افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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मद्यपान की हद (दंड)

8 hadeeths in this category
#2946HadeethEnc[सह़ीह़]

नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास एक व्यक्ति को लाया गया, जिसने शराब पी रखी थी। आपने उसे एक खजूर की शाख़ से लगभग चालीस कोड़े लगवाए।

अनस बिन मालिक - रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास एक व्यक्ति को लाया गय…

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#2954HadeethEnc[सह़ीह़]

शराब हराम की गई, वह पाँच वस्तुओं से बनती थीः अंगूर, खजूर, मधु, गेहूँ और जौ से।

अब्दुल्लाह बिन उमर- रज़ियल्लाहु अंहुमा कहते हैं कि उमर- रज़ियल्लाहु अन्हु- ने अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के मिंबर पर खड़े होकर कहाः ऐ लोगो, शराब हराम की गई है, वह पाँच वस्तुओं से बनती हैः अंगूर, खजूर, मधु, गेहूँ और जौ से। शराब वह है, जो अक़्ल को ढाँप ले।…

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#3262HadeethEnc[सह़ीह़]

नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास एक व्यक्ति लाया गया, जिसने मदिरा पान कर रखा था, तो आपने फरमायाः "इसको मारो।"

अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास एक व्यक्ति लाया गया, जिसने मदिरा पान कर रखा था, तो आपने फरमायाः "इसको मारो।" अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैंः चुनांचे हममें से किसी ने उसे हाथ से मारा, किसी ने जूते से, तो किसी…

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#58254HadeethEnc[सह़ीह़]

नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास एक व्यक्ति को लाया गया, जिसने शराब पी रखी थी। आपने उसे खजूर की दो शाखाओं से लगभग चालीस बार मारा।

अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अंहा) का वर्णन है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास एक व्यक्ति को लाया गया, जिसने शराब पी रखी थी। आपने उसे खजूर की दो शाखाओं से लगभग चालीस बार मारा। वर्णनकर्ता कहते हैं कि अबू बक्र (रज़ियल्लाहु अंहु) ने भी इसी पर अमल किया। फिर जब उमर (र…

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#58258HadeethEnc[सह़ीह़]

जब अल्लाह ने वह आयत उतारी, जिसमें शराब को हराम क़रार दिया है, तो उस समय मदीने में प्रयोग होने वाली सारी शराबें खजूर की होती थीं।

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#58265HadeethEnc[सह़ीह़]

अगर मैं किसी को शरई हद लगाऊँ और वह मर जाए, तो मुझे कोई अफ़सोस न होगा। लेकिन अगर शराबी को हद लगाऊँ और वह मर जाए, तो उसकी दियत (हरजाना) दूँगा। क्योंकि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने उसके बारे में कोई ख़ास हद मुक़र्रर नहीं फरमाई है।

अली बिन अबी तालिब (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, उन्होंने फ़रमाया कि अगर मैं किसी को शरई हद लगाऊँ और वह मर जाए, तो मुझे कोई अफ़सोस न होगा। लेकिन अगर शराबी को हद लगाऊँ और वह मर जाए, तो उसकी दियत (हरजाना) दूँगा। क्योंकि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने उसके…

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#66214HadeethEnc[स़ह़ीह़]

उसपर लानत न भेजो, अल्लाह की क़सम! मुझे मालूम है कि वह अल्लाह और उसके रसूल से प्रेम करता है।

उमर बिन ख़त्ताब रज़ियल्लाहु अन्हु का वर्णन है: नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के ज़माने में एक आदमी था जिसका नाम अब्दुल्लाह था, और उसे हिमार का लक़ब दिया गया था। वह रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को हंसाया करता था, और नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने उसे शराब पीने पर…

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