तब तुम मुझे गवाह मत बनाओ। क्योंकि मैं किसी अन्याय का गवाह नहीं बनता।
नौमान बिन बशीर -रज़ियल्लाहु अनहुमा- का वर्णन है, वह कहते हैं : उनकी माँ रवाहा की बेटी ने उनके पिता से कहा कि वह उनके बेटे को कुछ भेंट करें। उनके पिता एक साल तक टालते रहे। फिर उनका मन हुआ, तो उनकी (नौमान की) माँ ने कहा : मैं उस समय तक संतुष्ट नहीं हो सकती, जब तक आप अल्ला…
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