पूरा वज़न करके और डंडी झुकाकर दे
अबू सफ़वान सुवैद बिन क़ैस- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि मैं और मख़रमा अबदी ने हजर- एक स्थान का नाम- से कपड़ा मँगवाया तो अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) हमारे पास आए और कुछ पाजामों का मोल-तोल किया। मेरे पास एक वज़न करने वाला था, जो मज़दूरी लेकर वज़न करता था। अ…

