´De belangrijke lessen voor de elke moslim´. Een boek vertaald vanuit het Arabisch naar het Nederlands geschreven door Sheikh Haytham Sarhan. De sheikh legt een geschreven boek uit van de nobele Sheikh Abdoel Aziez Bin Baaz´ (Moge Allah hem begenadigen) genaamd ´De belangrijke lessen voor de elke moslim´. Daarin verzamelde hij enkele islamitische wetenschappen met betrekking tot jurisprudentie (Fiqh), geloofsbelijdenissen (Aqidah) en gedragsregels die het grote publiek van de gemeenschap zou moeten kennen. De schrijver heeft het verfraaid met tabellen en indelingen, benoemde de algemene islamitische doelen en algemene betekenissen van teksten en maakte na elke sectie vragen en tests. De schrijver heeft het kort samengevat zonder het tekort te doen noch te langdradig en saai gemaakt.
UITLEG VAN DE DRIE VRAGEN IN HET GRAF
‘De drie vragen van het graf’, ‘De vier stelregels’ en ‘Een waarschuwing voor de mensen van Imaan voor wat doet treden uit de islam’: Een boek in het Nederlands, geschreven door Sheikh Dr. Haytham Sarhan: en het bevat het volgende
1. Titel: De drie vragen van het graf:
Een belangrijke boodschap die de principes bevat die een persoon moet kennen en waarover hem in zijn graf zal worden gevraagd, de soorten aanbiddingen die Allah heeft geboden en een uitleg van de niveaus van religie.
2. Titel: De vier stelregels:
Een kort schrijfwerk waarin de regels van het Monotheïsme en de kennis ervan worden uitgelegd, en een commentaar op enkele misvattingen van de polytheïsten.
3. Titel: Een waarschuwing voor de mensen van Imaan voor wat doet treden uit de islam:
Een kort schrijfwerk waarin enkele van de gevaarlijkste kwesties voor de religie van de moslim worden genoemd. En ondanks hun ernst behoren ze tot de meest voorkomende. Dit zodat de moslim ervoor wordt gewaarschuwd en ze voor zichzelf vreest.
De schrijver heeft het verfraaid met tabellen en indelingen, benoemde de algemene islamitische doelen en algemene betekenissen van teksten en maakte na elke sectie vragen en tests. De schrijver heeft het kort samengevat zonder het tekort te doen noch te langdradig en saai gemaakt.
Dit Alles is gebaseerd op de Qoran en de Soennah
اصول هولندي ?? De drie vragen in het Graf
सुखी जीवन के उपयोगी साधन
हिंदी भाषा की यह पुस्तक डॉक्टर हैस़म सरहान द्वारा रचित है। वास्तव में यह पुस्तक अल्लामा सादी रह़िमहुल्लाह द्वारा लिखित मूल पुस्तक “सुखी जीवन के लिए उपयोगी संदेश” का संक्षिप्तीकरण है, जिसमें उन्होंने उन उपयोगी माध्यमों का उल्लेख किया है जिन के द्वारा सौभाग्यशाली जीवन जीना सुगम हो जाता है, इसके अतिरिक्त उन साधनों एवं ढ़ंगों का उल्लेख करने के साथ-साथ उन्हें प्राप्त करने के उपाय भी सुझाए गए हैं, विशेष बात यह है कि ये सभी बातें क़ुरआन एवं ह़दीस़ से मय प्रमाण बयान की गई हैं।
लेखक महोदय ने छोटे-छोटे बिंदुओं के रूप में व्यवस्थित कर इसे सुंदर ढ़ंग से प्रस्तुत किया है।
रोज़ा से संबंधित महत्वपूर्ण बातें
