जब अल्लाह अपने बंदे के साथ भलाई का इरादा करता है, तो उसे दुनिया ही में जल्दी सज़ा दे देता है और जब अपने बंदे के साथ बुराई का इरादा करता है, तो उसके गुनाहों की सज़ा को रोके रखता है, यहाँ तक कि वह क़यामत के दिन अपने सारे गुनाहों के साथ उपस्थित होगा।
अनस (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फरमायाः "जब अल्लाह अपने बंदे के साथ भलाई का इरादा करता है, तो उसे दुनिया ही में जल्दी सज़ा दे देता है और जब अपने बंदे के साथ बुराई का इरादा करता है, तो उसके गुनाहों की सज़ा को रोके रखता है,…

