افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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हमारे नबी मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम

12 hadeeths in this category
#3272HadeethEnc[स़ह़ीह़]

क़सम है उस ज़ात की जिसके हाथ में मोहम्मद की जान है, मेरे विषय में इस उम्मत का जो व्यक्ति भी सुने, चाहे वह यहूदी हो या ईसाई, फिर वह उस चीज़ पर ईमान न लाए, जिसके साथ मैं भेजा गया हूँ, तो वह जहन्नमी होगा।

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "क़सम है उस ज़ात की जिसके हाथ में मोहम्मद की जान है, मेरे विषय में इस उम्मत का जो व्यक्ति भी सुने, चाहे वह यहूदी हो या ईसाई, फिर वह उस चीज़ पर ईमान न लाए, जिसके साथ मैं भेजा…

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#3389HadeethEnc[स़ह़ीह़]

वहाँ पहुँचकर हमने कहा : आप हमारे 'सैय्यिद' (अधिपति) हैं। तो आपने कहा : 'सैय्यिद' (अधिपति) तो अल्लाह है।" हमने कहा : आप हमारे बीच सबसे उत्तम और सबसे उपकार करने वाले व्यक्ति हैं। तो आपने कहा : "तुम मुझे अपने साधारण शब्दों से संबोधित करो अथवा कुछ साधारण शब्दों से संबोधित करो और देखो कहीं शैतान तुम्हें अपना प्रवक्ता न बना ले।

अब्दुल्लाह बिन शिख़्ख़ीर रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं : मैं बनू आमिर के एक प्रतिनिध मंडल के साथ अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास गया। वहाँ पहुँचकर हमने कहा : आप हमारे 'सैय्यिद' (अधिपति) हैं। तो आपने कहा : 'सैय्यिद' (अधिपति) तो अल्लाह है।" हमने…

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#3393HadeethEnc[सह़ीह़]

तुम अपना सर उठाओ और कहो; तुम्हारी बात सुनी जाएगी, माँगो; तुम्हें दिया जाएगा तथा सिफ़ारिश करो; तुम्हारी सिफ़ारिश ग्रहण की जाएगी।

अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने बताया कि आप (क़यामत के दिन) आएँगे और अपने रब के आगे सजदे में गिरकर उसकी प्रशंसा करेंगे। (पहले ही सिफ़ारिश करना शुरू नहीं करेंगे।) फिर आपसे कहा जाएगाः तुम अपना सर उठाओ और कहो;…

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#3503HadeethEnc[स़ह़ीह़]

मुझे पाँच चीज़ें ऐसी दी गई हैं, जो मुझसे पहले किसी नबी को दी नहीं गई थीं।

जाबिर बिन अब्दुल्लाह रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "मुझे पाँच चीज़ें ऐसी दी गई हैं, जो मुझसे पहले किसी नबी को दी नहीं गई थीं। एक महीने की मसाफ़त तक जाने वाले प्रताप द्वारा मेरा सहयोग किया गया है। मेरे लिए धरती को न…

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#4239HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की मृत्यु हुई तो मेरे घर में कुछ नहीं था, जिसे कोई जानदार खाता। हाँ, मेरे पास एक ताक में थोड़ा-सा जौ रखा हुआ था, जिसे मैं लंबे समय तक खाती रही। (अंत में एक दिन) मैंने उसे नापा तो वह समाप्त हो गया।

आइशा- रज़ियल्लाहु अन्हा- कहती हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की मृत्यु हुई तो मेरे घर में कुछ नहीं था, जिसे कोई जानदार खाता। हाँ, मेरे पास एक ताक में थोड़ा-सा जौ रखा हुआ था, जिसे मैं लंबे समय तक खाती रही। (अंत में एक दिन) मैंने उसे नापा तो वह समाप्त हो…

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#4947HadeethEnc[स़ह़ीह़]

मेरी उम्मत के सारे लोग जन्नत में प्रवेश करेंगे, सिवाय उसके, जो इनकार करेगा

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "मेरी उम्मत के सारे लोग जन्नत में प्रवेश करेंगे, सिवाय उसके, जो इनकार करेगा।" कहा गया कि ऐ अल्लाह के रसूल! भला इनकार कौन करेगा? तो फ़रमाया : "जो मेरे आदेशों का पालन करेगा, वह…

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#5446HadeethEnc[सह़ीह़]

नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने पानी का एक बरतन मँगवाया, तो आपके पास एक बड़ा प्याला लाया गया, जिसमें थोड़ा-सा पानी था। सो, आपने उसमें अपनी ऊँगलियाँ डाल दीं।

अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, वह कहते हैं कि एक बार नमाज़ का समय हुआ, तो जिन लोगों के घर निकट थे, वे (वज़ू करने के लिए) अपने घरों की ओर चल दिए और कुछ लोग रह गए। आपके पास पत्थर का एक बरतन लाया गया, जो इतना छोटा था कि उसमें आप अपनी हथेली भी नहीं फैला सकत…

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#10120HadeethEnc[सह़ीह़]

'इसरा' की रात अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास दो प्याले लाए गए

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अनहु) का वर्णन है कि 'इसरा' की रात अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास शराब तथा दूध के दो प्याले लाए गए। आपने दोनों को देखा और दूध के प्याले को ले लिया। यह देखकर जिबरील (अलैहिस्सलाम) ने कहा: सारी प्रशंसा अल्लाह की है, जिसने आपका मार्ग…

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#10570HadeethEnc[सह़ीह़]

बनू ज़ुरैक़ के एक व्यक्ति ने, जिसे लबीद बिन आसम कहा जाता था, अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर जादू कर दिया था, जिसके कारण आपको लगता था कि आपने कोई काम कर लिया है, हालाँकि वह काम नहीं किया होता

आइशा (रज़ियल्लाहु अनहा) कहती हैं कि बनू ज़ुरैक़ के एक व्यक्ति ने, जिसे लबीद बिन आसम कहा जाता था, अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर जादू कर दिया था, जिसके कारण आपको लगता था कि आपने कोई काम कर लिया है, हालाँकि वह काम नहीं किया होता। यहाँ तक कि एक दिन या एक रात…

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#10573HadeethEnc[सह़ीह़]

हमारे पास अबू जुमुआ अंसारी आए और फ़रमाया: हम लोग दस व्यक्ति अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ थे, जिनमें मुआज़ बिन जबल (रज़ियल्लाहु अनहु) भी मौजूद थे, हमने कहा: ऐ अल्लाह के रसूल! क्या सवाब के मामले में कोई हमसे भी आगे बढ़ सकता है?

इब्ने जुबैर कहते हैं: हमारे पास अबू जुमुआ अंसारी (रज़ियल्लाहु अनहु) आए और फ़रमाया: हम लोग दस व्यक्ति अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ थे, जिनमें मुआज़ बिन जबल (रज़ियल्लाहु अनहु) भी मौजूद थे। हमने कहा: ऐ अल्लाह के रसूल! हम आप पर ईमान लाए और हमने आपका अनुस…

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#10859HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह ने इसमाईल की संतानों में से किनाना को चुन लिया, और किनाना में से क़ुरैश को चुन लिया, तथा क़ुरैश में से बनू हाशिम को चुन लिया, एवं बनू हाशिम में से मुझे चुन लिया, और मैं आदम की संतान का सरदार हूँ, लेकिन मैं गर्व नहीं करता हूँ। सबसे पहले मेरी ही क़ब्र खुलेगी, सबसे पहले मैं ही सिफ़ारिश करूँगा और सबसे पहले मेरी ही सिफ़ारिश क़बूल की जाएगी।

वासिला बिन असक़ा (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः “अल्लाह ने इसमाईल की संतानों में से किनाना को चुन लिया, और किनाना में से क़ुरैश को चुन लिया, तथा क़ुरैश में से बनू हाशिम को चुन लिया, एवं बनू हाशिम में से मुझे चुन लिय…

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#10860HadeethEnc[सह़ीह़]

मेरे पाँच नाम हैंः मैं मुह़म्मद और अह़मद हूँ; मैं माह़ी (मिटाने वाला) हूँ, जिसके द्वारा अल्लाह कुफ्र को मिटाएगा; मैं हाशिर हूँ, जिसके बाद लोगों को क़ब्रों से उठाया जाएगा और मैं आक़िब हूँ (जिसके बाद कोई नबी नहीं होगा)।

जुबैर बिन मुतइम (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः “मेरे पाँच नाम हैंः मैं मुह़म्मद और अह़मद हूँ; मैं माह़ी (मिटाने वाला) हूँ, जिसके द्वारा अल्लाह कुफ्र को मिटाएगा; मैं हाशिर हूँ, जिसके बाद लोगों को क़ब्रों से उठाया…

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