Free Downloadवो अधिकार जो नैसधगिक रूप से होने चाहहयें तथा शरीअत ने भी उन्हें अनुमोहित ककया है
“वो अधिकार जो नैसर्गिक रूप से होने चाहियें तथा शरीअत ने भी उन्हें अनुमोदित किया है” लेखकः मोह़म्मद बिन स़ालेह़ उस़ैमीन रह़िमहुल्लाह नैसर्गिक एवं प्राकृतिक अधिकारों का सारांशः हिंदी भाषा में अनुवादित एक पुस्तिका ..... जिसका संक्षिप्तकरण डॉक्टर शैख़ हैस़म सरह़ान ने, अल्लामा इब्ने उस़ैमीन रह़िमहुल्लाह की “नैसर्गिक एवं प्राकृतिक अधिकार” नामक पुस्तक से किया…


