क्या तुममें से किसी को यह पसंद है कि जब वह अपने परिवार की ओर लौटे, तो वहाँ तीन बड़ी-बड़ी और मोटी-मोटी गाभिन ऊँटनियाँ पाए?
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अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु से वर्णित है, उन्होंने कहा कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "क्या तुममें से किसी को यह पसंद है कि जब वह अपने परिवार की ओर लौटे, तो वहाँ तीन बड़ी-बड़ी और मोटी-मोटी गाभिन ऊँटनियाँ पाए?" हमने कहा : अवश्य ही। आपने कहा : "अपनी नमाज़ में तुममें से किसी का तीन आयतें पढ़ना, उसके लिए तीन बड़ी-बड़ी और मोटी-मोटी गाभिन ऊँटनियों से बेहतर है।"
Explanation
Benefits
अच्छे कार्य दुनिया की नश्वर चीज़ों से उत्तम हैं।
यह फ़ज़ीलत (महत्व) केवल तीन आयतों को पढ़ने ही के साथ जुड़ा हुआ नहीं है। इन्सान अपनी नमाज़ में जितनी ज़्यादा आयतें पढ़ेगा, उसका सवाब उतना ही बढ़ता चला जाएगा।
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