढ़ ली तो देखा कि दो व्यक्ति मस्जिद के कोने में हैं जिन्होंने नमाज़ नहीं पढ़ी थी,तो आपने उन…

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#11290HadeethEnc[सह़ीह़]

एक दफा अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम घोड़े पर सवार हुए तो उससे गिर गए, जिस के कारण आपका दायां पहलू जख़्मी हो गया।

हजरत अनस बिन मालिक -रज़ियल्लाहु अन्हु- से रिवायत है कि एक दफा अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम घोड़े पर सवार हुए तो उससे गिर गए जिस के कारण आपका दायां पहलू जख़्मी हो गया, तो आपने कोई एक नमाज़ बैठ कर पढ़ाई, हम ने भी आप के पीछे बैठ कर नमाज़ पढ़ी, जब आप ने सलाम फेरा…

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#11291HadeethEnc[सह़ीह़]

आगे बढ़ो तथा मेरा अनुसरण करो, तथा तुम्हारा अनुसरण तुम्हारे पीछे वाले करें, (याद रखो) लोग बराबर पीछे हटते रहते हैं यहां तक कि अल्लाह भी उन्हें पीछे कर देता है।

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#11295HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ लोगो ! तुम नफ़रत फैला रहे हो, जो लोगों को नमाज़ पढ़ाए उसे चाहिए कि हल्की नमाज़ पढ़ाए, उन में रोगी भी होते हैं, कमज़ोर भी तथा ज़रूरत मंद भी।

अबू मसऊद अन्सारी रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है, उन्होंने फ़रमाया कि एक आदमी ने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की ख़िदमत में हाज़िर होकर अर्ज़ किया : ऐ अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ! मेरे लिए नमाज़ जमाअत से पढ़ना मुश्किल हो गया है, क्योंकि फलां आदमी नमाज…

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#11296HadeethEnc[सह़ीह़]

फ़लाँ नमाज़ को फ़लाँ समय में पढ़ो और फ़लाँ नमाज़ को फ़लाँ समय में पढ़ो,जब नमाज़ का समय हो जाए तो तुम में से एक व्यक्ति अज़ान दे तथा तुम में से जो क़ुरआन का सबसे ज़्यादा याद रखता हो वह इमामत करे।

अय्यूब से वर्णित है, वह अबू क़िलाबा से वर्णन करते हैं, वह अम्र बिन सलमा रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत करते हैं, अय्यूब कहते हैं कि मुझ से अबू क़िलाबा ने कहा : क्यों नहीं तुम उनसे भेंट कर के उनसे पूछते हो -अर्थात तुम अम्र बिन सलमा रज़ियल्लाहु अन्हु से पूछो-, वह कहते हैं :…

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#11297HadeethEnc[सह़ीह़]

जो क़ुरआन को सर्वाधिक याद रखता हो वह लोगों की इमामत करे।

अबू मसऊद अंसारी -रज़ियल्लाहु अन्हु- से वर्णित है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “जो क़ुरआन को सर्वाधिक याद रखता हो वह लोगों की इमामत करे, यदि सारे लोग क़ुरआन को याद करने में समान हों तो जो सर्वाधिक सुन्नत का ज्ञानी हो (वह इमामत कर…

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#11302HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह तआला तुम्हारे शौक़ (चाह, अभिरुचि) में वृद्धि करे, लेकिन पुनः ऐसा न करना।

हसन से वर्णित है, वह कहते हैं कि अबू बकरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) उस समय पहुँचे जब अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- रुकू में थे, तो उन्होंने सफ (पंक्ति) में पहुँचने के पूर्व ही रुकू कर लिया तथा उसी हालत में चलते हुए सफ में पहूँचे, जब नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम-…

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#11303HadeethEnc[ह़सन]

अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने एक व्यक्ति को सफ़ के पीछे अकेले नमाज़ पढ़ते हुए देखा, तो उसे नमाज़ दोहराने का आदेश दिया।

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#11307HadeethEnc[ह़सन]

उम्मे वरक़ा बिन्ते अब्दुल्लाह बिन हारिस अंसारी से वर्णित है कि उन्होंने क़ुरआन हिफ़्ज़ (कंठस्थ) किया था, (और) नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने उन्हें आदेश दिया था कि वह अपने घर वालों की इमामत करें (उन्हें नमाज़ पढ़ाएं)।

उम्मे वरक़ा बिन्ते अब्दुल्लाह बिन हारिस अंसारी से वर्णित है कि उन्होंने क़ुरआन हिफ़्ज़ (कंठस्थ) किया था, (और) नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने उन्हें आदेश दिया था कि वह अपने घर वालों की इमामत करें (उन्हें नमाज़ पढ़ाएं), उनके लिए एक मुअज़्ज़िन था जो अज़ान देता था और वह…

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