افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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भाग्य एवं नियति पर ईमान

12 hadeeths in this category
#3159HadeethEnc[ह़सन]

''मोमिन पुरुष एवं मोमिन स्त्री के साथ परीक्षाएँ सदा लगी रहती हैं; उसकी जान, उसकी संतान और उसके माल में। ताकि वह अल्लाह से मिले और उसपर कोई गुनाह न हो।''

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#3160HadeethEnc[सह़ीह़]

अगर तुम चाहो, तो सब्र करो, तुम्हें जन्नत मिलेगी और अगर चाहो, तो मैं अल्लाह से तुम्हारे लिए स्वास्थ्य लाभ की दुआ कर दूँ।

अब्दुल्लाह बिन अब्बास- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से रिवायत है कि उन्होंने अता बिन अबू रबाह से कहाः क्या मैं तुम्हें जन्नती स्त्रियों में से एक स्त्री न दिखाऊँ? अता कहते हैं कि मैंने कहाः अवश्य दिखाएँ। उन्होंने कहाः यह काली-कलोटी स्त्री, नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास…

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#3339HadeethEnc[सह़ीह़]

निश्चय ही बड़ा बदला बड़ी परीक्षा के साथ है। जब अल्लाह किसी समुदाय से प्रेम करता है, तो उसकी परीक्षा लेता है। अतः, जो अल्लाह के निर्णय से संतुष्ट रहेगा, उससे अल्लाह प्रसन्न होगा और जो असंतुष्टी दिखाएगा, उससे अल्लाह नाराज रहेगा

अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अनहु) रिवायत करते हैं कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फरमाया : निश्चय ही बड़ा बदला बड़ी परीक्षा के साथ है। जब अल्लाह किसी समुदाय से प्रेम करता है, तो उसकी परीक्षा लेता है। अतः, जो अल्लाह के निर्णय से संतुष्ट रहेगा, उससे अल्लाह प…

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#4811HadeethEnc[स़ह़ीह़]

ऐ बच्चे! मैं तुम्हें कुछ बातें सिखाना चाहता हूँ। अल्लाह (के आदेशों और निषेधों) की रक्षा करो, अल्लाह तुम्हारी रक्षा करेगा। अल्लाह (के आदेशों और निषेधों) की रक्षा करो, तुम उसे अपने सामने पाओगे। जब माँगो, तो अल्लाह से माँगो और जब मदद तलब करो, तो अल्लाह से तलब करो

अब्दुल्लाह बिन अब्बास रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है, उन्होंने कहा : मैं एक दिन अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पीछे सवार था कि इसी बीच आपने कहा : "ऐ बच्चे! मैं तुम्हें कुछ बातें सिखाना चाहता हूँ। अल्लाह (के आदेशों और निषेधों) की रक्षा करो, अल्लाह तुम्हारी रक…

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#4849HadeethEnc[स़ह़ीह़]

अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मुसीबत के समय चीख़-चीख़ कर रोने वाली, बाल मुँडवाने वाली और कपड़े फाड़ने वाली औरतों से अपने बरी होने का एलान किया है।

अबू बुरदा बिन अबू मूसा से -रज़ियल्लाहु अनहु- से रिवायत है, वह कहते हैं : अबू मूसा -रज़ियल्लाहु अनहु- बहुत ज़्यादा बीमार हो गए। और (बीमारी इतनी सख़्त थी कि) बेहोश हो गए। उनका सर उनके घर की एक औरत की गोद में था, (जो ऊँची आवाज़ में रो रही थी) और वह (बेहोशी के कारण) उसे कोई…

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#5493HadeethEnc[स़ह़ीह़]

“शक्तिशाली मोमिन कमज़ोर मोमिन के मुकाबले में अल्लाह के समीप अधिक बेहतर तथा प्रिय है, किंतु प्रत्येक के अंदर भलाई है।

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु से वर्णित है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : “शक्तिशाली मोमिन कमज़ोर मोमिन के मुकाबले में अल्लाह के समीप अधिक बेहतर तथा प्रिय है, किंतु प्रत्येक के अंदर भलाई है। जो चीज तुम्हारे लिए लाभदायक हो, उसके लिए तत…

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#5737HadeethEnc[सह़ीह़]

