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“संदेह में डालने वाली चीज़ों को छोड़कर संदेह में न डालने वाली चीज़ों को अपनाओ।
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Hadeeth text
अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के नवासे और प्रिय हसन बिन अली बिन अबू तालिब -रज़ियल्लाहु अनहुमा- कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से यह बात याद की है : “संदेह में डालने वाली चीज़ों को छोड़कर संदेह में न डालने वाली चीज़ों को अपनाओ।"
02
Explanation
अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने ऐसी बातें कहने और ऐसे कार्य करने से दूर रहने का आदेश दिया है, जिनके बारे में संदेह हो कि वो निषिद्ध हैं या नहीं? हलाल हैं या हराम? इन्सान को ऐसी बातें और ऐसे कार्य करने चाहिए, जिनके अच्छे और हलाल होने का विश्वास हो।
03
Benefits
मुसलमान पर लाज़िम है कि अपने तमाम मामलात की बुनियाद यक़ीन पर रखे और सूझ-बूझ एवं आगही के साथ दीन पर अमल करे।
संदिग्ध चीज़ों में पड़ने की मनाही।
अगर आप इत्मीनान और सुकून चाहते हैं, तो संदिग्ध चीज़ों से बचें।
अल्लाह सर्वशक्तिमान अपने बन्दों के प्रति दयालु और कृपालु है, क्योंकि उसने उन्हें ऐसे काम करने का आदेश दिया है जो मन और दिल को शांति प्रदान करते हैं और उन्हें ऐसे काम करने से मना किया है जो बेचैनी और भ्रम का कारण बनते हैं।
संदिग्ध चीज़ों में पड़ने की मनाही।
अगर आप इत्मीनान और सुकून चाहते हैं, तो संदिग्ध चीज़ों से बचें।
अल्लाह सर्वशक्तिमान अपने बन्दों के प्रति दयालु और कृपालु है, क्योंकि उसने उन्हें ऐसे काम करने का आदेश दिया है जो मन और दिल को शांति प्रदान करते हैं और उन्हें ऐसे काम करने से मना किया है जो बेचैनी और भ्रम का कारण बनते हैं।
Attribution
[इसे तिर्मिज़ी एवं नसई ने रिवायत किया है]
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