रोज़ा से संबंधित महत्वपूर्ण बातें: यह पुस्तिका हिंदी भाषा में है, जिसे डॉ. हैस़म सरहान ने लिखा है, जिसमें उन्होंने वाजिब एवं मुस्तहब रोज़ों के महत्वपूर्ण मसलों का उल्लेख किया है, तथा कब रोज़ा रखना मकरूह होता है एवं कब ह़राम इसे भी उजागर किया है, इसके अतिरिक्त सदक़ा -ए- फ़ित्र एवं ईद की नमाज़ से संबंधित अति महत्वपूर्ण फ़िक्ही मसलों को भी बयान किया है।
पवित्र क़ुरआन की भाषा अरबी सुलेख सीखें
कुरान से अरबी सुलेख और जुज़ अम्म (तीसवाँ पारा) सीखें: डॉ हैस़म सरहान द्वारा लिखित यह पुस्तक हिंदी में है, जिसका उद्देश्य विभिन्न परिस्थितियों का ध्यान रखते हुए क्रमबद्ध ढ़ंग से नस्ख़ लिपि को सिखलाना है, तत्पश्चात तुलनात्मक रूप से कुछ मूल पुस्तकों की लेखनी का अभ्यास कराना है, इसी प्रकार से इस पुस्तक का एक मुख्य उद्देशय “उस़्मानी लिपि” अर्थात वह लिपि जिस में उस़्मान रह़िमहुल्लाह के युग में क़ुरआन -ए- करीम लिखा गया था, उस उस़्मानी लिपि में अम्मा पारा (तीसवाँ पारा) को लिखने का अभ्यास कराना भी है।
इस पुस्तक को मजेदार एवं दिलचस्प ढ़ंग से तैयार किया गया है जो बड़े-छोटे एवं अरबी भाषी तथा ग़ैर अरबी भाषी सभी के लिए समान रूप से उपयोगी है।
नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की संक्षिप्त जीवनी
नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की संक्षिप्त जीवनी: इस पुस्तक को डॉ. हैस़म सरहान ने मूल रूप से अरबी भाषा में लिखा है जिसका हिंदी भाषा में अनुवाद साबिर हुसैन ने किया है। इस पुस्तक को सरल रूप में तैयार किया गया है जिसका अध्यन करना प्रत्येक उस व्यक्ति के लिए अपरिहार्य है जो नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के जीवन, उनकी सीरत, उनके गुण, उनकी शारीरिक एवं नैतिक विशेषताओं, तथा आपके सगे-संबंधियों एवं पत्नियों के विषय में जानकारी प्राप्त करने का इच्छुक है।
लेखक ने इसे स्तंभ, सूचिपत्र एवं तालिका के रूप में सुंदर ढंग से तरतीब दे कर प्रस्तुत किया है, एवं प्रत्येक खण्ड की समाप्ती के पश्चात पाठक की पात्रता जाँचने के लिए प्रश्न एवं परीक्षा तैयार किये हैं। इस पुस्तक की विशेषता यह है कि इसे उबा देने वाली लम्बाई तथा अर्थ का अनर्थ करने वाली लघुता से बचते हुए संयोजित एवं संक्षिप्त रूप में तैयार किया गया है।
तीन मलू आधार एवं उनके प्रमाण चार सिद्ांत एवं इस्लाम िे ननष्कासित करने वाली बातों_
क़ब्र के तीन प्रश्न, चार क़ायदे एवं इस्लाम से निष्कासित कर देने वाली बातें: यह पुस्तक मूल रूप से अरबी भाषा में डॉक्टर हैस़म सरहान ने लिखा है जिसका अनुवाद हिंदी भाषा में साबिर हुसैन ने किया है, इस पुस्तक के मुख्य बिंदु निम्न हैं:
1- क़ब्र के तीन प्रश्नः
यह एक अनमोल पुस्तक है जिसमें वे सिद्धांत शामिल हैं जिन्हें एक व्यक्ति को अवश्य जानना चाहिए और जिसके बारे में उससे कब्र में पूछा जायेगा, एवं अल्लाह तआला ने जिस इबादत (पूजा) का हमें आदेश दिया है उसके भेदों का वर्णन करने के साथ-साथ दीन (धर्म) के दर्जा (अनुक्रम) की व्याख्या की गई है।
2- चार नियमः
तौह़ीद अर्थात एकेश्वरवाद और उसके नियमों की व्याख्या करने वाली एक उपयोगी एवं संक्षिप्त पुस्तिका। इसके अतिरिक्त इसमें उन भ्रांतियों का भी निवारण किया गया है जो मुश्रिकों की ओर से पेश किये जाते हैं।
3- इस्लाम से निष्कासित कर देने वाली बातें:
