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अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम सभी हालतों में अल्लाह का ज़िक्र (गुणगान) किया करते थे।
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Hadeeth text
आइशा रज़ियल्लाहु अनहा का वर्णन है, वह कहती हैं : अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम सभी हालतों में अल्लाह का ज़िक्र (गुणगान) किया करते थे।
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Explanation
मोमिनों की माता आइशा रज़ियल्लाहु अनहा कहती हैं कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम अल्लाह के ज़िक्र के प्रति बहुत ज़्यादा उत्सुक रहा करते थे। आप हर समय, हर स्थान और हर हालत में अल्लाह का ज़िक्र किया करते थे।
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Benefits
अल्लाह के ज़िक्र के लिए छोटी और बड़ी नापाकी से पाक होना शर्त नहीं है।
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पाबंदी से अल्लाह का ज़िक्र किया करते थे।
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पद्चिह्नों पर चलते हुए सभी अवस्थाओं में अधिक से अधिक अल्लाह का ज़िक्र करने की प्रेरणा, उन हालतों को छोड़कर जिन हालतों में ज़िक्र करना मना है। जैसे शौच करने की हालत।
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पाबंदी से अल्लाह का ज़िक्र किया करते थे।
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पद्चिह्नों पर चलते हुए सभी अवस्थाओं में अधिक से अधिक अल्लाह का ज़िक्र करने की प्रेरणा, उन हालतों को छोड़कर जिन हालतों में ज़िक्र करना मना है। जैसे शौच करने की हालत।
Attribution
[इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है]
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