अत्याचार क़यामत के दिन अंधेरा ही अंधेरा होगा।
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अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्लाहु अंहु) नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से रिवायत करते हुए कहते हैंः "अत्याचार क़यामत के दिन अंधेरा ही अंधेरा होगा।"
जाबिर (रज़ियल्लाहु अंहु) नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से रिवायत करते हुए कहते हैंः "अत्याचार से बचो, क्योंकि अत्याचार क़यामत के दिन अंधेरा ही अंधेरा होगा। तथा कंजूसी से बचो, क्योंकि इसीने तुम्हारे पूर्वजों का विनाश किया है।"
Explanation
जबकि दूसरी हदीस में आपके शब्दों : "लालच (कंजूसी) से बचो, क्योंकि इसीने तुम्हारे पूर्वजों का विनाश किया है" द्वारा कंजूसी से सावधान किया गया है और यह बताया गया है कि जब समाज के अंदर लालच व्यापक रूप से फैल जाए, तो यह उसके विनाश की निशानी है। क्योंकि इसी के कारण अत्याचार, सरकशी, द्वेष तथा रक्तपात का बाज़ार गर्म होता है।
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