Prophetic Hadeeth Encyclopedia
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फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
बेशक अल्लाह ने हर हक़ वाले को उसका हक़ दे दिया है और वारिस के लिए कोई वसीयत नहीं है। बिस्तर वाले के लिए बच्चा है और व्यभिचारी के लिए पत्थर है। जो पिता को छोड़कर दूसरे से अपने को मंसूब करता है अथवा मुक्त करने वाले को छोड़कर दूसरे की ओर निस्बत करता है, उसपर अल्लाह की लानत है। अल्लाह उसकी न फ़र्ज़ इबादत ग्रहण करेगा, न नफ़ल इबादत।
अम्र बिन खारिजा -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहते हैं कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने अपनी ऊँटनी पर सवार होकर ख़ुतबा दिया। उस समय मैं उसकी गरदन के नीचे खड़ा था, वह जुगाली कर रही थी तथा उसकी लार मेरे कंधों के बीच गिर रही थी। मैंने आपको फ़रमाते हुए सुना : “बेशक अल्लाह ने…
लड़की का पेशाब धोया जाएगा और लड़के के पेशाब पर छींटे मारे जाएँगे।
अबु सम्ह कहते हैं कि मैं नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की सेवा करता था। जब आप स्नान करना चाहते, तो फ़रमाते : “मेरी ओर अपनी पीठ कर लो।” चुनाँचे मैं आपकी ओर अपनी पीठ कर लेता और आपका पर्दा करता। एक बार हसन अथवा हुसैन -रज़ियल्लाहु अनहुमा- को लाया गया। उन्होंने आपके सीने पर…
वह उसे खुर्चेगी, फिर पानी से रगड़कर साफ़ करेगी, फिर धोएगी और उसी में नमाज़ पढ़ेगी।
असमा बिंत अबू बक्र -रज़ियल्लाहु अनहा- कहती हैं कि एक स्त्री नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आई और बोली कि बताएँ कि यदि हममें से किसी स्त्री के कपड़े में माहवारी का ख़ून लग जाए, तो वह क्या करे? आपने फ़रमाया : “वह उसे खुर्चेगी, फिर पानी से रगड़कर साफ़ करेगी, फिर धोए…
ख़ून को धो लेना ही तुझे काफ़ी है और उसका निशान तेरे लिए हानिकारक नहीं।
अबू हुरैरा -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहते हैं कि ख़ौला बिंत यसार -रज़ियल्लाहु अन्हा- नबी -सल्लल्ललाहु अलैहि वसल्लम- के पास आईं और बोलीं : ऐ अल्लाह के रसूल, मेरे पास एक ही कपड़ा है और मुझे उसीमें माहवारी आ जाती है। मैं क्या करुँ? आपने फ़रमाया : “जब तुम पवित्र हो जाओ, तो उ…
यदि मेरी उम्मत पर कठिन न होता, तो मैं उन्हें आदेश देता कि प्रत्येक वज़ू के समय मिसवाक कर लिया करें।
जिसे खुशी हो कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- का वज़ू सीखे, तो वह जान ले कि आपका वज़ू इसी तरह का हुआ करता था।
अब्दे ख़ैर कहते हैं कि अली -रज़ियल्लाहु अन्हु- हमारे पास आए और पामी मँगवाया, जबकि वह पहले ही नमाज़ पढ़ चुके थे। अतः, हमने कहा कि जब वह नमाज़ पढ़ चुके हैं, तो वज़ू का पानी क्या करेंगे? निश्चय ही वह हमें वज़ू का तरीक़ा सिखाना चाहते हैं। चुनाँचे एक बर्तन में पानी तथा एक तश…
जब तुममें से कोई नींद से जागे, तो तीन बार अपनी नाक में पानी डालकर झाड़ ले, क्योंकि शैतान उसकी नाक के अंदर रात गुज़ारता है।
अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "जब तुममे…
वज़ू सम्पूर्ण रूप से करो और उंग्लियों के बीच ख़िलाल करो तथा यदि रोज़े से न हो तो नाक में पानी डालकर अच्छी तरह से नाक झाड़ो।
लक़ीत बिन सबिरा -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहते हैं कि मैं बनू मुनतफ़िक़ के प्रतिनिधि के रूप –अथवा बनू मुनतफ़िक़ के प्रतिनिधिंडल में शामिल होकर- अल्लाह रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आया था। उनका बयान है कि जब हम अल्लाह के रसलू -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के यहाँ आ…
मैंने अम्मार बिन यासिर को दाढ़ी का ख़िलाल करते देखा तो उनसे कहा गया, अथवा यह कहा कि मैंने उनसे कहा : क्या आप दाढ़ी का खिलाल करते हैं? उन्होंने कहा : “क्यों न करूँ? बेशक मैंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को अपनी दाढ़ी का ख़िलाल करते हुए देखा है।”
हस्सान बिन बिलाल कहते हैं : मैंने अम्मार बिन यासिर को दाढ़ी का ख़िलाल करते देखा तो उनसे कहा गया, अथवा यह कहा कि मैंने उनसे कहा : क्या आप दाढ़ी का खिलाल करते हैं? उन्होंने कहा : “क्यों न करूँ? बेशक मैंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को अपनी दाढ़ी का ख़िलाल क…
नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास दो तिहाई मुद पानी लाया गया, तो आपने -धाने के लिए- अपने बाज़ू को मलना शुरू कर दिया।
अब्दुल्लाह बिन ज़ैद -रज़ियल्लाहु अन्हु- से मरफ़ूअन रिवायत है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास दो…
अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने वज़ू किया, तो कुल्ली की, फिर नाक में पानी डालकर नाक झाड़ा, फिर तीन बार चेहरे को धोया, दाहिने तथा बाएँ हाथ को तीन-तीन बार धोया, अपने सिर का मसह हाथ के बचे हुए पानी से नहीं बल्कि नए पानी से किया और दोनों पैरों को साफ़ करके धोया।
अब्दुल्लाह बिन ज़ैद- रज़ियल्लाहु अन्हु- से वर्णित है कि उन्होंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को वज़ू करते हुए देखा। आपने कुल्ली की, फिर नाक में पानी डालकर नाक झाड़ा, फिर तीन बार चेहरे को धोया, दाहिने तथा बाएँ हाथ को तीन-तीन बार धोया, अपने सिर का मसह हाथ के…

