افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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लिआन (पति-पत्नी की ओर से अपने बारे में क़सम से साथ दी गई ऐसी गवाहियाँ, जिनमें पति की ओर से लानत तथा पत्नी की ओर से अल्लाह के क्रोध की बद-दुआ हो)

12 hadeeths in this category
#5855HadeethEnc[सह़ीह़]

मेरी पत्नी ने काला बच्चा जना है! नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : "क्या तुम्हारे पास ऊँट है?" कहा : हाँ। फ़रमाया : "उसका रंग कैसा है?" कहा : लाल। फ़रमाया : "उसमें कोई खाकी रंग का ऊँट है?" कहा : हाँ। फ़रमाया : "वह कहाँ से आया?" कहाः संभवत : ऐसा अनुवंशिक कारणों से हुआ हो। फ़रमाया : "हो सकता है कि तेरे बेटे का रंग भी अनुवंशिक कारणों से काला हुआ हो।"

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अन्हु- से वर्णति है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास एक देहाती आया और कहने लगा : ऐ अल्लाह के रसूल, मेरी पत्नी ने काला बच्चा जना है! नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : "क्या तुम्हारे पास ऊँट है?" कहा : हाँ। फ़रमाया : "उ…

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#5916HadeethEnc[सह़ीह़]

क्या तुम्हें पता है कि मुजज़्ज़िज़ ने अभी-अभी ज़ैद बिन हारिसा और उसामा बिन ज़ैद को देखा और कहा कि यह क़दम एक-दूसरे से संबंध रखते हैं।

आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) उनके पास इस तरह प्रसन्न होकर आए कि आपके चेहेर की धारियाँ चमक रही थीं तथा फ़रमायाः क्या तुम्हें पता है कि मुजज़्ज़िज़ ने अभी-अभी ज़ैद बिन हारिसा और उसामा बिन ज़ैद को देखा और कहा कि यह क़दम ए…

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#6024HadeethEnc[सह़ीह़]

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के जीवनकाल में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर व्यभिचार का आरोप लगाया और उसके बच्चे को अपनी संतान मानने से इनकार कर दिया। अतः, अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के आदेश पर, दोनों ने क़ुरआन के बताए हुए तरीक़े के मुताबिक़ एक-दूसरे पर लानत की। फिर आपने बच्चे को औरत के हवाले कर दिया और दोनों को अलग-अलग कर दिया।

अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्लाहु अंहुमा) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के जीवनकाल में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर व्यभिचार का आरोप लगाया और उसके बच्चे को अपनी संतान मानने से इनकार कर दिया। अतः, अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के आदेश पर,…

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#6025HadeethEnc[सह़ीह़]

"अब उसपर तुम्हारा कोई अधिकार नहीं रहा।" उस पुरुष ने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल! मेरा धन? आपने फ़रमायाः "तुम्हें (महर के रूप में दिया हुआ) तुम्हारा धन वापस नहीं मिलेगा। यदि तुमने उसके बारे में सच कहा है तो तुमने उस धन से उसकी शर्मगाह (गुप्तांग) को हलाल किया था और यदि झूठ कहा है तो वह तुमसे, उससे भी कहीं अधिक दूर है।"

अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्लाहु अंहुमा) से मरफूअन वर्णित है कि अमुक के बेटे अमुक ने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल! इस मामले में आपका क्या ख़याल है कि यदि हम में से कोई अपनी पत्नी को व्यभिचार करते हुए पाए तो वह क्या करे? यदि कुछ कहता है तो बहुत बड़ी बात कहता है और यदि ख़ामोश रहत…

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#6160HadeethEnc[सह़ीह़]

बच्चा बिसतर वाले का है और व्यभिचारी के लिए पत्थर है।

आइशा (रज़ियल्लाहु अनहा) कहती हैं कि साद बिन अबू वक़्क़ास और अब्द बिन ज़मआ (रज़ियल्लाहु अनहुमा) एक बालक को लेकर झगड़ पड़े। साद (रज़ियल्लाहु अनहु) ने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल! यह मेरे भाई उतबा बिन अबू वक़्क़ास का बेटा है। उसने मुझे बताया है कि यह उसका बेटा है । जबकि अब्द बिन…