जब तुम्हें धरती के किसी भाग में ताऊन (प्लेग) फैलने का समाचार मिले, तो वहाँ न जाओ और यदि ऐसी जगह फैले जहाँ तुम (पहले से) उपस्थित हो, तो फिर वहाँ से न भागो।

उसामा बिन ज़ैद (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः “जब तुम्…

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#5954HadeethEnc[सह़ीह़]

अगर तुम उहुद पर्वत के बराबर भी सोना खर्च कर दो तो अल्लाह उसे ग्रहण नहीं करेगा, जब तक तक़दीर पर ईमान न रखो और इस बात पर विश्वास न रखो कि जो चीज़ तुम्हें मिलने वाली है, वह तुम्हारे हाथ से निकल नहीं सकती और जो तुम्हें नहीं मिलने वाली, वह तुम्हारे हाथ लग नहीं सकती। अगर तुम इसके सिवा किसी और आस्था पर मरोगे तो जहन्नम में प्रवेश करने वालों में शामिल हो जाओगे।

इब्ने दैलमी कहते हैंः मैं उबै बिन काब के पास आकर बोला कि मेरे दिल में तक़दीर के बारे में थोड़ी-सी खटक है। मुझे कोई हदीस सुनाइए कि अल्लाह इस खटक को मेरे दिल से निकाल दे। उन्होंने कहाः अगर तुम उहुद पर्वत के बराबर भी सोना खर्च कर दो तो अल्लाह उसे ग्रहण नहीं करेगा, जब तक तक…

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#5979HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह ने सबसे पहले क़लम को पैदा किया। फिर उसे लिखने का आदेश दिया तो उसने कहाः ऐ मेरे रब! मैं क्या लिखूँ? अल्लाह ने कहाः क़यामत तक पैदा होने वाली सारी चीज़ों की तक़दीर लिखो।

उबादा बिन सामित (रज़ियल्लाहु अंहु) से रिवायत है कि उन्होंने कहाः ऐ मेरे बेटे! तुम उस समय तक ईमान की मिठास महसूस नहीं कर सकते, जब तक इस बात का विश्वास न रखो कि जो कुछ तुम्हें पहुँचने वाला है, वह तुमसे टल नहीं सकता और जो कुछ तुम्हें नहीं पहुँचने वाला है, वह तुम्हें पहुँच…

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#8317HadeethEnc[सह़ीह़]

आदम तथा मूसा (अलैहिमस्सलाम) के बीच तर्क-वितर्क हो गया। मूसा (अलैहिस्सलाम) ने आदम (अलैहिस्सलाम) से कहा : ऐ आदम! आप हमारे पिता हैं। आपने ही हमें असफ़ल किया तथा जन्नत से निकाला। आदम (अलैहिस्सलाम) ने उनसे कहा : ऐ मूसा! अल्लाह ने तुझे स्वयं अपने से बात करने के लिए चुना और अपने हाथों से तुम्हारे लिए तौरात लिखी। क्या तुम मुझे एक ऐसी बात पर दोष दे रहे हो, जिसे अल्लाह ने मुझे बनाने से चालीस साल पूर्व ही लिख दिया था? इस प्रकार, आदम (अलैहिस्सलाम) ने मूसा (अलैहिस्सलाम) को परास्त कर दिया।

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : “आदम तथा मूसा (अलैहिमस्सलाम) के बीच तर्क-वितर्क हो गया। मूसा (अलैहिस्सलाम) ने आदम (अलैहिस्सलाम) से कहा : ऐ आदम! आप हमारे पिता हैं। आपने ही हमें असफ़ल किया तथा जन्नत से निकाला। आदम…

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#8869HadeethEnc[सह़ीह़]

तुममें से प्रत्येक व्यक्ति का जहन्नम अथवा जन्नत में ठिकाना लिख दिया गया है

अली (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि हम लोग बक़ी-ए- ग़रक़द में एक जनाज़े में थे, तो अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) हमारे पास आए और बैठ गए और हम लोग भी आपके आस- पास बैठ गए। उस समय आपके हाथ में एक छड़ी थी। आप अपना सर झुकाए उससे मिट्टी को खुरचने लगे, फिर फ़रमाया:…

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