افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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स्तनपान कराना

9 hadeeths in this category
#4311HadeethEnc[स़ह़ीह़]

‎“‎दूध पीने से वह रिश्ते हराम हो जाते हैं, जो जन्म के कारण से हराम होते हैं।‎”‎

आइशा -रज़ियल्लाहु अनहा- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : ‎“‎दूध पीन…

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#5861HadeethEnc[सह़ीह़]

तुम्हारा विवाह कैसे सही हो सकता है, जबकि उसका दावा है कि उसने तुम दोनों को स्तनपान कराया है?

उक़बा बिन हारिस़ -रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि उन्होंने उम्म-ए-यहया बिंत अबू इहाब से शादी की, तो सौदा की दासी आई और कहने लगी कि मैंने तुम दोनों को स्तनपान कराया है। यह बात मैंने नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को बताई, तो आपने मुझसे मुँह फेर लिया। मैंनें थोड़ा-सा हटकर…

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#6027HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) मेरे पास आए। उस समय मेरे पास एक व्यक्ति था। अतः, आपने पूछा कि ऐ आइशा! यह कौन है? मैंने कहाः यह मेरा दूध-शरीक भाई है (अर्थात हम दोनों ने एक ही महिला से स्तनपान किया था)। तो आपने फ़रमायाः ऐ आइशा! ठीक से देख लो कि कौन तुम्हारा भाई है? क्योंकि उसी दूध से रज़ाअत साबित होती है, जो भूख मिटाए।

आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) कहती हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) मेरे पास आए। उस समय मेरे पास एक व्यक्ति था। अतः, आपने पूछा कि ऐ आइशा! यह कौन है? मैंने कहाः यह मेरा दूध-शरीक भाई है (अर्थात हम दोनों ने एक ही महिला से स्तनपान किया था)। तो आपने फ़रमायाः ऐ आइशा…

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#6077HadeethEnc[सह़ीह़]

यदि वह मेरी गोद में परवरिश न भी पाई होती, तो भी मेरे लिए हलाल न होती। इसलिए कि वह मेरे दूध-शरीक भाई की बेटी है। मुझे और अबू सलमा को सुवैबा ने स्तनपान कराया है। अतः अपनी बेटियों और बहनों को मुझपर पेश न करो।

उम्मे हबीबा बिंत अबू सुफ़यान (रज़ियल्लाहु अनहुमा) कहती हैं कि मैंने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल! आप मेरी बहन अर्थात अबू सुफ़यान की बेटी से निकाह कर लें। आपने फ़रमायाः क्या तुम इसे पसंद करती हो? मैंने कहाः हाँ। ऐसा तो है नहीं कि केवल मैं ही आपकी पत्नी हूँ! मुझे यह अच्छा लगेगा…

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#6162HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने हमज़ा (रज़ियल्लाहु अनहु) की बेटी के बारे में फ़रमायाः वह मेरे लिए हलाल नहीं है। स्तनपान से भी वह रिश्ते हराम हो जाते हैं, जो नसब (वंश) से हराम होते हैं। वह मेरे दूध शरीक- भाई की बेटी है।

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#58174HadeethEnc[सह़ीह़]

एक दो बार दूध पीने से हुरमत सिद्ध नहीं होती।

आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) कहती हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "एक दो बार दूध प…

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#58175HadeethEnc[सह़ीह़]

उसे दूध पिला दो, तुम उसपर हराम हो जाओगी और अबू हुज़ैफ़ा के दिल में जो बात है, वह ख़त्म हो जाएगी।

आइशा (रज़ियल्लाहु अंहु) का वर्णन है कि अबू हुज़ैफ़ा के 'मौला' (अर्थात उनके मुक्त किए हुए दास) सालिम अबू हुज़ैफ़ा तथा उनके परिवार के साथ उन्हीं के घर में रहते थे। अतः, अबू ह़ुज़ैफ़ा की पत्नी (जो सुहैल की बेटी थीं) नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आईं और कहने लगींः स…

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#58176HadeethEnc[सह़ीह़]

क़ुरआन की जो आयतें उतारी गई थीं, उनमें से एक आयत थीः "दस बार दूध पीने से, जो मालूम हों, हुरमत साबित होती है।" फिर यह आयत मनसूख़ (निरस्त) हो गई और पाँच बार दूध पीने की बात कही गई, जो मालूम हों। अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की जब मृत्यु हुई, तो ये शब्द क़ुरआन में मौजूद थे और पढ़े जा रहे थे।

आइश (रज़ियल्लाहु अंहा) कहती हैंः क़ुरआन की जो आयतें उतारी गई थीं, उनमें से एक आयत थीः "दस बार दूध पीने से, जो मालूम हों, हुरमत साबित होती है।" फिर यह आयत मनसूख़ (निरस्त) हो गई और पाँच बार दूध पीने की बात कही गई, जो मालूम हों। अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की…

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#58177HadeethEnc[सह़ीह़]

दूध पीने से हुरमत उसी समय सिद्ध होती है, जब दूध अंतड़ियों तक पहुँचे और उन्हें सैराब करने का कार्य करे और दूध पिलाने का कार्य दूध छुड़ाने से पहले हुआ हो।

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