افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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यात्रा के आदाब तथा अहकाम

10 hadeeths in this category
#5968HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब यात्रा में होते और रात को ठहरते तो दाएँ करवट पर लेटते और जब सुब्ह से कुछ पहले ठहरते तो अपना दाहिना बाज़ू खड़ा कर लेते और अपना सर अपनी हथेली पर रख लेते।

अबू क़तादा अंसारी (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब यात्रा में…

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#5971HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) यात्रा में सबसे पीछे चलते तथा कमज़ोर को हाँकते, उसे अपने पीछे सवार कर लेते और उसके लिए दुआ करते।

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#6003HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब सफ़र में निकलते समय अपने ऊँट पर ठीक से बैठ जाते तो तीन बार 'अल्लाहु अकबर' कहते और फिर फ़रमातेः «سبحان الذي سخَّر لنا هذا وما كنا له مُقْرِنِينَ وإنا إلى ربنا لـمُنْقَلِبُون» "पाक है वह हस्ती, जिसने इस जानवर को हमारे वश में कर दिया, अन्यथा हम उसे अपने क़ाबू में करने में सक्षम नहीं थे तथा निश्चय ही हम अपने रब की ओर लौटकर जाने वाले हैं।

अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्लाहु अंहुमा) का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब सफ़र में निकलते समय अपने ऊँट पर ठीक से बैठ जाते तो तीन बार 'अल्लाहु अकबर' कहते और फिर फ़रमातेः «سبحان الذي سخَّر لنا هذا وما كُنَّا له مُقْرِنِينَ وإنَّا إلى ربِّنا لـمُن…

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#6005HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ मुहाजिरो और अंसारियो! तुम्हारे कुछ भाई ऐसे हैं, जो न धन रखते हैं न कुनबा। अतः, तुममें से हर व्यक्ति अपने साथ दो या तीन लोगों को मिला ले।

जाबिर (रज़ियल्लाहु अंहु) का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने युद्ध में निकलने का इरादा किया तो फ़रमायाः ऐ मुहाजिरो और अंसारियो! तुम्हारे कुछ भाई ऐसे हैं, जो न धन रखते हैं न कुनबा। अतः, तुममें से हर व्यक्ति अपने साथ दो या तीन लोगों को मिला ले। इसप…

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#6102HadeethEnc[ह़सन]

हरदम अल्लाह का भय रखो और हर ऊँचाई पर चढ़ते समय 'अल्लाहु अकबर' कह लिया करो।

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अनहु) का वर्णन है कि एक व्यक्ति ने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल! मैं यात्रा में निकलना चाहता हूँ, अतः आप मुझे वसीयत करें। आपने कहाः अल्लाह का भय हरदम रखो और हर ऊँचाई पर चढ़ते समय 'अल्लाहु अकबर' कह लिया करो।जब वह व्यक्ति जाने लगा तो आपने फ़रमायाः "ऐ अल्ल…

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#6206HadeethEnc[दोनों रिवायतों को मिलाकर सह़ीह़]

जब हम किसी ऊँचे स्थान पर चढ़ते , तो अल्लाहु अकबर कहते और जब ढलान पर आते तो सुबहानल्लाह कहा करते थे

जाबिर (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि जब हम किसी ऊँचे स्थान पर चढ़ते, तो अल्लाहु अकबर कहते और जब ढलान से उतरते, तो सुबहानल्लाह कहा करते थे। अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्लाहु अनहुमा) कहते हैं कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) और आप की सेना जब टीलों पर चढ़ते, तो तक…

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#6207HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ लोगो! स्वंय अपने आप पर दया करो। तुम किसी बहरे तथा ग़ायब को नहीं बुला रहे हो, वह तुम्हारे साथ है और वह बहुत ही सुनने वाला और समीप है

अबू मूसा अशअरी (रज़ियल्लाहु अनहु) से रिवायत है, वह कहते हैं कि हम अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ किसी यात्रा में थे। सफर के दौरान, जब हम किसी घाटी में पहुँचते तो “ला इलाहा इल्लल्लाह” और “अल्लाहु अकबर” कहते हुए हमारी आवाज़ें बुलंद हुईं तो अल्लाह के रसूल…

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#6386HadeethEnc[दोनों रिवायतों को मिलाकर सह़ीह़]

हम रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की अगवानी के लिए बच्चों के साथ सनिय्यतुल वदा तक गए।

साइब बिन यज़ीद -रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- जब तबूक युद्ध से वापस आए, तो लोगों ने आपकी अगवानी की और मैंने बच्चों के साथ सनिय्यतुल वदा पर आपकी अगवानी की। तथा बुखारी की रिवायत में है : वह कहते हैं कि हम रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की…

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#66294HadeethEnc[स़ह़ीह़]

तुम ऐसे लोगों के घरों में रोते हुए प्रवेश करो, जिन्होंने अपने ऊपर अत्याचार किए हैं। कहीं ऐसा न हो कि तुम्हें भी उसी प्रकार के अज़ाब का सामना करना पड़ जाए, जिस प्रकार के अज़ाब का सामना उन्हें करना पड़ा है।

अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अनहुमा- का वर्णन है, वह कहते हैं : हम लोग अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के साथ हिज्र से गुज़रे, तो अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने हम लोगों से फ़रमाया : "तुम ऐसे लोगों के घरों में रोते हुए प्रवेश करो, जिन्होंने अपने…

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