افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم. افتتاح البرنامج الدعوي السبت القادم، ٩ / ٣ / ١٤٤٨هـ بعد صلاة الفجر مباشرة مسجد محمد بن إبراهيم، الجامعة الإسلامية بالمدينة المنورة فضيلة الشيخ د. هيثم بن محمد سرحان دورة اليوم الواحد، وختم كتاب كل سبت بإذن الله حياكم الله ونفع بكم.
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सहाबा रज़ियल्लाहु अनहुम की फ़ज़ीलतें

12 hadeeths in this category
#3024HadeethEnc[स़ह़ीह़]

मैं अच्छी तरह जानता हूँ कि तू एक पत्थर है। न हानि पहुँचा सकता है और न लाभ दे सकता है। यदि मैंने नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को तुझे चूमते न देखा होता, तो मैं तुझे न चूमता।

उमर -रज़ियल्लाहु अनहु- से वर्णित है कि वह हजर-ए-असवद के पास आए, उसे चूमा और फ़रमाया : मैं अच्छी तरह जानता हू…

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#3155HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ अमीरुल मोमेनीन, अल्लाह तआला ने अपने नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से कहा हैः "خذ العفو وأمر بالعرف وأعرض عن الجاهلين" (अर्थात्, क्षमा करते रहें, भली बात का आदेश दें और अज्ञानियों से मुँह फेर लें।) और यह अज्ञानियों में हैं।

अब्दुल्लाह बिन अब्बास- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- कहते हैंः उययना बिन हिस्न आया और अपने भतीजे हुर्र बिन क़ैस के पास ठहरे। हुर्र बिन क़ैस उन लोगों में शामिल थे, जिन्हें उमर- रज़ियल्लाहु अन्हु- अपने निकट रखा करते थे। उमर- रज़ियल्लाहु अन्हु- के पास बैठने वाले उलमा ही हुआ करते थे…

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#3347HadeethEnc[स़ह़ीह़]

मैं अल्लाह के निकट इस बात से बरी होने का एलान करता हूँ कि तुममें से कोई मेरा 'ख़लील' (अनन्य मित्र) हो। क्योंकि अल्लाह ने जैसे इबराहीम को 'ख़लील' बनाया था, वैसे मुझे भी 'ख़लील' बना लिया है

जुंदुब रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं : मैंने नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को मृत्यु से पाँच दिन पहले कहते सुना है : "मैं अल्लाह के निकट इस बात से बरी होने का एलान करता हूँ कि तुममें से कोई मेरा 'ख़लील' (अनन्य मित्र) हो। क्योंकि अल्लाह ने जैसे इबराहीम को 'ख़ल…

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#3438HadeethEnc[स़ह़ीह़]

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अंसार के बारे में फ़रमाया : "उनसे वही प्रेम करेगा, जो मोमिन होगा और उनसे वही द्वेष रखेगा, जो मुनाफ़िक़ होगा। जो उनसे प्रेम करेगा, अल्लाह उससे प्रेम करेगा और जो उनसे द्वेष रखेगा, अल्लाह उससे द्वेष रखेगा।

बरा रज़ियल्लाहु अनहु से रिवायत है कि : अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अंसार के बारे में फ़रमाया : "उनसे वही प्रेम करेगा, जो मोमिन होगा और उनसे वही द्वेष रखेगा, जो मुनाफ़िक़ होगा। जो उनसे प्रेम करेगा, अल्लाह उससे प्रेम करेगा और जो उनसे द्वेष रखेगा, अल्लाह उससे…

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#3576HadeethEnc[सह़ीह़]

ऐ हारिसा की माता, जन्नत में बहुत- सी श्रेणियाँ हैं और तुम्हारे बेटे ने उसकी सबसे ऊँची श्रेणी अल-फ़िरदौस प्राप्त कर ली है।

अनस- रज़ियल्लाहु अन्हु- से रिवायत है कि उम्मे रुबैयी बिंत बरा जो हारिसा बिन सुराक़ा की माँ हैं, अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आईं और बोलींः ऐ अल्लाह के रसूल, क्या आप मुझे हारिसा के बारे में- जो बद्र के दिन मारे गए थे- नहीं बताएँगे? यदि वह जन्नत में है…

