Prophetic Hadeeth Encyclopedia
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वज़ू तोड़ देने वाली चीज़ें
अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अपनी किसी पत्नी का चुंबन लिया, फिर नमाज़ के लिए गए और वज़ू नहीं किया
उरवा बिन ज़ुबैर, आइशा (रज़ियल्लाहु अनहा) से मरफूअन रिवायत करते हैं कि : अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अपनी किसी पत्नी का चुंबन लिया, फिर नमाज़ के लिये गए और वज़ू नहीं किया। उरवा कहते हैं कि मैंने (आइशा रज़ियल्लाहु अनहा से) कहा: वह आप ही होंगी? तो वह हंस पड…
वह तो उसी का एक टुकड़ा है
तल्क़ बिन अली (रज़ियल्लाहु अनहा) कहते हैं कि हम लोग अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आए, तो एक देहाती व्यक्ति आया और कहने लगा: ऐ अल्लाह के नबी! उस व्यक्ति के प्रति आपका क्या आदेश है जो वज़ू के पश्चात अपने गुप्तांग को छू लेता है? आपने फ़रमाया: वह तो उसी का…
जो अपने लिंग को छूए, वह वज़ू करे
उरवा कहते हैं कि मैं मरवान बिन हकम के पास गया और वज़ू किन वस्तुओं के कारण किया जाता है, इसका वर्णन किया। मरवान ने कहा: जिसने अपना लिंग छू लिया हो - उसके बारे में क्या आदेश है? उरवा ने कहा: मुझे इसका ज्ञान नहीं है। तब मरवान ने कहा: मुझे बुसरा पुत्री सफ़वान ने बताया कि उस…
उसने पूछा: क्या मैं बकरियों के बाड़े में नमाज़ पढ़ूँ? आपने फ़रमाया: हां। उसने पूछा: क्या मैं ऊँटों के रहने की जहग में नमाज़ पढ़ूँ? आपने फ़रमाया: नहीं।
जाबिर बिन समुर (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि एक व्यक्ति ने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से पूछा: क्या मैं बकरी का माँस खाने पर वज़ू करुँ? आपने फ़रमाया: यदि तुम चाहो तो वज़ू करो और यदि न चाहो तो न करो। उसने पूछा: क्या मैं ऊँट का माँस खाने पर वज़ू करूँ? आपने…
जो मृत व्यक्ति को स्नान कराए वह स्वयं भी स्नान करे और जो उसे उठाकर ले जाए वह वज़ू करे
बेशक आँखें मलद्वार की रस्सी हैं, जब आँखें सो जाती हैं तो रस्सी ढीली पड़ जाती है
मुआविया बिन अबू सुफ़यान (रज़ियल्लाहु अनहुमा) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़…
जब तुममें से कोई अपने पेट में कोई चीज़ पाए और उसके लिए यह निर्णय लेना कठिन हो कि उससे कुछ निकला है या नहीं, तो मस्जिद से उस समय तक हरगिज़ न निकले, जब तक आवाज़ सुनाई न दे या बदबू महसूस न हो।
अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु से वर्णित है, उन्होंने कहा कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "जब तुममें से कोई अपने पेट में कोई चीज़ पाए और उसके लिए यह निर्णय लेना कठिन हो कि उससे कुछ निकला है या नहीं, तो मस्जिद से उस समय तक हरगिज़ न निकले, जब तक आवाज़…

