जिसने नमाज़ पढ़ने से पहले क़ुरबानी कर ली, वह उसके स्थान पर दूसरी क़ुरबानी करे और जिसने क़ुरबानी नहीं की, वह अल्लाह के नाम से क़ुरबानी करे।
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Hadeeth text
जुंदुब बिन अब्दुल्लाह (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैं कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने क़ुरबानी के दिन नमाज़ के पश्चात ख़ुतबा दिया, फिर क़ुरबानी की और फ़रमायाः "जिसने नमाज़ पढ़ने से पहले क़ुरबानी कर ली, वह उसके स्थान पर दूसरी क़ुरबानी करे और जिसने क़ुरबानी नहीं की, वह अल्लाह के नाम से क़ुरबानी करे।"
Explanation
यह हदीस इस बात का भी प्रमाण है कि क़ुरबानी का जानवर जबह करने का समय नमाज़ समाप्त होने से आरंभ होता है, नमाज़ के समय और इमाम के ज़बह करने से नहीं। हाँ, यदि किसी पर ईद की नमाज़ वाजिब न हो, जैसे मुसाफ़िर आदि, तो उसकी बात अलग है।
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