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#3597HadeethEnc[सह़ीह़]

कुछ लोग अल्लाह के नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आए और कहा कि हमारे साथ कुछ लोगों को भेजें, जो हमें क़ुरआन और सुन्नत सिखाएँ। अतः आपने उनकी ओर सत्तर अंसारियों को भेजा, जिन्हें 'अल-क़ुर्रा' (क़ुरआन पढ़ने वाले) कहा जाता था। उनमें मेरे मामा ह़राम भी शामिल थे।

अनस- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैंः कुछ लोग अल्लाह के नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आए और कहा कि हमारे साथ कुछ लोगों को भेजें, जो हमें क़ुरआन और सुन्नत सिखाएँ। अतः आपने उनकी ओर सत्तर अंसारियों को भेजा, जिन्हें 'अल-क़ुर्रा' (क़ुरआन पढ़ने वाले) कहा जाता था। उनमें मे…

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#3915HadeethEnc[सह़ीह़]

अगर मैं अपने इन खुजूरों को खाने तक जीवित रहा तो यह बड़ा लंबा जीवन होगा। अतः, अपने पास मौजूद खुजूरों को फेंक दिया और मुश्रिकों से लड़ने लगे, यहाँ तक कि मारे गए।

अनस- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) और आपके साथी चले, यहाँ तक कि मुश्रिकों से पहले ही बद्र पहुँच गए। उसके बाद मुश्रिकजन भी आ गए। ऐसे में, अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः तुममें से कोई मुझसे पहले किसी वस्तु…

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#4958HadeethEnc[स़ह़ीह़]

मैं यह झंडा एक ऐसे व्यक्ति को दूँगा, जो अल्लाह और उसके रसूल से प्यार करता हो और अल्लाह उसके हाथों विजय प्रदान करेगा।

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "मैं यह झंडा एक ऐसे व्यक्ति को दूँगा, जो अल्लाह और उसके रसूल से प्यार करता हो और अल्लाह उसके हाथों विजय प्रदान करेगा।" उमर बिन ख़त्ताब (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि मुझे उस…

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#5825HadeethEnc[सह़ीह़]

यदि तुम्हें मालूम हो जाता कि महान अल्लाह के निकट तुम्हारे लिए क्या रखा है, तो तुम चाहते कि तुम्हारी निर्धनता तथा हाजतमंदी और बढ़ जाए।

फ़ज़ाला बिन उबैद (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब लोगों को नमाज़ पढ़ाते, तो कुछ लोग (जो दरअसल सुफ़्फ़ा वाले थे) भूख के कारण गिर पड़ते, यहाँ तक कि देहात वाले कहने लगते : ये पागल लोग हैं। ऐसे में जब आप नमाज़ पढ़ लेते, तो उनक…

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#6178HadeethEnc[सह़ीह़]

एक व्यक्ति सूरा कह्फ़ पढ़ रहा था और उसके निकट ही एक घोड़ा रस्सियों से बंधा हुआ था।

बरा बिन आज़िब (रज़ियल्लाहु अनहुमा) का वर्णन है, वह कहते हैंः एक व्यक्ति सूरा कह्फ़ पढ़ रहा था और उसके निकट ही एक घोड़ा रस्सियों से बंधा हुआ था। अल्लाह का करना कि एक बादल ने उसे ढाँप लिया और धीरे-धीरे उसके निकट आने लगा तथा उसका घोड़ा उससे बिदकने लगा। जब सुब्ह हुई और वह अ…

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#6212HadeethEnc[सह़ीह़]

तुझे दाऊद वंश की बाँसुरियों में एक बाँसुरी दी गई है

अबू मूसा अशअरी (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः तुझे दाऊद वंश की बाँसुरियों में से एक बाँसुरी दी गई है। मुस्लिम की एक रिवायत में है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने उनसे फ़रमायाः काश! तुम ने मुझे उस समय…

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