افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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भाग्य एवं नियति की श्रेणियाँ

10 hadeeths in this category
#4811HadeethEnc[स़ह़ीह़]

ऐ बच्चे! मैं तुम्हें कुछ बातें सिखाना चाहता हूँ। अल्लाह (के आदेशों और निषेधों) की रक्षा करो, अल्लाह तुम्हारी रक्षा करेगा। अल्लाह (के आदेशों और निषेधों) की रक्षा करो, तुम उसे अपने सामने पाओगे। जब माँगो, तो अल्लाह से माँगो और जब मदद तलब करो, तो अल्लाह से तलब करो

अब्दुल्लाह बिन अब्बास रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है, उन्होंने कहा : मैं एक दिन अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पीछे सवार था कि इसी बीच आपने कहा : "ऐ बच्चे! मैं तुम्हें कुछ बातें सिखाना चाहता हूँ। अल्लाह (के आदेशों और निषेधों) की रक्षा करो, अल्लाह तुम्हारी रक…

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#5979HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह ने सबसे पहले क़लम को पैदा किया। फिर उसे लिखने का आदेश दिया तो उसने कहाः ऐ मेरे रब! मैं क्या लिखूँ? अल्लाह ने कहाः क़यामत तक पैदा होने वाली सारी चीज़ों की तक़दीर लिखो।

उबादा बिन सामित (रज़ियल्लाहु अंहु) से रिवायत है कि उन्होंने कहाः ऐ मेरे बेटे! तुम उस समय तक ईमान की मिठास महसूस नहीं कर सकते, जब तक इस बात का विश्वास न रखो कि जो कुछ तुम्हें पहुँचने वाला है, वह तुमसे टल नहीं सकता और जो कुछ तुम्हें नहीं पहुँचने वाला है, वह तुम्हें पहुँच…

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#8317HadeethEnc[सह़ीह़]

आदम तथा मूसा (अलैहिमस्सलाम) के बीच तर्क-वितर्क हो गया। मूसा (अलैहिस्सलाम) ने आदम (अलैहिस्सलाम) से कहा : ऐ आदम! आप हमारे पिता हैं। आपने ही हमें असफ़ल किया तथा जन्नत से निकाला। आदम (अलैहिस्सलाम) ने उनसे कहा : ऐ मूसा! अल्लाह ने तुझे स्वयं अपने से बात करने के लिए चुना और अपने हाथों से तुम्हारे लिए तौरात लिखी। क्या तुम मुझे एक ऐसी बात पर दोष दे रहे हो, जिसे अल्लाह ने मुझे बनाने से चालीस साल पूर्व ही लिख दिया था? इस प्रकार, आदम (अलैहिस्सलाम) ने मूसा (अलैहिस्सलाम) को परास्त कर दिया।

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : “आदम तथा मूसा (अलैहिमस्सलाम) के बीच तर्क-वितर्क हो गया। मूसा (अलैहिस्सलाम) ने आदम (अलैहिस्सलाम) से कहा : ऐ आदम! आप हमारे पिता हैं। आपने ही हमें असफ़ल किया तथा जन्नत से निकाला। आदम…

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#8869HadeethEnc[सह़ीह़]

तुममें से प्रत्येक व्यक्ति का जहन्नम अथवा जन्नत में ठिकाना लिख दिया गया है

अली (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि हम लोग बक़ी-ए- ग़रक़द में एक जनाज़े में थे, तो अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) हमारे पास आए और बैठ गए और हम लोग भी आपके आस- पास बैठ गए। उस समय आपके हाथ में एक छड़ी थी। आप अपना सर झुकाए उससे मिट्टी को खुरचने लगे, फिर फ़रमाया:…

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#8910HadeethEnc[सह़ीह़]

आज के बाद मेरे भाई पर रोया न करो

अब्दुल्लाह बिन जाफ़र (रज़ियल्लाहु अनहुमा) कहते हैं कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने जाफ़र के परिवार को तीन दिन की छूट दी। फिर आप आए और फ़रमाया: आज के बाद मेरे भाई पर रोया न करो। फिर फ़रमाया: मेरे भतीजों को बुलाओ। अतः हमें लाया गया। उस समय हम ऐसे लग रहे थे ज…

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#8927HadeethEnc[सह़ीह़]

अब्दुल्लाह बिन रवाह़ा (रज़ियल्लाहु अनहु) बेहोश हुए तो उनकी बहन रो रो कर, हे पहाड़! आदि बार- बार कहने लगी, तो होश में आने के पश्चात फ़रमाया: तुमने जो कुछ कहा, मुझसे कहा गया कि क्या तू ऐसा ही है?

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#10415HadeethEnc[सह़ीह़]

सर्वशक्तिमान अल्लाह ने सृष्टियों की रचना अंधेरे में की और उनके ऊपर अपना कुछ प्रकाश डाला। अतः, जिसे उस नूर का कुछ अंश प्राप्त हुआ, उसे सीधा मार्ग मिल गया और जिसे प्राप्त न हो सका, वह भटक गया। इसी लिए मैं कहता हूँ: क़लम अल्लाह के ज्ञान पर सूख गई है

अब्दुल्लाह बिन अम्र (रज़ियल्लाहु अनहुमा) कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को कहते हुए सुना है: सर्वशक्तिमान अल्लाह ने सृष्टियों की रचना अंधेरे में की और उनके ऊपर अपना कुछ प्रकाश डाला। अतः, जिसे उस नूर का कुछ अंश प्राप्त हुआ, उसे सीधा मार्ग मिल…

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#65037HadeethEnc[स़ह़ीह़]

हमें अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने, जो कि सच्चे थे और जिनकी सच्चाई सर्वमान्य थी, बताया है : तुममें से हर व्यक्ति की सृष्टि-सामग्री उसकी माँ के पेट में चालीस दिनों वीर्य के रूप में एकत्र की जाती है

अब्दुल्लाह बिन मसऊद रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है : "हमें अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने, जो कि सच्चे थे और जिनकी सच्चाई सर्वमान्य थी, बताया है : तुममें से हर व्यक्ति की सृष्टि-सामग्री उसकी माँ के पेट में चालीस दिनों वीर्य के रूप में एकत्र की जाती है। फिर इतन…

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#65038HadeethEnc[स़ह़ीह़]

अल्लाह ने सृष्टियों की तक़दीरें आकाशों एवं धरती की रचना से पचास हज़ार वर्ष पहले लिख दी थीं

अब्दुल्लाह बिन अम्र रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है, वह कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को कहते हुए सुना है : "अल्लाह ने सृष्टियों की तक़दीरें आकाशों एवं धरती की रचना से पचास हज़ार वर्ष पहले लिख दी थीं। फरमाया : उस समय अल्लाह का अर्श पानी पर था।…

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#65039HadeethEnc[स़ह़ीह़]

हर चीज़ तक़दीर के अनुसार सामने आती है, यहाँ तक कि अक्षमता तथा सक्षमता भी या सक्षमता तथा अक्षमता भी।

ताऊस का वर्णन है, उन्होंने कहा : मैंने अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के कुछ साथियों को पाया, वे कहते थे कि हर चीज़ तक़दीर के अनुसार सामने आती है। ताऊस कहते हैं कि मैंने अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ियल्लाहु अनहुमा को कहते हुए सुना है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि…

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