उस व्यक्ति की मिसाल जो अपने रब को याद करता है और उसकी मिसाल जो अपने रब को याद नहीं करता, जीवित और मृत की सी है।
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तथा अबू मूसा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "उस व्यक्ति की मिसाल जो अपने रब को याद करता है और उसकी मिसाल जो अपने रब को याद नहीं करता, जीवित और मृत की सी है।" सही मुस्लिम के शब्द हैं : "उस घर की मिसाल जिसमें अल्लाह को याद किया जाता है और उस घर की मिसाल जिसमें अल्लाह को याद नहीं किया जाता, जीवित और मृत जैसी है।"
Explanation
इसी तरह जब घर में रहने वाले लोग अल्लाह का ज़िक्र करते हैं, तो वह घर जीवित है और जब अल्लाह के ज़िक्र की अनदेखी करते हैं, तो वह घर मृत है। वैसे, यहाँ जीवित एवं मृत यद्यपि घर के लोगों को कहा गया है, लेकिन मुराद घर में रहने वाले लोग हैं।
Benefits
जिस प्रकार आत्मा शरीर का जीवन है, उसी प्रकार ज़िक्र आत्मा का जीवन है।
अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- अपनी बात समझाने के लिए उदाहरण दिया करते थे।
नववी कहते हैं : इस हदीस से मालूम होता है कि घर में अल्लाह का ज़िक्र करते रहना चाहिए और घर को अल्लाह के ज़िक्र से ख़ाली नहीं होने देना चाहिए।
नववी कहते हैं : अगरचे एक मृत मोमिन भी भलाई की ओर जा चुका होता है, लेकिन अल्लाह की बंदगी के सुयोग के साथ लंबी उम्र मिलना फ़ज़ीलत की बात है। क्योंकि जीवित व्यक्ति की नेकियों का ख़ज़ाना उसके द्वारा किए जा रहे अच्छे कामों से समृद्ध होता जाता है।
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