الوقاية
व्यभिचार, यौन विकृति एवं अनैतिकता से बचने के लिए मुसलमानों की सहायता करने वाले कुछ अति महत्वपूर्ण इस्लामी तरीके
اللغة الهندية
हिंदी भाषा
| महिलाओं को हिजाब पहनने का आदेश देना, और उनके साथ मधुर स्वर में बात न करना, या उनके साथ अकेले में न रहना, या उनसे हाथ न मिलाना, अथवा उनके साथ मेलजोल न रखना।
|
नज़रें नीची रखना, तथा महिलाओं की उपस्थिति वाले स्थानों से दूर रहना; जैसे बाज़ार, एवं अजनबी महिलाओं के साथ अकेले में न रहना।
|
भोजन एवं पेय को कम करना, क्योंकि इससे यौन इच्छा कमजोर होती है।
|
जैसे ही विवाह की क्षमता हो, तुरंत विवाह कर लेना। यदि यह संभव न हो, तो रोज़ा रखना, “क्योंकि यह वासना को नियंत्रित करता है”। इस ह़दीस़ को बुख़ारी व मुस्लिम ने रिवायत किया है।
|
“योनि एवं मुख की वासना से संबंधित सभी बातों से बचना, और सभाओं को अश्लील बातों तथा कार्यों से शुद्ध रखना।” | भक्त के मन में यह बात सदा रहनी चाहिए कि यदि वह अल्लाह के लिए पाप करना छोड़ देगा तो अल्लाह उस को उस से अच्छा बदला देगा, जैसाकि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की ह़दीस़ हैः “तुम अल्लाह के लिए किसी चीज़ को छोड़ोगे तो अल्लाह उसके बदले में तुम्हें उससे अच्छी चीज़ प्रदान करेगा”। इस ह़दीस़ को अह़मद ने रिवायत किया है। | अल्लाह का तक़्वा अपनाना एवं अधिकाधिक अल्लाह से प्रार्थना करना, जैसाकि यूसुफ़ अलैहिस्सलाम ने किया थाः ﴿ﮒ ﮓ ﮔ ﮕ ﮖ ﮗ﴾ (अनुवादः यदि तू ने मुझ से इन के छल को दूर नहीं किया तो मैं इनकी ओर झुक पड़ूँगा)। सूरह यूसुफ़ः 33।
|
| (7) | (6) | (5) | (4) | (3) | (2) | (1) |
| व्यभिचार, यौन विकृति एवं अनैतिकता से बचने के लिए मुसलमानों की सहायता करने वाले कुछ अति महत्वपूर्ण इस्लामी तरीके:
|
||||||
| (14) | (13) | (12) | (11) | (10) | (9) | (8) |
| बुराई को नकारने की प्रथा को बनाए रखना, भले ही यह उसके सबसे निम्नतम स्तर पर क्यों न हो, जो कि दिल से नकारना है; क्योंकि इसमें दिल को जीवित रखने और उसे भलाई की ओर ले जाने की प्रेरणा मिलती रहती है।”
|
मोबाइल एवं कंप्यूटर को ऐसे स्थान पर रखना जहाँ अन्य लोग भी देख सकें; क्योंकि एकांत में मनुष्य कमजोर पड़ जाता है, जैसा कि पूर्व में उल्लेख किया जा चुका है।
|
उन साधनों से बचना जो वासना को बढ़ाते हैं तथा बुराई की ओर ले जाते हैं, जैसे कि नवीनतम इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं उनमें मौजूद ऐप्स तथा कार्यक्रम। | मन को लाभदायक चीज़ों में व्यस्त रखना, तथा खाली बैठे रहने से बचना, इस कारण से कि खाली बैठना घातक होता है; क्योंकि इसमें बुराई की ओर उकसाने वाले कारक एवं शैतान को, बुराई के लिए प्रेरित करने का अधिक अवसर मिलता है। | नियम (जैसा करोगे वैसा भरोगे) को सदा याद रखना; क्योंकि व्यभिचार एक ऋण है जिसे चुकाना ही होगा।
|
उन नेक लोगों की संगति में रहना जो भलाई का आदेश देते हैं एवं बुराई से रोकते हैं, तथा उन दुष्ट लोगों से बचना जो बुराई की ओर बुलाते हैं। | सूरह यूसुफ़ एवं यूसुफ़ अलैहिस्सलाम की कहानी पढ़ना, उस पर विचार करना, इसी प्रकार क़ुरआन एवं सुन्नत की बाकी कहानियों तथा नेक पूर्वजों की जीवनियों पर भी विचार करना। |