एक संक्षिप्त पुस्तिका जिसमें लेखक महोदय ने उन महत्वपूर्ण मसलों का उल्लेख किया है जो एक मुस्लिम के लिए अति संगीन एवं खतरनाक हैं, ये मसले संगीन होने के साथ-साथ मुस्लिम समाज में बाहुल्यता के साथ पाए जाते हैं, लेखक महोदय ने उन बातों का उल्लेख कर के वास्तम में मुस्लिम समाज को उन से बचने का मार्ग सुझाया है।
लेखक ने इसे स्तंभ, सूचिपत्र एवं तालिका के रूप में सुंदर ढंग से तरतीब दे कर प्रस्तुत किया है, जिसमें उन्होंने समग्र उद्देश्यों तथा संक्षिप्त अर्थों का उल्लेख किया है, एवं प्रत्येक खण्ड की समाप्ती के पश्चात पाठक की पात्रता जाँचने के लिए प्रश्न एवं परीक्षा तैयार किये हैं। इस पुस्तक की विशेषता यह है कि इसे उबा देने वाली लम्बाई तथा अर्थ का अनर्थ करने वाली लघुता से बचते हुए संयोजित एवं संक्षिप्त रूप में तैयार किया गया है।
आभ जनता के लरए भहत्वऩर्ू ण ऩाठ
आम जनता के लिए महत्वपूर्ण पाठ: डॉ. हैस़म सरहान द्वारा लिखित पुस्तक है, जो इमाम इब्न बाज़ -अल्लाह उन पर दया करे- द्वारा रचित “उम्मत के आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण पाठ” नामक पुस्तक की व्याख्या है। जिसमें उन्होंने न्यायशास्त्र, अक़ीदा (आस्था) और व्यवहार से संबंधित उन शरई ज्ञान को एक स्थान पर एकत्रित किया है, जिन्हें आम लोगों को अवश्य जानना चाहिए।
लेखक ने इसे स्तंभ, सूचिपत्र एवं तालिका के रूप में सुंदर ढंग से तरतीब दे कर प्रस्तुत किया है, जिसमें उन्होंने समग्र उद्देश्यों तथा संक्षिप्त रूप से आवश्यक जानकारियों का उल्लेख किया है, एवं प्रत्येक खण्ड की समाप्ती के पश्चात पाठक की पात्रता जाँचने के लिए प्रश्न एवं परीक्षा तैयार किये हैं। इस पुस्तक की विशेषता यह है कि इसे उबा देने वाली लम्बाई तथा अर्थ का अनर्थ करने वाली लघुता से बचते हुए संयोजित एवं संक्षिप्त रूप में तैयार किया गया है।
अल-क़ौलअल-मफु ़ीदका विभाजीयएिंवियमकरूपातं रण
अल-तक़सीम व अल-तक़यीद लि अल-क़ौल अल-मुफ़ीद (अल-क़ौल अल-मुफ़ीद का विभाजीय एवं नियामक रूपांतरण) : शेख डॉ. हैस़म सरहान द्वारा मूल रूप से अरबी भाषा में लिखी गई पुस्तक है, जिसका अनुवाद हिंदी भाषा में साबिर हुसैन मोहम्मद मोजीबुर रहमान ने किया है। वास्तव में यह अल्लामा मुह़म्मद बिन स़ालेह़ उस़ैमीन -रह़िमहुल्लाह- की पुस्तक “अल-क़ौल अल-मुफ़ीद अला किताबित्तौह़ीद” का संक्षिप्तीकरण है। उस तौह़ीद (एकेश्वरवाद) की व्याख्या करने के विषय में, जिसे अल्लाह तआला ने अपने दासों पर अनिवार्य करार दिया है, तथा उसकी विपरीत चीजें चाहे वो उसके मूल आधार के विरुद्ध हों जैसे शिर्क -ए- अकबर, अथवा उसके कमाल व पूर्णता के विरुद्ध हों जैसे शिर्क -ए- अस़ग़र, यह पुस्तक इन बातों का उत्तम ढंग से उल्लेख करने वाली सबसे उपयोगी समकालीन पुस्तकों में से एक मानी जाती है।
लेखक ने इसे स्तंभ, सूचिपत्र एवं तालिका के रूप में सुंदर ढंग से तरतीब दे कर प्रस्तुत किया है, इसमें उन्होंने पुस्तक के अध्यायों में वर्णित दलीलों के समग्र उद्देश्यों एवं मूल अर्थों का उत्तम रूप में उल्लेख किया है। तथा प्रत्येक खण्ड की समाप्ती के पश्चात पाठक की पात्रता जाँचने के लिए प्रश्न एवं परीक्षा तैयार किये हैं। इस पुस्तक की विशेषता यह है कि इसे उबा देने वाली लम्बाई तथा अर्थ का अनर्थ करने वाली लघुता से बचते हुए संयोजित एवं संक्षिप्त रूप में तैयार किया गया है।