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#6376HadeethEnc[सह़ीह़]

जिसने अपने पिता के सिवा किसी की ओर अपने आपको मन्सूब किया, जबकि वह जानता है कि वह उसका पिता नहीं है, तो उसपर जन्नत हराम है।

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#6377HadeethEnc[सह़ीह़]

अपने पिता से विमुख न हो, क्योंकि अपने पिता से विमुख होना कुफ़्र है।

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#58156HadeethEnc[सह़ीह़]

उसकी पत्नी पर नज़र रखो, अगर वह गोरा-चिट्टा, सीधे बालों और लाल आँखों वाला बच्चा जनती है, तो वह हिलाल बिन उमय्या का है और अगर सुरमई आँखों, घुंघराले बालों और पतली पिंडलियों वाला बच्चा जनती है, तो वह शरीक बिन सहमा का है।

हिलाल बिन उमय्या ने अपनी पत्नी पर शरीक बिन सहमा के साथ व्यभिचार का आरोप लगाया। हिलाल बिन उमय्या बरा बिन मालिक के माँ शरीक भाई थे और 'लेआन' करने वाले पहले मुसलमान थे। वर्णनकर्ता कहते हैंः उन्होंने अपनी पत्नी से 'लेआन' कर लिया, तो अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम)…

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#58157HadeethEnc[सह़ीह़]

उवैमिर अजलानी, आसिम बिन अदी अंसारी के पास आए और उनसे कहाः ऐ आसिम, आप उस व्यक्ति के बारे में क्या कहते हैं, जो अपनी पत्नी के साथ किसी को पाए? क्या वह उसका वध कर दे तो आप लोग भी उसका वध कर देंगे या वह और क्या करे? ऐ आसिम, इस संबंध में आप मेरे लिए अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से पूछें।

इब्ने शिहाब से रिवायत है कि सह्ल बिन साद साइदी (रज़ियल्लाहु अंहु) ने उन्हें बतायाः उवैमिर अजलानी आसिम बिन अदी अंसारी के पास आए और उनसे कहाः ऐ आसिम, आप उस व्यक्ति के बारे में क्या कहते हैं, जो अपनी पत्नी के साथ किसी को पाए? क्या वह उसका वध कर दे तो आप लोग भी उसका वध कर द…

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#58160HadeethEnc[इसकी सनद ह़सन है।]

जब किसी ने क्षण भर के लिए भी अपने बच्चे का इक़रार कर लिया, तो वह उसका इनकार नहीं कर सकता।

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#58217HadeethEnc[सह़ीह़]

मैं अपने पिता के साथ नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास गया। फिर अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मेरे पिता से फ़रमाया : “क्या यह तुम्हारा बेटा है?” उन्होंने कहा : हाँ, काबा के रब की क़सम।

अबू रिमस़ा -रज़ियल्लाहु अन्हु- से वर्णित है, वह कहते हैं कि मैं अपने पिता के साथ नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास गया। फिर अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मेरे पिता से फ़रमाया : “क्या यह तुम्हारा बेटा है?” उन्होंने कहा : हाँ, काबा के रब की क़सम। आपने फ…

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#58242HadeethEnc[सह़ीह़]

हिलाल बिन उमैया -रज़ियल्लाहु अन्हु- ने नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के सामने अपनी पत्नी पर शरीक बिन सहमा के साथ कुकर्म करने का आरोप लगाया, तो अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “तुम (चार) गवाह पेश करो, वरना तुम्हारी पीठ पर मिथ्या आरोप लगाने की सज़ा के तौर पर कोड़े लगाए जाएँगे।”

अब्दुल्लाह बिन अब्बास -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से रिवायत है कि हिलाल बिन उमैया -रज़ियल्लाहु अन्हु- ने नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के सामने अपनी पत्नी पर शरीक बिन सहमा के साथ कुकर्म करने का आरोप लगाया, तो अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “तुम (चार)…

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